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दोस्त को अगवा कर गला घोटने के बाद चाकू से रेता
अमर उजाल, जालौन
Updated Wed, 23 May 2018 11:54 PM IST
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अंकित की फाइल फोटो।
- फोटो : amar ujala
थाना क्षेत्र के ऊमरी स्थित बंद ईंट-भट्टे में एक युवक ने अपने चाचा व साथी के साथ मिलकर 14 वर्षीय दोस्त की गला घोटने के बाद चाकू से रेतकर हत्या कर दी। किशोर मंगलवार से लापता था, बुधवार को लाश मिलने पर वारदात का पता चला। पुलिस युवक को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि दो लोग फरार हैं। हत्या की वजह पुलिस प्रेम प्रसंग या लेनदेन मान रही है।
रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम टीहर निवासी शिवशंकर सिंह राजावत का इकलौता बेटा अंकित सिंह (14) राजावत रामपुरा के राजा चित्तर सिंह इंटर कालेज में कक्षा 9 में पढ़ता था। मंगलवार की शाम वह बाइक से रामपुरा जाने की बात कहकर घर से निकल आया था, लेकिन देर शाम तक घर नहीं पहुंचा। परिजनों ने उसकी कई जगह तलाश की, नहीं मिलने पर शिवशंकर ने थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी। बुधवार को एक लड़के ने परिजनों को बताया कि उसने अंकित को उसके पड़ोसी दोस्त ओमजी (19) पुत्र शिवकुमार के साथ मंगलवार की शाम को रामपुरा में देखा था। पुलिस ने तुरंत ओमजी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले ओमजी टालमटोल करता रहा। सख्ती से पूछताछ पर वह टूट गया और अंकित की हत्या की बात कबूल कर ली। ओमजी ने बताया कि मंगलवार को वह अंकित को लेकर ऊमरी के आगे संजीव सिंह सेंगर के बंद पड़े ईंट भट्टे पर पहुंचा।
उसके साथ चाचा अखिल (20) पुत्र श्रीकांत व उसका दोस्त इंदौर निवासी सौरभ भदौरिया भी था। भट्ठे पर उसने अंकित का पहले गला घोट दिया फिर चाकू से रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से अंकित का क्षत-विक्षत शव बरामद किया है। उसने बताया कि हत्या के बाद से अखिल व सौरभ कहीं भाग गए हैं, जबकि वह घर लौट आया। पुलिस आरोपी अखिल व सौरभ की तलाश कर रही है। साथ ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने ओमजी, अखिल व सौरभ के खिलाफ अगवा कर हत्या किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कर ली। सूत्रों की मानें तो देर शाम तक सौरभ भी पुलिस के हाथ लग गया है।
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एएसपी सुरेंद्र नाथ तिवारी का कहना है कि फिलहाल पकड़ा गया युवक अभी वारदात की कोई सटीक वजह नहीं बता रहा है। फिर भी आशंका है कि मामला प्रेम प्रसंग या फिर आपसी लेनदेन का भी हो सकता है। फिलहाल गंभीरता पूर्वक जांच कर बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
रात भर परिजनों के साथ ही तलाशता रहा ओम
किसी को ओमजी पर शक न होने पाए इसके लिए वह पूरी रात अंकित के परिजनों के साथ उसकी तलाश में जुटा रहा। मगर बुधवार सुबह एक लड़के ने ओमजी को अंकित के साथ होने की बात बताई। इसके बाद राज खुलने लगे।
चाकू लेकर गए अखिल और सौरभ
हत्या में आरोपियों ने अपने शातिर दिमाग का पूरा इस्तेमाल किया। खून ज्यादा न बहे इसलिए उन लोगों ने अंकित का पहले गला घोटा। उसके दम तोड़ने के बाद चाकू से गला काट दिया। साथ ही शरीर के अन्य कई हिस्सों में भी चाकू से प्रहार किया। अंकित के शरीर में चाकू से किए गए काफी बड़ी घाव मिले हैं। चाकू को अखिल व सौरभ साथ ले गए हैं।
हत्या करने से पहले पिलाई बीयर
मंगलवार की शाम अंकित के साथ ओमजी भी उसकी बाइक से रामपुरा आया था। वहां पर दूसरी बाइक से अखिल व सौरभ भी आ गए थे। उन लोगों ने मिलकर अंकित को बीयर पिलाई और खुद भी पी। इसके बाद अखिल और सौरभ अपनी बाइक पर अंकित को बीच में बैठाकर ऊमरी के ईंट भट्टे पर पहुंच गए थे, जहां पर पीछे से ओमजी भी पहुंच गया था।
इंदौर में नौकरी करता है अखिल
हत्या के मुख्य आरोपी ओमजी का चाचा अखिल मध्य प्रदेश के इंदौर में सौरभ भदौरिया के साथ एक कंपनी में नौकरी करता है। साथ ही वह ओमजी के साथ रामपुरा के महाविद्यालय से ग्रेजुएशन की पढ़ाई भी कर रहा है।
ओमजी को लेकर झांसी रवाना हुई पुलिस
अखिल और सौरभ की तलाश में जुटी पुलिस ने ओमजी का ही सहारा लिए। उससे उन दोनों के मोबाइल नंबरों को पूछकर सर्विलांस पर लगाया तो दोनों की लोकेशन झांसी प्राप्त हुई है। इस पर शाम को एसओजी टीम ओमजी को ही साथ लेकर झांसी के लिए रवाना हो गई। हालांकि देर शाम तक उन दोनों की गिरफ्तारी की कोई सूचना नहीं आई।
इनसेट
इकलौता बेटा था अंकित
