विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सर्वपितृ अमावस्या को गया में अर्पित करें अपने समस्त पितरों को तर्पण, होंगे सभी पूर्वज प्रसन्न, 28 सितम्बर
Astrology Services

सर्वपितृ अमावस्या को गया में अर्पित करें अपने समस्त पितरों को तर्पण, होंगे सभी पूर्वज प्रसन्न, 28 सितम्बर

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

From nearby cities

अयोध्या प्रकरणः कल्याण सिंह बतौर आरोपी 27 को अदालत में तलब, विशेष न्यायाधीश ने दिया आदेश

अयोध्या प्रकरण के विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री व राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह को बतौर आरोपी तलब किया है।

22 सितंबर 2019

विज्ञापन
विज्ञापन

जालौन

रविवार, 22 सितंबर 2019

चालक का शव रखकर लगाया जाम, धक्का मुक्की

जालौन। मंगलवार को स्कार्पियो चालक की हत्या के मामले में परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग को लेकर मुख्य चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया। भीड़ ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। परिजन मौके पर अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े थे। एएसपी डॉ अवधेश सिंह ने 24 से 48 घंटे के भीतर खुलासे का भरोसा दिलाया। इसके बाद भी परिजन जब डीएम को बुलाने की मांग करने लगे तो पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इस पर महिलाओं से पुलिस की धक्का मुक्की भी हुई। पुलिस ने जमीन पर लाठियां पटककर भीड़ को तितर बितर कर मामला शांत कराया।
बता दें कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चुर्खीबाल निवासी महेंद्र दोहरे उर्फ छोटे (36) पुत्र रामसहाय अजीत सिंह की स्कॉर्पियो गाड़ी बुकिंग पर चलाता था। मंगलवार की दोपहर कानपुर झांसी हाईवे पर बड़ागांव के निकट लावारिस खड़ी स्कार्पियो में महेंद्र का शव मिला। सिर पर गोली मारकर उसकी हत्या की गई थी। भाई सुशील दोहरे की तहरीर पर पुलिस ने गाड़ी मालिक अजीत व उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ हत्या व एससी एसटी एक्ट का मामला दर्ज किया था। बुधवार को शाम लगभग जब महेंद्र का शव जालौन पहुंचा तो परिजनों ने रिश्तेदारों व इलाकाई लोगों के साथ मिलकर देवनगर चौराहे पर उसे रखकर जाम लगा दिया। तकरीबन दो घंटे तक लगे जाम में दोनों ओर के वाहन जहां के तहां रूक गए। वहीं, स्थानीय पुलिस कोतवाली प्रभारी सुनील सिंह के समझाने के बाद जाम न खुलने पर आसपास के थानों की भी पुलिस बुला ली गई। उरई कोतवाली प्रभारी शिवगोपाल सिंह, सीओ सदर संतोष सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने जाम लगाए लोगों और महिलओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद मौके पर एएसपी अवधेश सिंह को बुलाया। उन्होंने मृतक के परिजनों से बात कर उन्हें मुआवजा दिलाए जाने एवं 24 से 48 घंटे के भीतर हत्या का खुलासा किए जाने का आश्वासन दिया। तब कहीं जाकर परिजन शव सड़क से हटाने के लिए राजी हुए। शव को हटाया ही जा रहा था कि तभी डीएम को बुलाने की मांग करते हुए शव को फिर से सड़क पर रखकर जाम लगाने का प्रयास किया। इस पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। जैसे ही पुलिस ने लाठियां पटकनी शुरू की वैसे ही जाम पूरी तरह से खुल गया और परिजन महेंद्र के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
पुलिस को नीले रुमाल वाली युवती की तलाश
उरई। स्कार्पियो चालक महेंद्र की हत्या के मामले में पुलिस गाड़ी में मिले नीले रुमाल के आधार पर उरई की एक युवती की सरगर्मी से तलाश कर रही है। सूत्रों की मानें तो वारदात से पहले गाड़ी में उरई की एक युवती के साथ जालौन का एक युवक भी सवार था। दोनों ही इस वक्त लापता है। वहीं एसपी डॉ सतीश कुमार का कहना है कि पुलिस खुलासे के करीब पहुंच गई है, जल्द ही सबकुछ सामने आ जाएगा। पुलिस मामले में चार संदिग्धों को उठाकर पूछताछ भी कर रही है।
बता दें कि मंगलवार को महेंद्र की स्कार्पियो में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस को गाड़ी में एक नीला रुमाल मिला था। चौबीस घंटे बीतने के बाद पुलिस ने इतना तो पता लिया है कि वह उरई की ही एक युवती का था, जिसने जालौन के एक युवक के साथ मिलकर महेंद्र की गाड़ी झांसी के लिए बुक की थी। पुलिस युवक युवती की तलाश के अलावा चालक महेंद्र से उनका संबंध भी तलाश रही है। जिसके चलते वारदात को अंजाम दिया गया। सूत्रों की मानें तो बुधवार को भी महेंद्र के भाई के पास किसी युवती का फोन भी आया था। मामले की जांच कर रहे सीओ सिटी संतोष कुमार उस नंबर की भी पड़ताल कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी पक्ष पर भी पूरी नजर रखी जा रही है। मामले में एकदम सही खुलासा किया जाएगा। घटनास्थल पर मिले महेंद्र के मोबाइल से भी पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं। जल्द ही मामले का खुलासा भी किया जाएगा।
... और पढ़ें

