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Lockdown in Kanpur: यहां रात में लगता मेला, दिन में लॉकडाउन की 'नौटंकी'
Sat, 11 Apr 2020 03:16 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 11 Apr 2020 03:16 PM IST
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कानपुर में लॉकडाउन
- फोटो : अमर उजाला
एक तरह जहां पूरा देश इस वक्त कोरोना को हराने में जी-जान से लगा है वहीं कुछ जगहों पर कई लोग इसे विफल करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है उत्तर प्रदेश के कानपुर में। दरअसल कानपुर के चकेरी थाना इलाके में स्थित रामादेवी सब्जी मंडी में शासन द्वारा जारी सोशल डिस्टेंसिंग के निर्देश पर जिला प्रशासन पानी फेर रहा है। हकीकत यह है कि अब सोशल डिस्टेंस को रात के अंधेरे में छिपाया जा रहा है। वहीं, जनता दिन में शासन, प्रशासन के कोरोना नियंत्रण को बने तमाम नियम, कानूनों का दंश झेल रही हैं। शुक्रवार देर रात (रात 1: 30 बजे ) चकेरी रामादेवी सब्जी मंडी में जर्नलिस्ट सुरजीत तिवारी व फोटोजर्नलिस्ट गौरव कनौजिया ने पड़ताल की।
कानपुर में लॉकडाउन
- फोटो : अमर उजाला
उन्हें यहां सब्जी बिक्री और खरीदारों का मेला दिखाई दिया। सवाल है कि क्या रात को यहां जमा भीड़ से संक्रमण फैलने का खतरा नहीं है? पड़ताल में पता चला कि थोक दुकानदार रात 12 बजे से दुकानें सजा लेते हैं। इसके बाद जाना, किशनपुर आदि गांवों से किसानों का बिक्री के लिए सब्जियां लाने का सिलसिला शुरू हो जाता है।
कानपुर में लॉकडाउन
- फोटो : अमर उजाला
इसी बीच चकरपुर मंडी से लाई गईं सब्जियों के लिए दर्जनों वाहनों की कतार लग जाती है। इसके साथ रात 2 बजे से सैकड़ों की संख्या में फुटकर दुकानदार दोपहिया वाहन, ठेलिया लेकर पहुंचने लगते हैं। इसके अलावा सब्जियां लाने ले जाने के लिए दर्जनों ई रिक्शा धमाचौकड़ी करने लगते हैं।
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कानपुर में लॉकडाउन
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान रामादेवी थाने और एचएएल के पास (फ्लाईओवर के नीचे) बाजार में खचाखच भीड़ लगती है। यह सिलसिला सुबह साढ़े 5 बजे तक चलता है। इसके बाद मंडी खत्म कराने के लिए पुलिस एक्शन में आती है।
' चुकंदर बेचने आया हूं , लेकिन रात से तड़के तक दुकानदार उनकी सब्जियां खरीदते हैं। इससे मजबूरी में चुकंदर 20 - 25 रुपये पसेरी लेते हैं। मांगलिक कार्यक्रम न होने से खपत कम है। जिससे नुकसान उठा रहे हैं। '- राजकुमार निषाद, किसान
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कानपुर में लॉकडाउन
- फोटो : अमर उजाला
' रात में कुछ घंटे के लिए मंडी लगती है। यहां समय से पहुंचने को घर से रात को निकलते हैं। डर रहता है कि देर होने पर उनके समान की बिक्री नहीं हो सकेगी। ' - मानसिंह यादव, किसान
' मंडी तड़के 4 से 6 बजे तक लगाने की अनुमति है। इसके बाद पुलिस सख्ती कर मंडी बंद कराना शुरू कर देती है। इसलिए रात 12 बजे से दुकानें लगनी शुरू हो जाती हैं। ' - चंदन सिंह, दुकानदार
' सब्जी खरीदारी के लिए आया हूं। काफी भीड़ है, गिनती के लोग मास्क लगाए हैं। हैंडग्लब्स तो किसी के पास नहीं। सोशल डिस्टेंस का तो दूर दूर तक पता नहीं। सिर्फ दिन में लॉकडाउन परेशानी बढ़ा रहा है।'
- अजय कुमार, ग्राहक किदवईनगर
' मंडी तड़के 4 से 6 बजे तक लगाने की अनुमति है। इसके बाद पुलिस सख्ती कर मंडी बंद कराना शुरू कर देती है। इसलिए रात 12 बजे से दुकानें लगनी शुरू हो जाती हैं। ' - चंदन सिंह, दुकानदार
' सब्जी खरीदारी के लिए आया हूं। काफी भीड़ है, गिनती के लोग मास्क लगाए हैं। हैंडग्लब्स तो किसी के पास नहीं। सोशल डिस्टेंस का तो दूर दूर तक पता नहीं। सिर्फ दिन में लॉकडाउन परेशानी बढ़ा रहा है।'
- अजय कुमार, ग्राहक किदवईनगर