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21 साल बाद 80 वर्ष की महिला को मारपीट के मामले में सजा
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Sat, 22 Jul 2017 11:37 PM IST
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अपर जिला सत्र न्यायाधीश द्वितीय एसएन त्रिपाठी की अदालत ने मारपीट और एससी-एसटी एक्ट के मामले में एक महिला को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने महिला को जेल में बिताई गई अवधि और पांच सौ रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया है। अर्थदंड नहीं देने पर महिला को एक महीने का साधारण कारावास भी भुगतना होगा।
सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव बरई शाहपुर निवासी महादेवी ने कोतवाली सिकंदराराऊ में 1997 में द्रोपदी देवी पत्नी शिवचरनलाल के खिलाफ मारपीट और एससीएसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि भगवान सहाय पुत्र रामस्वरुप शर्मा, राधेश्याम, प्रदीप शर्मा ने गाली-गलौज और मारपीट की। अभियुक्त के अधिवक्ता के कहा कि आरोपी महिला 80 वर्ष की है। 21 साल से मुकदमा लड़ रही हैं। बीमार रहती हैं।
कोर्ट ने धारा 323 के तहत महिला को दोषी करार देते हुए सजा का फैसला सुनाया।
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सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव बरई शाहपुर निवासी महादेवी ने कोतवाली सिकंदराराऊ में 1997 में द्रोपदी देवी पत्नी शिवचरनलाल के खिलाफ मारपीट और एससीएसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि भगवान सहाय पुत्र रामस्वरुप शर्मा, राधेश्याम, प्रदीप शर्मा ने गाली-गलौज और मारपीट की। अभियुक्त के अधिवक्ता के कहा कि आरोपी महिला 80 वर्ष की है। 21 साल से मुकदमा लड़ रही हैं। बीमार रहती हैं।
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कोर्ट ने धारा 323 के तहत महिला को दोषी करार देते हुए सजा का फैसला सुनाया।