उफनाए चेकडैम में डूबकर दो किशोरियों की मौत

कदौरा (जालौन)। यमुना नदी के उफनाने से पानी से लबालब भरे रैला गांव के चेकडैम के नजदीक बकरियां चराने गई तीन किशोरियां डूब गई। इनमें से दो की मौत हो गई। किसी तरह तैरकर बाहर निकली तीसरी किशोरी ने गांव पहुंचकर जानकारी दी, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
बुधवार की दोपहर करीब 12 बजे क्षेत्र के रैला गांव निवासी सीता (13) पुत्री शंभू धानुक, शीलू (14) पुत्री पप्पू धानुक व सत्तो (12) बकरियां लेकर गांव के नजदीक जंगल तरफ गई थी। इसी बीच उनकी एक बकरी नजदीक स्थित चेकडैम की ओर चली गई। जिसको वहां से निकालने के लिए सीता चेकडैम के पास पहुंची ही थी कि अचानक उसका पैर फिसल गया और वह डैम के पानी में जा गिरी। उसे बचाने के लिए शीलू भी पानी में कूद गई। दोनों सहेलियों को पानी में डूबते देख सत्तो ने भी पानी में घुसकर उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन जब असफल होने लगी तो वह बाहर निकल आई और सीधे गांव जाकर वहां लोगों को खबर दी। जानकारी मिलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया। सीता और शीलू के परिजनों के साथ गांव वालों की भीड़ भी मौके पर पहुंच गई और कुछ तैराक युवकों ने डैम में छलांग लगा दी। कुछ ही देर बाद सूचना पाकर पुलिस भी वहां पहुंच गई। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद सीता और शीलू के शव बाहर मिल सके। बच्चियों के शव देखते ही उनके परिजनों में चीख पुकार मच गई। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। सीता कक्षा आठ की छात्रा थी। सहेलियों की मौत से सत्तो इस कदर दहशत में थी कि देर शाम तक वह अपने परिजनों से लिपटकर बिलखती रही।
शवों को देख फटा ममता का कलेजा
सीता की मां मुस्सो व शीलू की मां माया अपनी अपनी बच्चियों का शव देखकर बदहवास सी हो गई। जब भी होश में आती तो जुबान से सिर्फ यही निकलता कि उठ जाओ लाडो। दोनों की मां की हालत देख आसपास खड़ी महिलाओं की आंखें भी नम हो गई।
दोनों के ही परिवार करते हैं मजदूरी
सीता और शीलू दोनों के परिवार मजदूरी करते हैं। सीता के भाई अनिल ने बताया कि पिता की मौत 10 वर्ष पूर्व हो चुकी थी। सात भाई बहनों में सीता दूसरे नंबर की थी। शीलू का पिता पप्पू दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है। शीलू 10 भाई बहनों में चौथे नंबर की थी।
न योजनाओं का लाभ, न पहुंचा कोई अफसर
ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी रोष था कि मरने वाली दोनों बच्चियों के परिजन पात्र होने के बाद भी आवास, शौचालय आदि सरकारी योजनाओं से वंचित है। इसके अलावा हादसे के बाद भी कोई प्रशासन का अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
... और पढ़ें

