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Jhansi: सुखनई नदी में फंसे चार मछुआरे, सेना ने निकाले, छह घंटे तक जान बचाने के लिए चारों चढ़े रहे पेड़ पर
Fri, 28 Aug 2026 07:28 AM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Fri, 28 Aug 2026 07:28 AM IST
सार
मछुआरे नदी में मछली पकड़ने गए थे। इसी दौरान नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और वह लोग नदी में फंस गए। नदी के तेज बहाव को देखते हुए रेस्क्यू के लिए सेना को बुलाना पड़ा।
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सुरक्षित बाहर निकलने के बाद नदी के पास खड़े मछुआरे और प्रशासन।
- फोटो : संवाद
विस्तार
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सुखनई नदी के तेज बहाव के चलते एक टापू पर मछली पकड़ने पहुंचे चार मछुआरे नौ घंटे तक फंसे रहे। बृहस्पतिवार सुबह करीब 8 बजे चारों मछली पकड़ने के लिए वहां गए थे। नदी का बहाव तेज हो जाने से टापू का संपर्क कट गया। जान बचाने के लिए चारों मछुआरे एक पेड़ पर चढ़े रहे।
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सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी मनोज कुमार भारती, थाना प्रभारी मुकेश सिंह मौके पर पहुंचे। नदी का बहाव तेज होने से टापू तक कोई पहुंच नहीं पा रहा था। यह देखकर सेना बुला ली गई। सेना के बचाव दल ने अपने ड्रोन उड़ाकर कम बहाव का रास्ता तलाशा। टापू से कुछ दूर पर एक सुरक्षित रास्ता मिलने पर उनको बाहर निकाला गया। करीब नौ घंटे तक चारों टापू में फंसे रहे। थाना प्रभारी मुकेश सिंह के मुताबिक चारों ही सुरक्षित तरीके से बाहर निकाले गए।
नदी के तेज बहाव को देखते हुए रेस्क्यू के लिए सेना को बुलाना पड़ा। सैन्यकर्मियों ने ड्रोन की मदद से कम बहाव वाले स्थान को तलाशकर किसी तरह शाम करीब 5:30 बजे उनको बाहर निकाला। मछुआरों के बाहर आने पर प्रशासनिक अफसरों ने भी राहत की सांस ली।
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मऊरानीपुर कस्बा के गांधीगंज निवासी कालीचरण रायकवार (55), मंगल (38), रिंकू (25) और बल्लू (30) नौ पुल के पास बने चेकडैम में सुबह करीब 8 बजे पहुंचे थे। इधर, लगातार बारिश एवं नदी में बांध से पानी छोड़े जाने से बुधवार शाम से सुखनई नदी उफनाने लगी। बृहस्पतिवार सुबह से नदी के बहाव में तेजी आ गई। जलस्तर बढ़ने से चेकडैम का रास्ता नदी में समा गया। टापू भी धीरे-धीरे डूबने लगा। यह देख जान बचाने के लिए कालीचरण समेत तीनों पेड़ पर जा चढ़े। चारों के टापू पर फंसा होने से वहां खलबली मच गई।
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