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Lakhimpur Kheri News: पटरी बदलने से बदलेगा तिकुनिया का भविष्य
Fri, 03 Apr 2026 11:03 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 03 Apr 2026 11:03 PM IST
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गोलू गर्ग
तिकुनिया। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित तिकुनिया रेलवे स्टेशन से जुड़े 50 से अधिक गांवों के लोग वर्षों से नानपारा-मैलानी रेलखंड के आमान परिवर्तन की मांग कर रहे हैं। यह रेल लाइन क्षेत्र के किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और विद्यार्थियों के लिए जीवनरेखा मानी जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि 176 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन को ब्रॉडगेज में बदले जाने से क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी। माल ढुलाई आसान होगी, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इससे भारत-नेपाल के बीच संपर्क भी मजबूत होगा।
तराई विकास संस्थान के महामंत्री सत्य प्रकाश श्रीवास्तव के अनुसार, वर्ष 2016 में बहराइच-मैलानी आमान परिवर्तन के लिए धन स्वीकृत हुआ था, लेकिन 2018 में इस परियोजना को निरस्त कर बहराइच-रुपईडीहा (54 किमी) पर कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे सीमावर्ती क्षेत्र को बड़ा झटका लगा।
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50 से अधिक गांव होंगे लाभान्वित
तिकुनिया और बेलरायां रेलवे स्टेशन से जुड़े बेलापरसुआ, लालपुर, भेडौरी, भैरमपुर, कडिया, डांगा, तकियापुरवा, बनवीरपुर, रायपुर, कोलौरी, सिसवारी, खमरिया, कोइलार, खैरेटिया, बिछिया समेत 50 से अधिक गांवों के लोग इस परियोजना से सीधे लाभान्वित होंगे। वर्तमान में यातायात की दुर्गम व्यवस्था के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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तिकुनिया नेपाल से जुड़े व्यापार का बड़ा केंद्र है। ब्रॉडगेज लाइन बनने से माल ढुलाई आसान होगी और व्यापार को नई गति मिलेगी। -गोलू गर्ग
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बेहतर रेल सुविधा से किसानों को अपनी उपज बाहर भेजने में सहूलियत होगी और लागत कम होगी। -ज्ञानचंद गोयल
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इस मांग के पूरा होने से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र में उद्योगों की संभावनाएं बढ़ेंगी। -सुरेंद्र महावर
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ब्रॉडगेज लाइन बनने से आवागमन सुगम होगा। विद्यार्थियों व मजदूरों को राहत मिलेगी। सरकार से जल्द इस परियोजना को शुरू कराने की मांग है। -राजकुमार विश्वकर्मा
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स्थानीय लोगों का कहना है कि 176 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन को ब्रॉडगेज में बदले जाने से क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी। माल ढुलाई आसान होगी, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इससे भारत-नेपाल के बीच संपर्क भी मजबूत होगा।
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तराई विकास संस्थान के महामंत्री सत्य प्रकाश श्रीवास्तव के अनुसार, वर्ष 2016 में बहराइच-मैलानी आमान परिवर्तन के लिए धन स्वीकृत हुआ था, लेकिन 2018 में इस परियोजना को निरस्त कर बहराइच-रुपईडीहा (54 किमी) पर कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे सीमावर्ती क्षेत्र को बड़ा झटका लगा।
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50 से अधिक गांव होंगे लाभान्वित
तिकुनिया और बेलरायां रेलवे स्टेशन से जुड़े बेलापरसुआ, लालपुर, भेडौरी, भैरमपुर, कडिया, डांगा, तकियापुरवा, बनवीरपुर, रायपुर, कोलौरी, सिसवारी, खमरिया, कोइलार, खैरेटिया, बिछिया समेत 50 से अधिक गांवों के लोग इस परियोजना से सीधे लाभान्वित होंगे। वर्तमान में यातायात की दुर्गम व्यवस्था के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
तिकुनिया नेपाल से जुड़े व्यापार का बड़ा केंद्र है। ब्रॉडगेज लाइन बनने से माल ढुलाई आसान होगी और व्यापार को नई गति मिलेगी। -गोलू गर्ग
बेहतर रेल सुविधा से किसानों को अपनी उपज बाहर भेजने में सहूलियत होगी और लागत कम होगी। -ज्ञानचंद गोयल
इस मांग के पूरा होने से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र में उद्योगों की संभावनाएं बढ़ेंगी। -सुरेंद्र महावर
ब्रॉडगेज लाइन बनने से आवागमन सुगम होगा। विद्यार्थियों व मजदूरों को राहत मिलेगी। सरकार से जल्द इस परियोजना को शुरू कराने की मांग है। -राजकुमार विश्वकर्मा

गोलू गर्ग

गोलू गर्ग

गोलू गर्ग

गोलू गर्ग