राखी पर बिहार सरकार की बड़ी घोषणा: एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार देने का लक्ष्य, सीएम सम्राट ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहारवासियों को राखी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सपनों को साकार करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए आने वाले समय में भी कई योजनाओं पर काम किया जाएगा।
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रक्षाबंधन के मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रदेशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का पावन पर्व रक्षाबंधन की सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई। यह पवित्र पर्व हमारे पारिवारिक मूल्यों, प्रेम और रिश्तों की मिठास को और मजबूत करे। सभी भाई-बहनों के जीवन में सुख, समृद्धि, शांति एवं खुशियों का संचार हो। उन्होंने बिहार की महिलाओं और बेटियों के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। वर्ष 2020 में 10 लाख सरकारी नौकरी और 10 लाख रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था। सरकार के मुताबिक, इस लक्ष्य को पार करते हुए अब तक 50 लाख से अधिक लोगों को अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। अब आगामी विजन के तहत हमारी सरकार ने एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार देकर स्वावलंबी और समृद्ध बनाने का लक्ष्य तय किया है।
बिहार में बनेगा महिला विश्वविद्यालय
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की बेटियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य में एक महिला विश्वविद्यालय का निर्माण कराया जाएगा। इस विश्वविद्यालय की खासियत यह होगी कि यहां प्राध्यापक से लेकर कुलपति और अन्य प्रमुख पदों पर महिलाओं की ही जिम्मेदारी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विश्वविद्यालय बेटियों के सपनों को नई दिशा देगा। यहां शिक्षा के साथ नेतृत्व क्षमता, कौशल के साथ आत्मविश्वास और ज्ञान के साथ आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जाएगा।
10 लाख जीविका दीदियों के घरों पर लगेंगे सोलर पैनल
रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि बिहार की करीब 10 लाख जीविका दीदियों के परिवारों को प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से जोड़ने का लक्ष्य है। इसके तहत जीविका दीदियों के घरों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जीविका की बहनों ने बिहार की अर्थव्यवस्था में अपनी मजबूत भागीदारी सुनिश्चित की है। कभी जिन महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों को कोई पहचान नहीं मिलती थी, आज उन्हीं बहनों के प्रयासों से बिहार की अर्थव्यवस्था में करीब एक लाख करोड़ का योगदान हो रहा है।
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'करीब 50 लाख बहनें ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं'
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत आज करीब पांच लाख वाहनों के लिए राशि उपलब्ध कराई जा रही है। जीविका के माध्यम से हमारी बहनें पशुपालन, कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और अन्य रोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। आज खुशी है कि बिहार की करीब 50 लाख बहनें ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। यही महिला शक्ति समृद्ध बिहार और विकसित भारत के संकल्प को नई गति दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सपनों को साकार करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए आने वाले समय में भी कई योजनाओं पर काम किया जाएगा।
बिहार में महिलाओं को अब तक क्या मिल रहा?
बिहार में महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 35 फीसदी और पंचायती राज व स्थानीय निकायों (पंचायतों और नगर निगमों) में 50 फीसदी आरक्षण दिया गया है। इसके अलावा महिला रोजगार योजना, बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना, मुख्यमंत्री बालिका PhD फेलोशिप, पोशाक और साइकिल योजनाएं, प्रतियोगिता परीक्षा प्रोत्साहन, पिंक टॉयलेट, पिंक बस, खास मौके पर निःशुल्क बस यात्रा की भी व्यवस्था बिहार सरकार ने कर रखी है।