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Kanpur News: इत्र कारोबारी के घर-कारखाने पर सेंट्रल जीएसटी टीम का छापा, दस्तावेज खंगाले
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कन्नौज। खुशबुओं के शहर में गुरुवार की सुबह इत्र कारोबारियों के लिए अफरा-तफरी भरी रही। मोहल्ला कागजियाना स्थित इत्र व्यापारी आदिल हुसैन (पुत्र दिलशाद) के प्रतिष्ठान और आवास पर केंद्रीय जीएसटी की टीम ने अचानक छापेमारी कर दी। नोएडा से आई आठ सदस्यीय टीम ने सुबह सात बजे डीएच इंटरप्राइजेज के कारखाने में जैसे ही कदम रखा, पूरे इत्र बाजार में खलबली मच गई।
कारखाने में जांच-पड़ताल के बाद अफसरों का दस्ता कारोबारी के आवास पर पहुंचा। दोपहर लगभग दो बजे तक चली इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने व्यापार से जुड़े कई महत्वपूर्ण अभिलेखों और दस्तावेजों को खंगाला। इस दौरान कारोबारी से लंबी पूछताछ भी की गई। सूत्रों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद टीम अपने साथ कई अहम दस्तावेज लेकर रवाना हो गई।
इनसेट-- -
सीक्रेट मिशन की तरह हुई कार्रवाई, पीछे के दरवाजे पर भी रही नजर
छापामारी के दौरान किसी भी अनधिकृत आवाजाही या दस्तावेज इधर-उधर होने की गुंजाइश खत्म करने के लिए टीम ने मुख्य द्वार के साथ-साथ मकान के पिछले गेट पर भी अपनी गाड़ी खड़ी कर सख्त निगरानी रखी। टीम में छह पुरुष अधिकारियों के साथ दो महिला अधिकारी भी शामिल थीं। सुबह से दोपहर तक घर के बाहर रही चहल-पहल के बाद भी किसी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।इनसेट-- -
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कारोबारियों में रहा चर्चाओं का बाजार गर्म
अचानक हुई छापामारी और अधिकारियों की चुप्पी ने शहर के व्यापारिक गलियारों में कयासबाजियों का दौर शुरू कर दिया है। हालांकि, केंद्रीय जीएसटी टीम की ओर से कार्रवाई के कारणों या जांच के दौरान मिली जानकारियों को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पहले भी इत्र कारोबारियों के यहां छापा पड़ चुका है। ऐसे में कार्रवाई की भनक लगते ही कई बड़े इत्र कारोबारी अपने प्रतिष्ठानों में ताला लगाकर इधर-उधर हो गए।
वर्जन
यह सेंट्रल जीएसटी टीम का छापा था। उन लोगाें ने स्थानीय जीएसटी के अधिकारियों ने कोई सूचना नहीं दी थी। इसलिए इस बारे में जानकारी नहीं है। बाद में उनकी रिपोर्ट आएगी, तब पता चलेगा।
-राजीव त्यागी, असिस्टेंट कमिश्नर, जीएसटी (राज्य कर)
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25 लाख रुपये टैक्स चोरी की आशंका
जीएसटी टीम की जांच में कारोबारी की दूसरे शहरों की कंपनियों को की गई इत्र बिक्री भी केंद्र में रही। अफसरों को आशंका है कि दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और महाराष्ट्र की कंपनियों को इत्र की बिक्री में कम टैक्स जमा किया गया। इसी को लेकर टीम ने बिक्री रजिस्टर, कारोबारी अभिलेख और लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की बारीकी से पड़ताल की। प्रारंभिक जांच में करीब 25 लाख रुपये की टैक्स चोरी की आशंका जताई गई है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
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कारखाने में जांच-पड़ताल के बाद अफसरों का दस्ता कारोबारी के आवास पर पहुंचा। दोपहर लगभग दो बजे तक चली इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने व्यापार से जुड़े कई महत्वपूर्ण अभिलेखों और दस्तावेजों को खंगाला। इस दौरान कारोबारी से लंबी पूछताछ भी की गई। सूत्रों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद टीम अपने साथ कई अहम दस्तावेज लेकर रवाना हो गई।
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सीक्रेट मिशन की तरह हुई कार्रवाई, पीछे के दरवाजे पर भी रही नजर
छापामारी के दौरान किसी भी अनधिकृत आवाजाही या दस्तावेज इधर-उधर होने की गुंजाइश खत्म करने के लिए टीम ने मुख्य द्वार के साथ-साथ मकान के पिछले गेट पर भी अपनी गाड़ी खड़ी कर सख्त निगरानी रखी। टीम में छह पुरुष अधिकारियों के साथ दो महिला अधिकारी भी शामिल थीं। सुबह से दोपहर तक घर के बाहर रही चहल-पहल के बाद भी किसी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।इनसेट
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कारोबारियों में रहा चर्चाओं का बाजार गर्म
अचानक हुई छापामारी और अधिकारियों की चुप्पी ने शहर के व्यापारिक गलियारों में कयासबाजियों का दौर शुरू कर दिया है। हालांकि, केंद्रीय जीएसटी टीम की ओर से कार्रवाई के कारणों या जांच के दौरान मिली जानकारियों को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पहले भी इत्र कारोबारियों के यहां छापा पड़ चुका है। ऐसे में कार्रवाई की भनक लगते ही कई बड़े इत्र कारोबारी अपने प्रतिष्ठानों में ताला लगाकर इधर-उधर हो गए।
वर्जन
यह सेंट्रल जीएसटी टीम का छापा था। उन लोगाें ने स्थानीय जीएसटी के अधिकारियों ने कोई सूचना नहीं दी थी। इसलिए इस बारे में जानकारी नहीं है। बाद में उनकी रिपोर्ट आएगी, तब पता चलेगा।
-राजीव त्यागी, असिस्टेंट कमिश्नर, जीएसटी (राज्य कर)
25 लाख रुपये टैक्स चोरी की आशंका
जीएसटी टीम की जांच में कारोबारी की दूसरे शहरों की कंपनियों को की गई इत्र बिक्री भी केंद्र में रही। अफसरों को आशंका है कि दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और महाराष्ट्र की कंपनियों को इत्र की बिक्री में कम टैक्स जमा किया गया। इसी को लेकर टीम ने बिक्री रजिस्टर, कारोबारी अभिलेख और लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की बारीकी से पड़ताल की। प्रारंभिक जांच में करीब 25 लाख रुपये की टैक्स चोरी की आशंका जताई गई है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी।