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Bareilly News: राजस्थान और पंजाब तक फैला है ठगों का नेटवर्क
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बरेली। अग्निवीर भर्ती में मेडिकल परीक्षण में पास कराने के नाम पर ठगी का नेटवर्क दूसरे राजस्थान और पंजाब तक फैला है। एसपी सिटी मानुष परीक ने बताया कि आरोपी राजेश तिवारी के फोन की डिटेल से यह जानकारी मिली है। आरोपी की पंजाब के फिरोजपुर में सेना के एक हवलदार से फोन कॉल पर लंबी बातें हुई हैं। उसके पास से जबलपुर सैन्य मुख्यालय के नाम की मुहर भी मिली है जो संभवत: फर्जी प्रतीत हो रही है।
एसपी सिटी के मुताबिक, प्रादेशिक सेना, डाक सेवकों की भर्ती के कई नियुक्ति पत्र उसके पास से मिले हैं। बरेली के दो लोगों से मेडिकल में दोबारा पास कराने के नाम पर ठगी का मामला प्रकाश में आया है। वहीं, करीब 17 अन्य लोगों से ठगी का प्रमाण आरोपी के फोन से मिल रहा है। आरोपी इंटरनेट का भी मास्टर है। उसने चैट जीपीटी से कई बार जबलपुर सैन्य मुख्यालय के कागजों को बरेली मुख्यालय के कागजों में बदला है।
सेना में थे पिता तो सीखा फौजी रहन-सहन
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह मूल रूप से सुल्तानपुर जिले का निवासी है। उसके पिता सेना में हवलदार थे। बचपन से फौजियों का रहन सहन व बात करने का तरीका देख रहा है तो उसे भी फौज की नौकरी भाने लगी। हालांकि काफी प्रयास के बाद भी उसे नौकरी नहीं मिली तो उसने जबलपुर में सैन्य भर्ती का प्रशिक्षण देने की कोचिंग खोल ली। उसने बताया कि वर्ष 2016 से वह ठगी के धंधे में है। लखनऊ में उसका प्रापर्टी का काम भी है।
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एसपी सिटी के मुताबिक, प्रादेशिक सेना, डाक सेवकों की भर्ती के कई नियुक्ति पत्र उसके पास से मिले हैं। बरेली के दो लोगों से मेडिकल में दोबारा पास कराने के नाम पर ठगी का मामला प्रकाश में आया है। वहीं, करीब 17 अन्य लोगों से ठगी का प्रमाण आरोपी के फोन से मिल रहा है। आरोपी इंटरनेट का भी मास्टर है। उसने चैट जीपीटी से कई बार जबलपुर सैन्य मुख्यालय के कागजों को बरेली मुख्यालय के कागजों में बदला है।
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सेना में थे पिता तो सीखा फौजी रहन-सहन
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह मूल रूप से सुल्तानपुर जिले का निवासी है। उसके पिता सेना में हवलदार थे। बचपन से फौजियों का रहन सहन व बात करने का तरीका देख रहा है तो उसे भी फौज की नौकरी भाने लगी। हालांकि काफी प्रयास के बाद भी उसे नौकरी नहीं मिली तो उसने जबलपुर में सैन्य भर्ती का प्रशिक्षण देने की कोचिंग खोल ली। उसने बताया कि वर्ष 2016 से वह ठगी के धंधे में है। लखनऊ में उसका प्रापर्टी का काम भी है।
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