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कांगो इंफेक्शन को लेकर हापुड़ जिले में अलर्ट
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कांगो इंफेक्शन को लेकर हापुड़ जिले में अलर्ट
हापुड़। गुजरात और राजस्थान में कांगो इंफेक्शन से पीड़ित मरीजों के मिलने के बाद जिलमें भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य महानिदेशालय ने भी इस संबंध में विभाग को पत्र जारी किया है। चिकित्सकों को संदिग्ध मरीजों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। पशुपालन वाले इलाकों में अधिक सतर्कता बरती जा रही है।
चिकित्सकों के अनुसार कांगो इंफेक्शन होने के बाद बुखार के साथ मरीज के मुहं व नाक से खून आना शुरू हो जाता है। यह रोग बेहद गंभीर है, हालांकि समय से उपचार मिलने के बाद यह रोग ठीक भी हो जाता है।
कांगो इंफेक्शन पशुओं की चमड़ी से चिपके रहने वाले हिमोरल नामक परजीवी से फैलता है। इस इंफेक्शन से पीड़ित मरीज गुजरात व राजस्थान में मिले हैं। जिसके बाद स्वास्थ्य महानिदेशालय की ओर से सीएमओ को पत्र जारी कर, अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र मिलने के बाद सीएमओ ने स्थानीय चिकित्सकों को सतर्क रहने व संदिग्ध मरीजों पर विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल जिले में ऐसा कोई मरीज प्रकाश में नहीं आया है।
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- कांगो इंफेक्शन के लक्षण -
* बुखार का लगातार बना रहना।
* शरीर में जकड़न, तेज दर्द के साथ उल्टियां होना।
* गला बैठना, आंखों में जलन होना।
* मुंह और नाक से खून आना।
-अधिकारी कहिन-
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.राजवीर सिंह का कहना है कि फिलहाल जिले में इस तरह का कोई मरीज नहीं मिला है। फिर भी चिकित्सकों को अलर्ट कर दिया गया है।
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हापुड़। गुजरात और राजस्थान में कांगो इंफेक्शन से पीड़ित मरीजों के मिलने के बाद जिलमें भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य महानिदेशालय ने भी इस संबंध में विभाग को पत्र जारी किया है। चिकित्सकों को संदिग्ध मरीजों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। पशुपालन वाले इलाकों में अधिक सतर्कता बरती जा रही है।
चिकित्सकों के अनुसार कांगो इंफेक्शन होने के बाद बुखार के साथ मरीज के मुहं व नाक से खून आना शुरू हो जाता है। यह रोग बेहद गंभीर है, हालांकि समय से उपचार मिलने के बाद यह रोग ठीक भी हो जाता है।
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कांगो इंफेक्शन पशुओं की चमड़ी से चिपके रहने वाले हिमोरल नामक परजीवी से फैलता है। इस इंफेक्शन से पीड़ित मरीज गुजरात व राजस्थान में मिले हैं। जिसके बाद स्वास्थ्य महानिदेशालय की ओर से सीएमओ को पत्र जारी कर, अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र मिलने के बाद सीएमओ ने स्थानीय चिकित्सकों को सतर्क रहने व संदिग्ध मरीजों पर विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल जिले में ऐसा कोई मरीज प्रकाश में नहीं आया है।
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- कांगो इंफेक्शन के लक्षण -
* बुखार का लगातार बना रहना।
* शरीर में जकड़न, तेज दर्द के साथ उल्टियां होना।
* गला बैठना, आंखों में जलन होना।
* मुंह और नाक से खून आना।
-अधिकारी कहिन-
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.राजवीर सिंह का कहना है कि फिलहाल जिले में इस तरह का कोई मरीज नहीं मिला है। फिर भी चिकित्सकों को अलर्ट कर दिया गया है।