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हाथरस : बच्चों को पढ़ाने के लिए 100 दिन का रीडिंग कैंपेन शुरू
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घनश्याम सिंह
हाथरस। कोरोना एक बार फिर नौनिहालों की पढ़ाई पर बुरा असर छोड़ने वाला है। स्कूलों के खुलने की तारीख अब आगे बढ़ती जा रही है। ऐसे में विभाग ने भी बच्चों को घर पर ही सक्षम बनाने के लिए नई पहल शुरू ही है। 100 दिन का रीडिंग कैंपेन शुरू किया जा चुका है। यह मार्च तक चलेगा।
रीडिंग कैंपेन का उद्देश्य बच्चों को पढ़ने में सक्षम बनाना है। इसके लिए न केवल परिषदीय स्कूलों के अध्यापक नहीं, अभिभावकों को भी शासन ने कैंपेन से जोड़ने की योजना बनाई है। रीडिंग कैंपेन जनवरी से मार्च तक चलने वाली है। इससे बच्चों की पढ़ाई को सुचारु रखने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि बच्चों का पढ़ाई से मोह भंग न हो। संवाद
अभिभावक उपलब्ध कराएं सामग्री
रीडिंग कैंपेन में विद्यालय से मिलने वाली किताबों के अतिरिक्त अभिभावक घर पर दीवारों पर लिखे संदेश, बर्तनों पर उनके नाम, घर परिवार के सदस्यों के नाम, अखबार, खरीदारी वाले सामान की सूची आदि माध्यम बच्चों को प्रतिदिन पढ़ने के लिए उपलब्ध करा सकते हैं।
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प्रतिदिन दो घंटे की पढ़ाई
शासन ने अभिभावकों को भेजे संदेश में स्पष्ट किया है कि दो घंटे की पढ़ाई के लिए बच्चों को बैठाना आवश्यक है। तभी वह पढ़ने में सक्षम बन पाएंगे। बच्चों के साथ साथ घर के अन्य सदस्यों को पढ़ाई से जोड़ने की बात कही गई है।
विद्यालय भी भेजेगा सामग्री
विद्यालय भी ऑनलाइन पढ़ाई के लिए चल रहे ग्रुप के माध्यम से बच्चों को पढ़ाई के लिए सामग्री और वीडियो दैनिक रूप से उपलब्ध कराएंगे। इसके अतिरिक्त शासन द्वारा भी साप्ताहिक रूप से गतिविधि लिंक भेजा जा रहा है। इसको शिक्षकों द्वारा बच्चों तक पहुंचाया जा रहा है।
शासन स्तर से 100 दिवसीय कैंपेन शुरू किया गया है। इस पर जिले की क्वालिटी टीम के साथ शिक्षक भी स्कूल स्तर पर कार्य कर रहे हैं।
-शाहीन, बीएसए
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हाथरस। कोरोना एक बार फिर नौनिहालों की पढ़ाई पर बुरा असर छोड़ने वाला है। स्कूलों के खुलने की तारीख अब आगे बढ़ती जा रही है। ऐसे में विभाग ने भी बच्चों को घर पर ही सक्षम बनाने के लिए नई पहल शुरू ही है। 100 दिन का रीडिंग कैंपेन शुरू किया जा चुका है। यह मार्च तक चलेगा।
रीडिंग कैंपेन का उद्देश्य बच्चों को पढ़ने में सक्षम बनाना है। इसके लिए न केवल परिषदीय स्कूलों के अध्यापक नहीं, अभिभावकों को भी शासन ने कैंपेन से जोड़ने की योजना बनाई है। रीडिंग कैंपेन जनवरी से मार्च तक चलने वाली है। इससे बच्चों की पढ़ाई को सुचारु रखने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि बच्चों का पढ़ाई से मोह भंग न हो। संवाद
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अभिभावक उपलब्ध कराएं सामग्री
रीडिंग कैंपेन में विद्यालय से मिलने वाली किताबों के अतिरिक्त अभिभावक घर पर दीवारों पर लिखे संदेश, बर्तनों पर उनके नाम, घर परिवार के सदस्यों के नाम, अखबार, खरीदारी वाले सामान की सूची आदि माध्यम बच्चों को प्रतिदिन पढ़ने के लिए उपलब्ध करा सकते हैं।
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प्रतिदिन दो घंटे की पढ़ाई
शासन ने अभिभावकों को भेजे संदेश में स्पष्ट किया है कि दो घंटे की पढ़ाई के लिए बच्चों को बैठाना आवश्यक है। तभी वह पढ़ने में सक्षम बन पाएंगे। बच्चों के साथ साथ घर के अन्य सदस्यों को पढ़ाई से जोड़ने की बात कही गई है।
विद्यालय भी भेजेगा सामग्री
विद्यालय भी ऑनलाइन पढ़ाई के लिए चल रहे ग्रुप के माध्यम से बच्चों को पढ़ाई के लिए सामग्री और वीडियो दैनिक रूप से उपलब्ध कराएंगे। इसके अतिरिक्त शासन द्वारा भी साप्ताहिक रूप से गतिविधि लिंक भेजा जा रहा है। इसको शिक्षकों द्वारा बच्चों तक पहुंचाया जा रहा है।
शासन स्तर से 100 दिवसीय कैंपेन शुरू किया गया है। इस पर जिले की क्वालिटी टीम के साथ शिक्षक भी स्कूल स्तर पर कार्य कर रहे हैं।
-शाहीन, बीएसए