गबन के बाद अब चालीस हजार खातों का होगा सत्यापन

उरई। डकोर पोस्ट आफिस में हुए गबन के मामले में बारीकी से जांच पड़ताल शुरू हो गई है। प्रवर डाक अधीक्षक उग्रसेन के आदेश पर तत्कालीन पोस्टमास्टर बाबूलाल प्रजापति के कार्यकाल के सभी खातों की जांच सहायक डाक अधीक्षक राजीव तिवारी कर रहे हैं। वे करीब चालीस हजार खातों का सत्यापन करेंगे और यह पता लगाने का प्रयास करेंगे कि किसी और भी खाताधारक के साथ तो गड़बड़ी नहीं हुई है।
बता दें कि डकोर डाकघर में तैनात पोस्ट मास्टर बाबूलाल प्रजापति के कार्यकाल में डाकघर में गबन हुआ था। सहायक डाक अधीक्षक राजीव तिवारी जब डाकघर का वार्षिक सत्यापन कर रहे थे तो उन्होंने पाया कि कुसमिलिया गांव निवासी ठाकुरदास पालीवाल जो शिक्षक के पद से रिटायर हुए थे, उन्होंने वर्ष 2016 में टाइम डिपोजिट (टीडी) पासबुक के रुप में 1.50 लाख रुपये की आठ पासबुक खुलवाई थी। लेकिन पोस्टमास्टर बाबूलाल ने डेढ़ लाख के स्थान पर सरकारी खाते में सिर्फ 15 हजार रुपये जमा किए और उनकी पासबुक में डेढ़ लाख चढ़ा दिए। जब उन्होंने पासबुक और रजिस्टर का मिलान किया तो गड़बड़ी मिली। जांच में दस लाख 80 हजार का गबन मिला। इस पर उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट प्रवर डाक अधीक्षक झांसी मंडल उग्रसेन को सौंप दी। इस पर प्रवर डाक अधीक्षक ने 30 जून 19 को बाबूलाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। 31 अगस्त को पुलिस ने बाबूलाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। अब विभागीय स्तर पर जांच पड़ताल शुरु हो गई है। हालांकि बताया जा रहा है कि डकोर डाकघर में एकल पोस्ट थी। लिहाजा किसी अन्य की संलिप्तता सामने नहीं आई है लेकिन किसी अन्य खाताधारक के साथ गड़बड़ी न हुई हो, लिहाजा जांच कराई जा रही है।
आज से शुरु होगा खातों के सत्यापन का काम
उरईं सहायक डाक अधीक्षक राजीव तिवारी ने बताया कि डकोर में गबन का मामला सामने आने के बाद डाकघर के करीब चालीस हजार खाताधारकों के खातों का सत्यापन 19 सितंबर से शुरु होगा। इस दौरान सभी के बचतखाता, आरडी, टीडी, किसान विकास पत्र, लघु बचत योजनाएं में जमा की गई धनराशि के सत्यापन का काम एक सप्ताह चलेगा। उन्होंने सभी खाताधारकों से कहा कि वे अपने खाते का सत्यापन करा लें। इसके बाद उनका दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
... और पढ़ें

मौसम विभाग की भविष्यवाणी, यूपी के कई शहरों में आज से 27 सितम्बर तक होगी झमाझम बारिश

झमाझम बारिश झमाझम बारिश

बाढ़ ने छीना दाना-पानी, मदद ही बनी सहारा

रामपुरा/कुठौंद/महेबा। बाढ़ का पानी भले ही कम हुआ हो, पर लोगों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बाढ़ प्रभावित ग्रामीण इलाकों में लोगों के घरों में खाने पीने का कुछ सामान भी नहीं बचा है, इसके साथ ही बिजली पानी की व्यवस्था भी ठप है। ऐसे में प्रशासन व समाजसेवियों से मिलने वाली मदद ही पीड़ितों का सहारा बनी हुई है।
महेबा के बाढ़ पीड़ित इलाकों में लोकतंत्र रक्षक सेनानी लाल सिंह चौहान ने ग्राम गुढ़ाखास में राहत सामग्री वितरित की। किसी को लालटेन, किसी को राशन और किसी को कपड़े देकर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। गांव के सुखदेव का कहना है कि घर पर खाने को कुछ नहीं बचा है। समझ में नहीं आता आगे कैसे गुजारा होगा। वहीं रामपुरा में भी प्रशासन के साथ साथ समाजसेवियों ने भी बाढ़ पीड़ितों की मदद को हाथ आगे बढ़ाए। कुसेपुरा गांव में जंगबहादुर, मनीष कुमार, चिंतामन, विनय हरौली, कुमकुम डिकौली, मानसिंह आदि ने राहत सामग्री वितरित की।
कुसेपुरा के रामाधीन और बिलौड़ की महिला कुंती का कहना है कि कोई कितने दिन खिला देगा, भगवान ही जाने आगे क्या होगा। कब जिंदगी ढर्रे पर लौटेगी कोई नहीं जानता है। कुठौंद क्षेत्र के लोहाई गांव में लोगों का सब कुछ बाढ़ के पानी ने छीन लिया। लोग एक-एक रोटी के लिए परेशान हैं। ग्राम प्रधान लोहाई की ओर से सभी पीड़ितों को स्कूल में बैठाकर भोजन कराया जा रहा है। वहीं प्रशासन की स्वास्थ्य विभाग की टीमें मरीजों का इलाज करने में जुटी हैं।
लोहई गांव में बाढ़ पीड़ितों को स्कूल में भोजन कराते प्रधान
लोहई गांव में बाढ़ पीड़ितों को स्कूल में भोजन कराते प्रधान- फोटो : ORAI
... और पढ़ें

शराब ठेके से नगदी और शराब चोरी

आटा (जालौन)। अंग्रेजी शराब की दुकान का ताला तोड़कर चोर दुकान में रखी लगभग पांच हजार की शराब व 12 हजार रुपये चोरी कर ले गए। जबकि सेल्समैन दुकान के बाहर ही सोता रहा। वहीं पास में पिकेट भी लगी थी।
आटा थाना क्षेत्र के हरिशंकरी नहर के पास स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान में शुक्रवार देर रात चोरों ने दरवाजे की कुंडी पर लगा ताला तोड़कर दुकान में रखे लगभग पांच हजार की शराब व गोलक में रखे नौ हजार रुपये और सेल्समैन की पेंट की जेब में पड़े तीन हजार रुपये चोरी कर लिए। सुबह जब सेल्समैन मनोज यादव सोकर जागा तो दुकान का ताला टूटे देख अंदर गया तब चोरी की जानकारी हुई। मनोज ने तहरीर दी कि शुक्रवार की रात 11 बजे वह दुकान बंद कर बाहर सो गया तभी रात में चोरी हो गई। वहीं आसपास के लोगों ने बताया कि नहर के पास पुलिस की पिकेट भी रहती है। इसके बाद भी बेखौफ चोरों ने घटना को अंजाम दे दिया।
दो दुकानों में हजारों की चोरी
जालौन। कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चौधरयाना निवासी राहुल ने पुलिस को बताया कि बाजार बैठगंज में उसकी संजय मार्केट में महिलाओं के रेडीमेड कपड़ों की दुकान है। शुक्रवार रात लगभग 8 बजे वह अपनी दुकान के शटर में ताला डालकर घर चला गया। रात में चोर दुकान का शटर उठाकर आठ हजार रुपये के कपड़े चोरी कर ले गए। सुबह जब वह दुकान पर पहुंचा तो शटर एक ओर से उठा था। उधर, कोतवाली रोड स्थित स्थित काली माता मंदिर के पास पवन बाथम की फोटो स्टेट की दुकान है। पवन ने बताया कि शुक्रवार रात वह दुकान बंद कर घर चला गया। रात में चोरों ने ढाले का ताला तोड़कर फोटोस्टेट मशीन, लैपटॉप व मोबाइल चोरी कर लिया। दोनों दुकानदारों की सूचना पर पुलिस चोरों की तलाश कर रही है।
... और पढ़ें

शार्ट सर्किट से बंद घर में लगी आग सिलिंडर फटा

उरई। बंद में शार्ट सर्किट से देर रात आग लग गई। जिससे घर में रखा सिलिंडर आग की चपेट में आ गया और तेज धमाके के साथ फट गया।
उरई तहसील के इटवां गांव निवासी रामजीवन पुत्र हरदयाल दोहरे घर में शार्ट सर्किट से आग लग गई। जिससे घर में रखा लगभग दो लाख का सामान जल गया। आग की चपेट में आया सिलिंडर भी तेज धमाके के साथ फट गया। जिससे घर की दीवारें चटक गई और गेट टूट गया।
जिससे गांव में अफरातफरी मच गई। गांव के लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। घर में कोई न होने के वजह से एक बड़ा हादसा टल गया। आग से लगभग दो लाख रुपये का सामान जलकर राख हो गया। पड़ोसियों ने गृह स्वामी को सूचना दे दी है। प्रधान शीतल कुशवाहा ने बताया कि रामजीवन परिवार समेत गुजरात में पानीपूरी का धंधा करता है। उसे सूचना दे दी गई है। उसके आने के बाद नुकसान का सही आंकलन हो पाएगा।
... और पढ़ें

