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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Teenager's body found after 48 hours

48 घंटे बाद पोखर से निकला किशोर का शव

Thu, 01 Feb 2018 11:47 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हाथरस। Updated Thu, 01 Feb 2018 11:47 PM IST
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Teenager's body found after 48 hours
धर्मेश का फाइल फोटो। - फोटो : Amar Ujala
नगला अलगर्जी के पोखर में डूबे 14 वर्षीय किशोर धर्मेश का शव 48 घंटे बाद गुरुवार दोपहर को पोखर से बाहर निकाला जा सका। धर्मेश मंगलवार दोपहर को पोखर में गिर पड़ा था। इसके बाद से ही उसके शव को खोजने के लिए पुलिस कोशिश में जुटी थी।
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शुक्रवार को पोखर में शव मिलते ही परिजनों में मातम छा गया और मौके पर लोगों की काफी भीड़ जमा हो गई। लोगों ने घरों से निकले पानी की निकासी नहीं होने को लेकर आक्रोश जताया है। लोगों का कहना है कि निकासी नहीं होने के कारण पानी इकट्ठा होने से पोखर बन गई है। कस्बे के छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए पोखर कभी भी जानलेवा साबित हो सकती है। पुलिस ने धर्मेश के शव का पोस्टमार्टम कराया है। 
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नगला अलगर्जी निवासी अद्भुत कुमार रेलवे में कर्मचारी हैं। उनके मुताबिक उनका 14 वर्षीय पुत्र धर्मेश मानसिक रूप से बीमार था। वह मंगलवार दोपहर को पोखर के पास खेल रहा था। इसके बाद से उसका पता नहीं है। गांव के कुछ लोगों के मुताबिक उन्होंने धर्मेश को पोखर में डूबते देखा और शोर मचाया। परिजनों के पोखर तक पहुंचने से पहले ही धर्मेश पूरी तरह डूब चुका था। उसका शव पोखर में दिखाई नहीं दे रहा था। पोखर में किशोर के डूबने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड की मदद से शव को खोजने की कोशिश शुरू की गई। देर शाम पोखर में धर्मेश का शव न खोज पाने पर क्षेत्रीय लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मेंडू रोड जाम कर दिया था। इसके बाद एटा पीएसी के गोताखोरों की मदद ली गई।
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एटा पुलिस ने स्टीमर और नाव के जरिए बुधवार को धर्मेश के शव को पोखर से बाहर निकालने की कोशिश की लेकिन इसमें उन्हें कामयाबी नहीं मिली। स्टीमर की तेज गति के कारण पोखर के पानी के साथ मिट्टी कटकर आने से पोखर के अंदर कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। गुरुवार को एटा पुलिस ने शव खोजने की कोशिश दोबारा शुरू की। इस बार स्टीमर की मदद नहीं ली गई और नाव के सहारे ही पोखर के अंदर लोहे के कांटे डालकर शव को खोजने की कोशिश की गई। शव होने की आशंका पर लोहे के कांटे की मदद से उसके बाहर निकाल लिया गया। शव के बाहर आने की खबर पर पोखर के चारों ओर हजारों लोगों की भीड़  इकट्ठा हो गई। परिजन रोने-बिलखने लगे। दो बेटों में दूसरा धर्मेश मानसिक रूप से बीमार था लेकिन अपने माता-पिता का बेहद लाडला था। शव बाहर निकलने पर पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम हाउस तक ले गई।
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