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बाइक एजेंसी से लाखों का कैश चोरी

Wed, 03 Feb 2016 10:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 03 Feb 2016 10:51 PM IST
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Bike stolen cache of millions of agency

हाथरस। मधुगढ़ी स्थित रानी मिल कंपाउंड में मौजूद हीरो बाइक की एजेंसी महाराजा ऑटो वर्ल्ड में मंगलवार रात सेंध लगाकर चोरों ने लाखों का कैश साफ कर दिया। चोरी को इस तरह अंजाम दिया गया कि बाहर पहरा दे रहे सुरक्षा गार्ड को भनक तक नहीं लगी। चोरी के बाद सुबह मौके पर पहुंची पुलिस ने देर तक जांच-पड़ताल कर सुराग तलाशने की कोशिश की और फिंगर प्रिंट भी लिए गए। सीसीटीवी फुटेज से भी चोरों की पहचान करने की कोशिश की गई। हालांकि चोरों के नकाब पहने होने से यह कोशिश भी बेकार साबित हुई। सीसीटीवी से केवल इतना पता चल सका कि चोर संख्या में दो थे। 

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पुलिस के मुताबिक चोर मिल में पीछे की ओर बने झीने से छत पर चढे़। एजेंसी में बाइक की साफ-सफाई के बाद पानी की निकासी के लिए एक चौड़ी नाली बनी हुई है, यहां से गैस को बाहर निकालने के लिए छत पर हल्के लोहे का जाल लगाया गया है। चोर आसानी से इस जाल को उखाड़कर नीचे नाली में उतर गए। एजेंसी के बाथरूम का रोशनदान भी नीचे नाली की दीवार में निकलता है। नाली में उतरने के बाद चोरों ने रोशनदान के कांच को काटा और आसानी से बाथरूम में प्रवेश किया। बाहर से बंद बाथरूम की चटकनी को धक्का देकर हटा दिया और इसके बाद चोर एजेंसी के मुख्य हॉल में प्रवेश कर गए। यहां नकाब होने के बाद सीसीटीवी से उन्हें कोई खतरा नहीं था। हॉल में बने मुख्य ऑफिस का कांच हटाकर वह इसके अंदर पहुंचे और वहां रैक का मामूली लॉक तोड़कर उसमें रखे लाखों के कैश को लेकर वापस उसी रास्ते से रफूचक्कर हो गए। इसी ऑफिस में दो बंदूकें भी रखीं थीं। पूरी चोरी में कहीं भी चोरों को तोड़फोड़ की जरूरत महसूस नहीं हुई। यही वजह रही कि एजेंसी के गार्ड को अंदर चोरी होने का पता नहीं चल सका। रैक में तीन-चार दिन का कैश रखा था, जो कि लाखों में बताया जा रहा है। एजेंसी के मालिक गौरव सेकसरिया निवासी सूपान गली ने दी गई तहरीर में चोरी गई रकम का खुलासा नहीं किया है। कुछ बहीखाते भी चोरी हुए हैं। उनका कहना है कि बाकी बहीखातों से हिसाब लगाने के बाद ही चोरी गई रकम का पता चल सकेगा। 

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चोरी करने वाला एजेंसी के कामकाज से अच्छी तरह से वाकिफ है। वह यहां का वर्तमान या पूर्व कर्मचारी भी हो सकता है। छत का जाल अगर मजबूत होता या बाथरूम का रोशनदान लोहे का होता तो चोरी करना इतना आसान नहीं होता। ऑफिस की रैक में कैश रखने की जगह उसे लोहे की अलमारी, सेफ या बैंक में रखा जा सकता था। पुलिस जांच-पड़ताल कर रही है। चोरी के खुलासे की पूरी कोशिश की जाएगी। 

- एके सिंह, सदर कोतवाल

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