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Kannauj News: बेटी को पैदा होते ही नाली में फेंक दिया़, माैत
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सौरिख (कन्नौज)। बेटियों को देवी का दर्जा देने वाले इसी समाज एक बेटी को जन्म लेते ही नाली में फेंक दिया गया। हाथ से नाल तोड़े जाने से नवजात की माैत हो गई। यह घटना समाज की उस सोच पर सवाल खड़ा करती है जो बेटियों के लिए तरह-तरह की योजनाओं का दम भरती है।
मंगलवार सुबह करीब साढ़े छह बजे ग्राम हुसेपुर तुर्कन में जब लोगों ने एक नवजात बच्ची को नाली में पड़ा देखा, तो हर आंख नम हो गई। बच्ची की सांसें चलती हुई महसूस हुईं, जिसने लोगों में उसे बचाने की आखिरी उम्मीद जगा दी। मानवता दिखाते हुए ग्रामीण तुरंत उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम दुनिया में आने के चंद पलों बाद ही, अपने ही जन्मदाताओं की क्रूरता के कारण जिंदगी की जंग हार गई। वहां मौजूद हर शख्स, इस हृदयहीन कृत्य के लिए बच्ची को बहाने वाले निर्दयी माता-पिता को कोस रहा है।
सूत्रों का कहना है कि लोग यह जानते हैं कि यह किसकी बच्ची है, लेकिन डर से सभी चुप हैं। कुछ लोग इसे किसी कुंवारी मां का कृत्य बता रहे हैं, तो अधिकतर लोग यही मान रहे हैं कि सिर्फ बेटी पैदा होने के कारण इस मासूम को नाली के गंदे पानी में फेंक दिया गया। थाना प्रभारी जयंती प्रसाद गंगवार ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही इस मानवता विरोधी अपराध का खुलासा किया जाएगा।
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नर्स बोली- हाथ से तोड़ी गई थी नाल
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्टाफ नर्स प्रतिज्ञा पाल ने बच्ची का एनआईसीयू में रेडिएंट वार्मर में इलाज किया। उन्होंने बताया कि बच्ची की नाल को हाथ से तोड़ा गया था, जिस कारण रक्तस्राव अधिक हो गया और इससे उसकी जान चली गई। जिस समय वह अस्पताल लाई गई, तब वह जीवित थी, लेकिन कुछ देर बाद ही उसने दम तोड़ दिया।
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मंगलवार सुबह करीब साढ़े छह बजे ग्राम हुसेपुर तुर्कन में जब लोगों ने एक नवजात बच्ची को नाली में पड़ा देखा, तो हर आंख नम हो गई। बच्ची की सांसें चलती हुई महसूस हुईं, जिसने लोगों में उसे बचाने की आखिरी उम्मीद जगा दी। मानवता दिखाते हुए ग्रामीण तुरंत उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम दुनिया में आने के चंद पलों बाद ही, अपने ही जन्मदाताओं की क्रूरता के कारण जिंदगी की जंग हार गई। वहां मौजूद हर शख्स, इस हृदयहीन कृत्य के लिए बच्ची को बहाने वाले निर्दयी माता-पिता को कोस रहा है।
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सूत्रों का कहना है कि लोग यह जानते हैं कि यह किसकी बच्ची है, लेकिन डर से सभी चुप हैं। कुछ लोग इसे किसी कुंवारी मां का कृत्य बता रहे हैं, तो अधिकतर लोग यही मान रहे हैं कि सिर्फ बेटी पैदा होने के कारण इस मासूम को नाली के गंदे पानी में फेंक दिया गया। थाना प्रभारी जयंती प्रसाद गंगवार ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही इस मानवता विरोधी अपराध का खुलासा किया जाएगा।
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नर्स बोली- हाथ से तोड़ी गई थी नाल
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्टाफ नर्स प्रतिज्ञा पाल ने बच्ची का एनआईसीयू में रेडिएंट वार्मर में इलाज किया। उन्होंने बताया कि बच्ची की नाल को हाथ से तोड़ा गया था, जिस कारण रक्तस्राव अधिक हो गया और इससे उसकी जान चली गई। जिस समय वह अस्पताल लाई गई, तब वह जीवित थी, लेकिन कुछ देर बाद ही उसने दम तोड़ दिया।