स्कार्पियो लूट के इरादे से की थी चालक की हत्या

उरई (जालौन)। चार दिन पूर्व बुकिंग कर ले गए स्कार्पियो चालक की गोली मारकर हत्या करने वाले युवक को कोतवाली पुलिस ने सर्विलांस सेल व स्वाट टीम की सहायता से दबोच लिया। पुलिस ने उसके पास से हत्या में प्रयुक्त तमंचा, कारतूस, एक खोखा व खून से सना गमछा बरामद किया है। हत्यारोपी ने बताया कि चालक की हत्या कर जब शव पीछे की सीट में डाल दिय्रा औ गाड़ी स्टार्ट करने की कोशिश की तो चाबी नहीं मिली, तभी दो लोग आकर बगल में रुक गए तो वह डरकर भाग निकला। एएसपी अवधेश सिंह ने वारदात का खुलासा कर हत्यारोपी को पकड़ने वाली टीम को पांच हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की।
शहर कोतवाली क्षेत्र के झांसी-कानपुर हाईवे पर स्थित बड़ागांव कैथेरी के बीच 17 सितंबर की सुबह लगभग 11 बजे स्कार्पियो चालक की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और ड्राइवर सीट से हटाकर शव बीच वाली सीट में डाल दिया गया था। मृतक के भाई वीरेंद्र कुमार पुत्र रामसहाय दोहरे निवासी चुर्खीबाल, जालौन की तहरीर पर उरई कोतवाली में हत्या व एससी/एसटी एक्ट का मामला रिंकू राजावत उर्फ अजीत सिंह व गाड़ी में सवार पार्टी के अज्ञात के नाम मामला दर्ज कर लिया था।
मामले के खुलासे के लिए एसपी डाक्टर सतीश कुमार ने एएसपी डा.अवधेश सिंह के नेतृत्व में सीओ संतोष कुमार, कोतवाली पुलिस, सर्विलांस व स्वाट टीम को लगाया था। जिसमें सर्विलांस सेल प्रभारी शैलेंद्र सिंह, कोतवाल शिवगोपाल वर्मा, स्वाट टीम प्रभारी सुदीश कुमार, उपनिरीक्षक अशोक कुमार, शैलेंद्र कुमार, लालबहादुर आदि ने शनिवार सुबह 5.50 बजे शहर कोतवाली क्षेत्र के कालपी बस स्टैंड के पास खड़े युवक संजीव उर्फ संजू त्रिपाठी पुत्र राजकुमार त्रिपाठी निवासी मोहल्ला चुर्खीबाल, जालौन को गिरफ्तार कर लिया।
एएसपी ने बताया कि पकड़े गए हत्यारोपी के पास से एक तमंचा देशी 315 बोर, एक कारतूस व एक खोखा व खून से सना हुआ गमछा बरामद हुआ। पकड़े गए संजीव ने पुलिस को बताया कि 17 सितंबर की सुबह 8 बजे अपनी मां के फोन से चालक महेंद्र सिंह उर्फ छोटू से गाड़ी झांसी जाने के लिए बुक कराई थी। सुबह 9.15 बजे वह जालौन से झांसी के लिए चला था। बड़ागांव पहुंचने पर चालक मोबाइल रिचार्ज कराने के लिए गाड़ी रोककर किसी से मोबाइल पर बात करने लगा तभी उसने गाड़ी लूटने के उद्देश्य से तमंचे से सिर में गोली मार दी और उसका शव ड्राइवर सीट से हटाकर पीछे वाली सीट पर खींचकर लिटा दिया।
इसके बाद वह ड्राइविंग सीट पर बैठा तो गाड़ी में चाबी नहीं मिली। उसी समय दो बाइक सवार वहीं आकर रुक गए और बातचीत करने लगे। जब देर तक वे वहां से नहीं गए तो पकड़े जाने के डर से घबरा गया और गाड़ी से उतरकर मौके से भाग गया। बताया कि उसने झांसी जाने के लिए 800 रुपये, डीजल और टोल देने की बात कहकर बुकिंग की थी। उसने बताया कि कार लूटने की योजना पहले ही बना ली थी। इसके लिए उसने दो और कार चालकों को फोन किया था, लेकिन फोन न उठने पर उसने अपनी मां के मोबाइल से महेंद्र को फोन कर गाड़ी बुक की थी और जब घर से चला तो तमंचा कारतूस लेकर निकला था।
छात्रा की हत्या में हुई थी उम्रकैद, पैरोल पर था जेल से बाहर
उरई। हत्यारोपी संजीव उर्फ संजू त्रिपाठी वर्ष 2011 में जालौन कोतवाली क्षेत्र में हुई शिक्षा हत्याकांड में भी आरोपी था। बता दें कि जालौन के मोहल्ला चुर्खीबाल निवासी गल्ला व्यापारी गिरीशचंद्र गुप्ता अपनी पुत्री शिक्षा गुप्ता के साथ बाइक से 11 नवंबर 2011 को उरई से जालौन आ रहे थे तभी कार सवार युवकों ने जालौन रोड स्थित कामाक्षा देवी मंदिर के पास बाइक रुकवाकर व्यापारी को घायल कर दिया था और बीएससी की छात्रा शिक्षा का अपहरण कर ले गए थे। छह दिन बाद छात्रा का शव जालौन कोतवाली क्षेत्र के सिहारी दाउदपुर के पास खेतों में बनी गूल में पड़ा मिला था। इसी मामले में पकड़े गए हत्यारोपी संजीव को 31 जनवरी 2017 को आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई थी। इस समय वह पैरौल पर जेल से बाहर आया था।
हत्यारोपी पर यह मामले हैं दर्ज
पुलिस ने बताया कि हत्यारोपी संजीव त्रिपाठी पर कोंच कोतवाली में लूट और जालौन कोतवाली में जानलेवा हमला, हत्या, अपहरण और जुआ आदि के चार मामले दर्ज हैं।
... और पढ़ें

आश्रय गृहों में मिली खामिया, जांच समिति ने जताई नाराजगी

उरई। न्यायिक अधिकारियों की समिति ने राठ रोड में संचालित वृद्धाश्रम एवं मोहल्ला लहरियापुरवा स्थित आश्रयगृह का औचक निरीक्षण किया। इन दोनों स्थानों पर कई कमियां मिलीं। शेल्टर होम को लेकर तो समिति खासी नाराज दिखी और इसके लिए डीएम को प्रमुख सचिव को पत्राचार करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण करने वाली इस अनुश्रवण समिति में एडीजे अमित पाल सिंह, कुटुंब न्यायाधीश रीता गुप्ता, सीजेएम प्रशांत कुमार व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव विवेक कुमार सिंह ने सबसे पहले समाज कल्याण विभाग द्वारा राठ रोड में एनजीओ के सहयोग से संचालित वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया। जहां 59 संवासी मिले, जबकि पंजीकरण रजिस्टर में 85 नाम दर्ज थे। इस बाबत व्यवस्थापक संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उपस्थिति पंजिका में दर्ज कर्मचारियों में से एक कर्मचारी नदारद मिला।
फिर चाय-नाश्ता और सुबह-शाम के भोजन के संबंध में मेन्यू चार्ट को क्रॉस चेक भी किया गया, जिसमें भिन्नता मिली। भंडार गृह का निरीक्षण करने पर पाया गया कि स्टाक रजिस्टर में दर्ज सामग्री मौके पर कम मात्रा मिली। इसके बाद नगर पालिका सहयोग से लहरियापुरवा में संचालित आश्रय गृह (शेल्टर होम) के निरीक्षण के दौरान भूतल एवं प्रथम तल के कई कक्षों में नगर पालिका का सामान भरा मिला। आश्रित पंजिका में निरीक्षण तिथि में 11 पंजीकरण मिले। स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधा के संबंध में यहां कोई व्यवस्था नहीं मिली।
आश्रय गृह के प्रबंधक को निर्देशित किया गया कि वह इसके लिए संबंधित अधिकारी से आवश्यक पत्राचार करें। इस दौरान निरीक्षण समिति ने इस बात पर नाराजगी जताई कि शेल्टर होम का रखरखाव और उपयोगिता नियमानुसार नहीं है। करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद इसका सदुपयोग नहीं हो रहा है। प्रचार प्रसार न हो पाने से पात्र निराश्रितों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा हैं। इसके संबंध में पूर्व निरीक्षणों में भी दिशा निर्देश दिए गए लेकिन उनका अनुपालन नहीं किया गया। जो आपत्तिजनक है। इस संबंध में अधीनस्थ को निर्देशित किया गया है कि इस मामले में कार्रवाई के लिए डीएम और प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग को पत्र लिखा जाए।
... और पढ़ें

चौथे दिन झाड़ियों में फंसे मिले युवक व किशोर के शव

कुठौंद (जालौन)। क्षेत्र के पतराही गांव में चार दिन पूर्व यमुना नदी की बाढ़ में नहाते वक्त लापता हुए किशोर व युवक के शव शुक्रवार को झाड़ियों में फंसे मिल गए। शव मिलते ही रोते बिलखते परिजन नदी के किनारे पहुंचे। आनन फानन में दोनों के शव निकाले गए। इस बीच सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बता दें कि मंगलवार सुबह पतराही गांव के किशन (19) पुत्र धनपाल व गोधन (16) पुत्र शंकर सिंह नदी में नहाते समय तेज बहाव होने के कारण नदी में बह गए थे। नदी का बहाव तेज होने के कारण न तो गोताखोर नदी में उतर रहे थे और न ही प्रशासन जाल डलवा पा रहा था। जिससे तीन दिन तक शवों का कुछ पता नहीं चल सका। जलस्तर देखते हुए ग्रामीणों को शव मिलने की कोई उम्मीद भी नहीं थी। शुक्रवार को जब नदी का पानी कुछ कम हुआ तो ग्रामीणों की नजर कुछ ही दूरी पर झाड़ियों में फंसे दो शवों पर पड़ी। दोनों शव किशन और गोधन के ही थे, जो कि एक ही झाड़ी में आसपास फंसे थे।
सूचना पाते ही दोनों के परिजन और ग्रामीणों की भीड़ नदी किनारे पहुंच गई। काफी मशक्कत के बाद गांव के ही युवकों ने उनके शवों को बाहर निकाला। तब तक पुलिस भी पहुंच गई। शव देखते ही परिजनों में चीख पुकार मच गई। तीन दिन तक पानी में पड़े होने के कारण शव फूल चुके थे, उनकी सड़ांध से लोगों का पास खड़े होना दूभर हो रहा था। इधर घर पर किशन की मां सुनीता को जैसे ही बेटे का शव मिलने की जानकारी मिली तो वह बेहोश हो गई। वही गोधन की मां विमला भी बेटे की मौत की जानकारी पाते ही पागल सी हो गई थी। दोनों की मां का रोना देख वहां खड़ी भीड़ की भी आंखें नम हो गईं। गोधन तीन भाइयों समरेंद्र और गप्पू में दूसरे नंबर का था जबकि किशन भी तीन भाइयों कीरत और विजय में दूसरे नंबर का था। ग्रामीणों में इस बात की भी चर्चा रही कि आखिर तीन दिन पानी रहने के बाद भी दोनों के शव एक साथ एक ही जगह पर कैसे मिले, कहीं ऐसा तो नहीं डूबते वक्त उन्होंने एक दूसरे का हाथ न छोड़ा हो।
... और पढ़ें

