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फर्जी कर्मचारी ने लिया राइफल का लाइसेंस-City
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फर्जी कर्मचारी ने लिया राइफल का लाइसेंस
चित्रकूट। जिले के पुलिस विभाग में रहे सेवानिवृत्त दरोगा के भतीजे को पुलिस ने फर्जी पता व विभाग का कर्मचारी लिखाकर राइफल का लाइसेंस बनवाने के आरोप में पकड़ा है। आरोपी गरौठा जिला झांसी के रहने वाला है। उसके चाचा मधुसूदन मिश्रा जिले में दरोगा पद पर कार्यरत थे। अब वह रिटायर्ड हो चुके हैं।
शहर कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि गरौठा झांसी निवासी संतोष कुमार मिश्रा पुत्र संपत के खिलाफ शिकायत थी कि उन्होेंने सन 2001 में उद्यान विभाग का कर्मचारी बताकर चित्रकूट के पते से राइफल का लाइसेंस बनवाया था। जांच में पाया गया है कि संतोष उद्यान विभाग के कर्मचारी ही नहीं थे और पता भी गलत दर्शाया गया है। इसके बाद उन्हें कोतवाली बुलाकर कागजात की जांच की, जिसमें धोखाधड़ी व गलत सूचना देने के आरोप में उन्हें पकड़ा गया है। कोतवाल ने बताया कि इनके खिलाफ सूचना देने वाले इनके रिश्तेदार रिटायर्ड दरोगा मधुसूदन मिश्रा ही हैं। बुधवार को कोतवाली में पूछताछ के दौरान आरोपी संतोष ने बताया कि रिटायर्ड दरोगा के सगे भतीजे का भी लाइसेंस इसी तरह जालसाजी से बना है। उसकी भी जांच कराई जाये।
चित्रकूट। जिले के पुलिस विभाग में रहे सेवानिवृत्त दरोगा के भतीजे को पुलिस ने फर्जी पता व विभाग का कर्मचारी लिखाकर राइफल का लाइसेंस बनवाने के आरोप में पकड़ा है। आरोपी गरौठा जिला झांसी के रहने वाला है। उसके चाचा मधुसूदन मिश्रा जिले में दरोगा पद पर कार्यरत थे। अब वह रिटायर्ड हो चुके हैं।
शहर कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि गरौठा झांसी निवासी संतोष कुमार मिश्रा पुत्र संपत के खिलाफ शिकायत थी कि उन्होेंने सन 2001 में उद्यान विभाग का कर्मचारी बताकर चित्रकूट के पते से राइफल का लाइसेंस बनवाया था। जांच में पाया गया है कि संतोष उद्यान विभाग के कर्मचारी ही नहीं थे और पता भी गलत दर्शाया गया है। इसके बाद उन्हें कोतवाली बुलाकर कागजात की जांच की, जिसमें धोखाधड़ी व गलत सूचना देने के आरोप में उन्हें पकड़ा गया है। कोतवाल ने बताया कि इनके खिलाफ सूचना देने वाले इनके रिश्तेदार रिटायर्ड दरोगा मधुसूदन मिश्रा ही हैं। बुधवार को कोतवाली में पूछताछ के दौरान आरोपी संतोष ने बताया कि रिटायर्ड दरोगा के सगे भतीजे का भी लाइसेंस इसी तरह जालसाजी से बना है। उसकी भी जांच कराई जाये।
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