मलेशिया में 16 लोग बंधक,14 कुशीनगर के
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दुदही (कुशीनगर)। कुशीनगर के 14 लोगों समेत कुल 17 लोग करीब छह महीने पहले अच्छी पगार की लालच में मलेशिया देश के जौहरबारू शहर पहुंचे थे। टूरिस्ट वीजा पर गए इन लोगों को वहां एक ठेकेदार ने कमरे में बंद कर दिया। बंधक बने इन लोगों के साथ वहां गुलामों जैसा व्यवहार होता है। बंधक बने इन लोगों में से यातना से बीमार पड़े बरवा पट्टी थाना क्षेत्र के दशहवा गांव निवासी नंदू को छोड़ दिया गया। अन्य 16 लोग अब भी वहां फंसे हुए हैं। भारतीय दूतावास की मदद से शनिवार को अपने घर पहुंचे नंदू ने वहां की रोंगटे खड़ी कर देने वाली कहानी सुनाई। नंदू के अनुसार वहां बंधक 16 लोगों ने वतन जिंदा वापस लौटने की उम्मीद छोड़ दी है।
कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के गांव धरमांगर छपरा निवासी अनिल शर्मा, विजय कुमार सिंह, सोनू सिंह, कल्याण छपरा निवासी मंटू चौहान, अखिलेश गुप्ता, भटवलिया निवासी दीपक यादव, बतरौली बाजार निवासी अखिलेश गुप्ता, कसया थाना क्षेत्र के सेमरा धूसी निवासी मुन्ना यादव, शिवपुर बुजुर्ग निवासी प्रहलाद यादव, पडरौना कोतवाली के गांव होरलापुर निवासी राजेश कुमार, बरवापट्टी थाना क्षेत्र के गांव दशहवा निवासी अरविंद व नंद सैनी, बिहार प्रांत के रहने वाले नूर आलम और सतीश समेत 17 लोग बीते जून महीने में मलेशिया गए थे। एजेंट ने इन सभी को वहां टूरिस्ट वीजा पर भेज दिया था। वहां ठेकेदार ने इन सभी को बंधक बना लिया।
बीमार होने पर छूटकर आए दशहवा निवासी नंदू सैनी के अनुसार एजेंट ने यहां से उन्हें 85 हजार रुपये प्रति माह वेतन का लालच देकर भेजा था। मलेशिया के जौहरबारू शहर पहुंचते ही वहां के एक ठेकेदार ने शहर से दूर एक कमरे में ले जाकर सभी लोगों को बंद कर दिया। इसके बाद उस ठेकेदार ने सभी लोगों को मोबाइल कंपनी में काम की बजाय टूरिस्ट वीजा का हवाला देते हुए दूसरी कंपनियों का सामान ढोने के कार्य पर लगा दिया।