यमुना का जलस्तर घटने से खतरा टला, आफत बरकरार

कालपी। शुक्रवार का दिन यमुना पट्टी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत भरी खबर लेकर आया। गुरुवार को जल आयोग ने आशंका व्यक्त की थी कि शुक्रवार को जलस्तर और बढ़ेगा, पर सुबह से ही यमुना का जलस्तर स्थिर रहा और दोपहर तक इसमें गिरावट दर्ज की गई। आंकड़ों के अनुसार गुरुवार को यमुना का जल स्तर 112.35 मीटर तक पहुंच गया था, जो शुक्रवार को 40 सेंटीमीटर घटकर 111.95 में पहुंच गया, जबकि यहां खतरे का निशान 108 मीटर पर है। जिससे प्रशासन व बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों ने राहत की सांस ली। लोगों का कहना है कि जलस्तर घटने से खतरा टला है, पर आफत बरकरार है अभी भी इस क्षेत्र के 40 गांवों में बाढ़ का पानी भरा है। लोग अपने आशियानों को छोड़कर राहत शिविरों में रह रहे है।
बता दें कि खतरे के निशान से चार मीटर ऊपर बह रही यमुना ने तलहटी के गांवों में भारी तबाही मचा दी थी। लगातार बढ़ते जल स्तर को देखते हुए जिले में बाढ़ को लेकर हाहाकार मचा था। ऐसे में बुधवार को राजस्थान से साढ़े पांच लाख क्यूसेक पानी यमुना व धरास में छोड़ा गया था। जिससे बाढ़ से जूझ रहे तलहटी के क्षेत्रों में समस्या और विकराल हो गई थी, जिसे लेकर प्रशासन भी हलाकान नजर आ रहा था। जल आयोग के रिपोर्ट में शुक्रवार को जल स्तर 112.35 से और बढ़ने की आशंका व्यक्त की गई थी, पर शुक्रवार को जलस्तर न बढ़ने से सभी ने राहत की सांस ली। हालांकि पानी न उतरने से अभी भी गांवों में बाढ़ के हालात बने है।
कालपी क्षेत्र के मदारपुर, देवकली, रायड़, जकसिया, सुरौली, सुरौला, गुलौली, मवई, सोंधी, जकसिया, मदरालालपुर, पाली, हीरापुर, देवकली, अभिर्वा, जमरेही, मैनुपुर, पड़री, मगरौल, नरहान, धर्मपुर, गुढ़ा खास, शेखपुर गुढा, पिपरौंधा, भदेख, महेवा आदि गांवों में पानी न बढ़ने से ग्रामीणों ने राहत की सांस तो ली, पर उनका कहना है कि भले ही बाढ़ का खतरा टल गया हो, पर उनकी मुसीबत जस की तस बनी है। अभी भी गांवों के निचले इलाकों में पानी भरा हुआ है। कालपी क्षेत्र के ग्रामीण रामसिंह, विनोद, माताप्रसाद आदि का कहना है कि बाढ़ में उनका सब कुछ बर्बाद हो गया है अब वह कैसे जीविका चलाएंगे। एसडीएम भैरपाल सिंह का कहना है कि यमुना का जल स्तर घटा है, लेकिन अभी गांवों से पानी निकलने में एक दो दिन का समय लगेगा।
अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह ने बताया कि कई दिनों के उफान के बाद यमुना का जलस्तर कुछ कम हुआ है। हालांकि यह मात्र 40 सेंटीमीटर है, लेकिन फिलहाल जल स्तर न बढ़ने से काफी राहत मिली है। उम्मीद है कि जल्द ही जलस्तर और घटेगा। वहीं पंचनद क्षेत्र के कई गांवों में पानी घटने की रिपोर्ट जल आयोग से मिली है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी। फिलहाल गांवों में संक्रामक रोगों के फैसले की संभावना को देखते हुए बाढ़ प्रभावित प्रत्येक गांवों में स्वास्थ्य टीमें भेजी जा रही है। इसके साथ कृषि अधिकारी को निर्देश दिए गए है कि पानी उतरने के तत्काल बाद गांवों में सर्वे कराकर किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए।
कालपी में यमुना का उतरा जलस्तर
कालपी में यमुना का उतरा जलस्तर- फोटो : ORAI
गुलोली में नाव से सामान भरकर ले जाता ग्रामीण
गुलोली में नाव से सामान भरकर ले जाता ग्रामीण- फोटो : ORAI
रामपुरा में बाढ़ क्षेत्र में डीएम से जानकारी  लेती कमिश्नर व डीआईजी
रामपुरा में बाढ़ क्षेत्र में डीएम से जानकारी लेती कमिश्नर व डीआईजी- फोटो : ORAI
... और पढ़ें

