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तीन दिन बाद फिर कड़ाके की ठंड
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 11 Dec 2016 01:03 AM IST
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winter jhansi
- फोटो : demo
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अब तीन दिन बाद फिर से कड़ाके की ठंड का लोगों को सामना करना पड़ सकता है। रविवार से दोपहर में अच्छी धूप खिली रहेगी। हालांकि, सुबह और रात में हल्का कोहरा पड़ेगा। दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी दिशा से हवाएं चलने के कारण फिर मौसम का मिजाज बदलेगा। पिछले कुछ दिनों तक उत्तर और पश्चिमी दिशा से हवाएं चल रही थीं, जो कि पहाड़ों की तरफ से आती है। इसलिए ठंड में अचानक इजाफा हो गया था।
गौरतलब है कि पिछले दो दिनों से कोहरा और ठंडक दोनों में नरमी आई है। दिसंबर के शुरूआती दिन से ही कोहरा पड़ने की शुरूआत हो गई थी। बीते बुधवार को सबसे ज्यादा कोहरा और ठंड पड़ी। न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। बृहस्पतिवार को न्यूनतम पारा में एक डिग्री सेल्सियस की और कमी आ गई। सुबह दस बजे तक कोहरा छाया रहा। रात को ठंडी हवाओं ने सिहरन बढ़ा दी। ऐसा उत्तर और पश्चिमी दिशा से हवाएं चलने के कारण हुआ। शुक्रवार को मौसम सामान्य रहा। शनिवार को भी अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम 11 रहा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. मुकेश चंद्र ने बताया कि आगे दो-तीन दिन दोपहर में अच्छी धूप खिलने से सर्दी से थोड़ी निजात मिलेगी। दिन और रात को तो हल्का कोहरा व ठंडी हवाएं धीमी रफ्तार से चल सकती है। दो से तीन किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से दक्षिण-पूर्वी दिशा से हवाएं चलेंगी। न्यूनतम आर्द्रता 60 व अधिकतम 75 प्रतिशत के बीच रहेगी। आगामी बुधवार से फिर कड़ाके की ठंड झेलनी पड़ सकती है।
इन बातों का ध्यान रखें किसान
- खाद, उर्वरक मिट्टी परीक्षण रिपोर्ट के अनुसार प्रयोग करें।
- गेहूं की विलंब से बुवाई को मालवीय-234, उन्न्त हलना एनडब्ल्यू-1014, नैना के बीजों की बुवाई करें।
- सिंचित दशा में बुवाई के समय एक बोरी डीएपी, दस किलोग्राम जिंक सल्फेट प्रति एकड़ दर से प्रयोग करें।
- गेहूं बुवाई से पूर्व बीजों को दो ग्राम थायरम, तीन मिलीग्राम क्लोपाइरीफास प्रति किलोग्राम बीज दर से बोएं।
- गेहूं की फसल में संकरी, चौड़ी पत्ती के खरपतवारों के रासायनिक नियंत्रण को सल्फोसल्फयूरान व मैटा सल्फयूरान की 40 ग्राम प्रति हैक्टर दर से बुवाई के 25-30 दिन बाद 800 लीटर पानी मिलाकर छिड़काव करें।
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- रबी फसलों की बुवाई में फास्फोरस को घुलनशील अवस्था में लाने के लिए 2.5 किलोग्राम पीएसबी कल्चर को 60 किलोग्राम गोबर की सड़ी खाद में मिलाकर प्रति हैक्टर बुवाई से पूर्व खेत में मिलाएं।
- दलहनी फसलों चना, मटर व मसूर के रोग व कीटों की समय-समय पर रोकथाम करें।
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गौरतलब है कि पिछले दो दिनों से कोहरा और ठंडक दोनों में नरमी आई है। दिसंबर के शुरूआती दिन से ही कोहरा पड़ने की शुरूआत हो गई थी। बीते बुधवार को सबसे ज्यादा कोहरा और ठंड पड़ी। न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। बृहस्पतिवार को न्यूनतम पारा में एक डिग्री सेल्सियस की और कमी आ गई। सुबह दस बजे तक कोहरा छाया रहा। रात को ठंडी हवाओं ने सिहरन बढ़ा दी। ऐसा उत्तर और पश्चिमी दिशा से हवाएं चलने के कारण हुआ। शुक्रवार को मौसम सामान्य रहा। शनिवार को भी अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम 11 रहा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. मुकेश चंद्र ने बताया कि आगे दो-तीन दिन दोपहर में अच्छी धूप खिलने से सर्दी से थोड़ी निजात मिलेगी। दिन और रात को तो हल्का कोहरा व ठंडी हवाएं धीमी रफ्तार से चल सकती है। दो से तीन किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से दक्षिण-पूर्वी दिशा से हवाएं चलेंगी। न्यूनतम आर्द्रता 60 व अधिकतम 75 प्रतिशत के बीच रहेगी। आगामी बुधवार से फिर कड़ाके की ठंड झेलनी पड़ सकती है।
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इन बातों का ध्यान रखें किसान
- खाद, उर्वरक मिट्टी परीक्षण रिपोर्ट के अनुसार प्रयोग करें।
- गेहूं की विलंब से बुवाई को मालवीय-234, उन्न्त हलना एनडब्ल्यू-1014, नैना के बीजों की बुवाई करें।
- सिंचित दशा में बुवाई के समय एक बोरी डीएपी, दस किलोग्राम जिंक सल्फेट प्रति एकड़ दर से प्रयोग करें।
- गेहूं बुवाई से पूर्व बीजों को दो ग्राम थायरम, तीन मिलीग्राम क्लोपाइरीफास प्रति किलोग्राम बीज दर से बोएं।
- गेहूं की फसल में संकरी, चौड़ी पत्ती के खरपतवारों के रासायनिक नियंत्रण को सल्फोसल्फयूरान व मैटा सल्फयूरान की 40 ग्राम प्रति हैक्टर दर से बुवाई के 25-30 दिन बाद 800 लीटर पानी मिलाकर छिड़काव करें।
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- रबी फसलों की बुवाई में फास्फोरस को घुलनशील अवस्था में लाने के लिए 2.5 किलोग्राम पीएसबी कल्चर को 60 किलोग्राम गोबर की सड़ी खाद में मिलाकर प्रति हैक्टर बुवाई से पूर्व खेत में मिलाएं।
- दलहनी फसलों चना, मटर व मसूर के रोग व कीटों की समय-समय पर रोकथाम करें।