अंकित अपने माता पिता का इकलौता बेटा था। घर में उसके अलावा उसकी दो बड़ी बहनें आकांक्षा व संगीता हैं। उसकी मौत की खबर घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। बेटे का शव देखकर मां कालेंद्री का बेसुध हालत में हो गई। साथ ही पिता भी बेसुध हो गया।
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रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम टीहर निवासी शिवशंकर सिंह राजावत का इकलौता बेटा अंकित सिंह (14) राजावत रामपुरा के राजा चित्तर सिंह इंटर कालेज में कक्षा 9 में पढ़ता था। मंगलवार की शाम वह बाइक से रामपुरा जाने की बात कहकर घर से निकल आया था, लेकिन देर शाम तक घर नहीं पहुंचा। परिजनों ने उसकी कई जगह तलाश की, नहीं मिलने पर शिवशंकर ने थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी। बुधवार को एक लड़के ने परिजनों को बताया कि उसने अंकित को उसके पड़ोसी दोस्त ओमजी (19) पुत्र शिवकुमार के साथ मंगलवार की शाम को रामपुरा में देखा था। पुलिस ने तुरंत ओमजी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले ओमजी टालमटोल करता रहा। सख्ती से पूछताछ पर वह टूट गया और अंकित की हत्या की बात कबूल कर ली। ओमजी ने बताया कि मंगलवार को वह अंकित को लेकर ऊमरी के आगे संजीव सिंह सेंगर के बंद पड़े ईंट भट्टे पर पहुंचा।
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उसके साथ चाचा अखिल (20) पुत्र श्रीकांत व उसका दोस्त इंदौर निवासी सौरभ भदौरिया भी था। भट्ठे पर उसने अंकित का पहले गला घोट दिया फिर चाकू से रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से अंकित का क्षत-विक्षत शव बरामद किया है। उसने बताया कि हत्या के बाद से अखिल व सौरभ कहीं भाग गए हैं, जबकि वह घर लौट आया। पुलिस आरोपी अखिल व सौरभ की तलाश कर रही है। साथ ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने ओमजी, अखिल व सौरभ के खिलाफ अगवा कर हत्या किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कर ली। सूत्रों की मानें तो देर शाम तक सौरभ भी पुलिस के हाथ लग गया है।
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एएसपी सुरेंद्र नाथ तिवारी का कहना है कि फिलहाल पकड़ा गया युवक अभी वारदात की कोई सटीक वजह नहीं बता रहा है। फिर भी आशंका है कि मामला प्रेम प्रसंग या फिर आपसी लेनदेन का भी हो सकता है। फिलहाल गंभीरता पूर्वक जांच कर बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
रात भर परिजनों के साथ ही तलाशता रहा ओम
किसी को ओमजी पर शक न होने पाए इसके लिए वह पूरी रात अंकित के परिजनों के साथ उसकी तलाश में जुटा रहा। मगर बुधवार सुबह एक लड़के ने ओमजी को अंकित के साथ होने की बात बताई। इसके बाद राज खुलने लगे।
चाकू लेकर गए अखिल और सौरभ
हत्या में आरोपियों ने अपने शातिर दिमाग का पूरा इस्तेमाल किया। खून ज्यादा न बहे इसलिए उन लोगों ने अंकित का पहले गला घोटा। उसके दम तोड़ने के बाद चाकू से गला काट दिया। साथ ही शरीर के अन्य कई हिस्सों में भी चाकू से प्रहार किया। अंकित के शरीर में चाकू से किए गए काफी बड़ी घाव मिले हैं। चाकू को अखिल व सौरभ साथ ले गए हैं।
हत्या करने से पहले पिलाई बीयर
मंगलवार की शाम अंकित के साथ ओमजी भी उसकी बाइक से रामपुरा आया था। वहां पर दूसरी बाइक से अखिल व सौरभ भी आ गए थे। उन लोगों ने मिलकर अंकित को बीयर पिलाई और खुद भी पी। इसके बाद अखिल और सौरभ अपनी बाइक पर अंकित को बीच में बैठाकर ऊमरी के ईंट भट्टे पर पहुंच गए थे, जहां पर पीछे से ओमजी भी पहुंच गया था।
इंदौर में नौकरी करता है अखिल
हत्या के मुख्य आरोपी ओमजी का चाचा अखिल मध्य प्रदेश के इंदौर में सौरभ भदौरिया के साथ एक कंपनी में नौकरी करता है। साथ ही वह ओमजी के साथ रामपुरा के महाविद्यालय से ग्रेजुएशन की पढ़ाई भी कर रहा है।
ओमजी को लेकर झांसी रवाना हुई पुलिस
अखिल और सौरभ की तलाश में जुटी पुलिस ने ओमजी का ही सहारा लिए। उससे उन दोनों के मोबाइल नंबरों को पूछकर सर्विलांस पर लगाया तो दोनों की लोकेशन झांसी प्राप्त हुई है। इस पर शाम को एसओजी टीम ओमजी को ही साथ लेकर झांसी के लिए रवाना हो गई। हालांकि देर शाम तक उन दोनों की गिरफ्तारी की कोई सूचना नहीं आई।
इनसेट
इकलौता बेटा था अंकित
अंकित अपने माता पिता का इकलौता बेटा था। घर में उसके अलावा उसकी दो बड़ी बहनें आकांक्षा व संगीता हैं। उसकी मौत की खबर घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। बेटे का शव देखकर मां कालेंद्री का बेसुध हालत में हो गई। साथ ही पिता भी बेसुध हो गया।