बाढ़ से बेपटरी हुई जिंदगी, हर तरफ खतरा

कालपी/कदौरा/रामपुरा। तीन दिन से नदियों के बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीणों की जिंदगी बेपटरी कर दी है। फसलों का नुकसान हुआ तो हुआ अब तो उनकी जान पर तक बन आई है। बाढ़ के पानी ने गांव में प्रवेश किया तो सड़कें नदियों में तब्दील हो गई हैं। घरों में पानी घुसा तो मुसीबत और बढ़ गई। सारा सामान लेकर लोगों को मकान की छतों पर आशियाना बनाना पड़ रहा है। घरों पर रखा अनाज और मवेशियों का चारा तक सब बह गया है। कई मवेशी भी डूबकर मौत की नींद सो चुके हैं। पानी के साथ घरों में घुसते जीव जंतु भी जान का खतरा बने हुए है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी कम होने के बाद भी मुश्किलें कम नहीं बल्कि बढ़ेंगी, तब संक्रामक रोग फैलने शुरू होंगे।
कालपी प्रतिनिधि के मुताबिक कागजीपुरा, तरीबुल्दा, रामगंज, आलमपुर, टरननगंज आदि मोहल्लों में जलभराव है। हीरापुर, देवकली, नरहान, पडऱी, उरकरा, मंगरौल, सिमरा, महेबा आदि गांव तो पानी में डूबे हैं। यहां लोगों को गृहस्थी का सामान समेटकर छतों पर डेरा डालना पड़ रहा है। इन शहरी और ग्रामीण इलाकों की बिजली व्यवस्था भी ध्वस्त पड़ी हुई है, क्योंकि बिजली के खंभे ही नहीं पूरे के पूरे ट्रांसफार्मर ही पानी में डूबे दिखाई दे रहे हैं।
कदौरा प्रतिनिधि के मुताबिक गुलौली गांव में यमुना का रौद्र रूप देख लोगों की सांसे थमी हुई हैं। गांव के स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र सभी पानी में डूबे हुए हैं। नदी का पानी गांव के पुल से बस कुछ ही दूरी पर रह गया है। पुल पर चलते हुए भी लोगों को खौफ सता रहा है। प्रशासन से मदद के नाम पर सिर्फ एक लेखपाल ही आते जाते दिखाई दे रहे हैं और किसी तरह बाढ़ में फंसे लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। प्रधान प्रतिनिधि अब्दुल हई का कहना है कि आधे से ज्यादा गांव पानी में डूबा हुआ है और कोई मदद नहीं मिल रही है।
रामपुरा प्रतिनिधि के मुताबिक कुछ ऐसी ही खौफनाक तस्वीर बीहड़ के गांवों की भी है। यहां पर भी बाढ़ ने गांव के गांव को अपनी चपेट में ले रखा है। बीहड़ के बिलौड़, मिरजापुरा, हुकुमपुरा, कूसूपुरा, मोहब्बतपुरा, सिदपुरा, डिकौली जागीर कुछ ऐसे गांव हैं, जहां साधारण दिनों में शिक्षक और डॉक्टर जाने से कतराते हैं फिर बाढ़ से डूबे इन गांवों का हाल लेने की किसे फुर्सत है। गांव के स्कूल डूबे हुए हैं, अस्पताल खाली पड़े हैं और लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए छतों को आश्रय केंद्र बना रखा है। कई मवेशी डूबकर मर चुके हैं, जिनके शव पानी कम होने के बाद जानलेवा बीमारियों के साथ ही सामने आएंगे। एडीएम प्रमिल कुमार का कहना है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में डॉक्टरों की टीम और काने पीने का सामान भेजने का काम किया जा रहा है।
गुलोली गांव में पानी में डूबा ट्रैक्टर
गुलोली गांव में पानी में डूबा ट्रैक्टर- फोटो : ORAI
गुलोली गांव के पुल पर पहुंचा पानी
गुलोली गांव के पुल पर पहुंचा पानी- फोटो : ORAI
प्राथमिक विद्यालय बिलौड मे भरा पानी
प्राथमिक विद्यालय बिलौड मे भरा पानी- फोटो : ORAI
... और पढ़ें

चार हत्यारोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

उरई। जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों में हुए विवाद के बाद एक की हत्या के मामले में पुलिस ने पांच हत्यारोपियों में से चार को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त रॉड भी बरामद की है। एसपी ने हत्यारोपियों का खुलासा किया।
पुलिस कार्यालय मेें रेंढर पुलिस द्वारा पकड़े गए चार हत्यारोपियों का गुरुवार को खुलासा कर डा.सतीश कुमार ने बताया कि रेंढर थाना क्षेत्र के निचाबड़ी में 14 सितंबर को जमीन पर हल रखने पर कृष्णपाल पुत्र यदुनाथ गुर्जर व चंद्रपाल पाल पुत्र राजबहादुर के बीच विवाद हो गया था। कहासुनी के बाद मामला बढ़ा तो दोनों पक्षों के लोग लाठी डंडे, सरिया व लोहे की राड लेकर एक दूसरे पर हमलावर हो गए थे। जिसमें कृष्णपाल, उसका भतीजा नीतू सिंह व रिश्तेदार रामू सिंह घायल हो गए थे। जिसमें कृष्णपाल की मौत हो गई थी।
मृतक के भतीजे की तहरीर पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। जिसमें थानाध्यक्ष अनिल कुमार, उपनिरीक्षक केशव दयाल, हेड कांस्टेबल रामकृपाल, सिपाही बृजेंद्र सिंह ने गुरुवार सुबह पप्पू उर्फ राजकुमार पुत्र राजबहादुर, दीपक पुत्र चंद्रपाल, शिवम पुत्र राजकुमार उर्फ पप्पू, चंद्रपाल पुत्र राजबहादुर सभी निवासी निचाबड़ी को थाना क्षेत्र के कमसेरा चौराहा बंगरा रोड से गिरफ्तार कर लिया और आरोपियों के पास से लोहे का पाइप (रॉड) भी बरामद कर ली है। जबकि एक हत्यारोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
... और पढ़ें
अपने शहर की सभी खबर पढ़ने के लिए amarujala.com पर जाएं

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree