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नहीं मिला शव वाहन, परिजन बाइक से ले गए युवक का शव
Updated Fri, 24 Aug 2018 12:37 AM IST
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न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
हाथरस। अमरपुर निवासी युवक की मौत के बाद परिजनों को जिला अस्पताल का शव वाहन नहीं मिला तो मृतक के भाई शव को अपनी बाइक पर ही ले गए। जबकि इमरजेंसी के बाहर शव वाहन खड़ा हुआ था।
जिला अस्पताल का शव वाहन सफेद हाथी साबित हो रहा है, क्योंकि यहां पर जरूरतमंदों को शव वाहन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। ऐसा नजारा गुरुवार को साफ तौर पर देखने को मिला। अमरपुर निवासी रेशमपाल की अचानक तबियत खराब हो गई। उनके भाई बाइक पर बिठाकर जिला अस्पताल लाए। यहां मौजूद डॉक्टर ने रेशमपाल को मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद उन्हें शव वाहन की आवश्यकता पड़ी। मौके पर मौजूद लोगों ने शव वाहन बुलाए जाने की बात कही तो इमरजेंसी में मौजूद फार्मासिस्ट ने शव वाहन चालक को फोन भी किया। इधर, मृतक के भाईयों का रो-रोकर बुरा हाल था। काफी देर तक शव वाहन की सुविधा नहीं मिलने पर मृतक के भाई खुद शव को बाइक पर गांव तक ले गए। यह देख मौके पर मौजूद लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के काफी कोसा।
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वर्जन-
जब भी अस्पताल में किसी की मौत होती है, उसके शव को घर तक पहुंचाने के लिए शव वाहन भेजा जाता है। गुरुवार को शव वाहन उपलब्ध कराए जाने के लिए किसी का फोन मेरे पास नहीं आया। अगर आया होता तो शव वाहन की सुविधा प्राप्त कराई जाती।
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-डॉ.आईवी सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल
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हाथरस। अमरपुर निवासी युवक की मौत के बाद परिजनों को जिला अस्पताल का शव वाहन नहीं मिला तो मृतक के भाई शव को अपनी बाइक पर ही ले गए। जबकि इमरजेंसी के बाहर शव वाहन खड़ा हुआ था।
जिला अस्पताल का शव वाहन सफेद हाथी साबित हो रहा है, क्योंकि यहां पर जरूरतमंदों को शव वाहन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। ऐसा नजारा गुरुवार को साफ तौर पर देखने को मिला। अमरपुर निवासी रेशमपाल की अचानक तबियत खराब हो गई। उनके भाई बाइक पर बिठाकर जिला अस्पताल लाए। यहां मौजूद डॉक्टर ने रेशमपाल को मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद उन्हें शव वाहन की आवश्यकता पड़ी। मौके पर मौजूद लोगों ने शव वाहन बुलाए जाने की बात कही तो इमरजेंसी में मौजूद फार्मासिस्ट ने शव वाहन चालक को फोन भी किया। इधर, मृतक के भाईयों का रो-रोकर बुरा हाल था। काफी देर तक शव वाहन की सुविधा नहीं मिलने पर मृतक के भाई खुद शव को बाइक पर गांव तक ले गए। यह देख मौके पर मौजूद लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के काफी कोसा।
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वर्जन-
जब भी अस्पताल में किसी की मौत होती है, उसके शव को घर तक पहुंचाने के लिए शव वाहन भेजा जाता है। गुरुवार को शव वाहन उपलब्ध कराए जाने के लिए किसी का फोन मेरे पास नहीं आया। अगर आया होता तो शव वाहन की सुविधा प्राप्त कराई जाती।
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-डॉ.आईवी सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल