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चेक बाउंस के तीन मामलों दो दोषियों को सजा
Updated Thu, 22 Mar 2018 12:06 AM IST
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चेक बाउंस के तीन मामलों में दो दोषियों को सजा
हापुड़। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद रफी ने चेक बाउंस के तीन मामलों में महिला सहित दो दोषियों को कारावास और 52 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। रुपये नहीं चुकाने पर अलग से कारावास की सजा सुनाई है।
फ्लेट देने के नाम पर ठगे गए तीन लोगों ने न्यायालय की शरण ली थी। इसमें मोहल्ला चमरी निवासी सुखवीर सिंह ने बताया था कि आक्सीजन इंफ्रास्ट्रकचर के मैनेजिंग डायरेक्टर पवन कुमार और सिग्नेटरिज मनीषा गौड़ ने स्पेनीस हाईटिस के नाम से वर्ष 2014 में आवासीय भवनों की एक योजना लांच की थी। इस योजना में उसने एक फ्लैट बुक कराया था। जिसमें सात लाख रुपये का ड्राफ्ट दिया था। फ्लैट बुक कराते समय मार्च 2014 में एलाटमेंट के कागजात व कब्जा देने का आश्वासन दिया गया था। काफी समय बीतने के बाद जब कब्जा नहीं मिला तो रुपये वापस मांगने पर सुखवीर सिंह को चेक दिया गया, लेकिन बैंक में चेक लगाते ही वह बाउंस हो गया। इस मामले में बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद रफी ने सुनवाई करते हुए पवन कुमार और मनीषा गौड़ को दोषी पाया और दोनों को छह-छह माह का साधारण कारावास और 14 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीन-तीन माह का साधारण कारावास भुगतने की सजा सुनाई है।
इसके अलावा चमरी निवासी संजय त्यागी ने भी उक्त कंपनी में एक फ्लैट बुक कराते हुए दो लाख रुपये नकद और 12 लाख रुपये का आरटीजीएस के माध्यम से दिए थे। फ्लैट नहीं मिलने पर संजय त्यागी ने न्यायालय की शरण ली थी। बुधवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद रफी ने पवन कुमार को दोषी पाते हुए एक वर्ष का कारावास और 24 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड जमा नहीं करने पर तीन माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई गई।
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जबकि चमरी के रहने वाले राजीव त्यागी ने भी उक्त योजना वर्ष 2014 में फ्लैट बुक कराया और सात लाख रुपये का भुगतान कर दिया। फ्लैट नहीं मिलने पर उसे भी चेक दिए गए और चेक बाउंस होने पर पीड़ित ने भी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद रफी की अदालत में वाद दाखिल किया। बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पवन कुमार को दोषी पाते हुए एक वर्ष का साधारण कारावास और 14 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड नहीं देने पर तीन ताह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई है।
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हापुड़। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद रफी ने चेक बाउंस के तीन मामलों में महिला सहित दो दोषियों को कारावास और 52 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। रुपये नहीं चुकाने पर अलग से कारावास की सजा सुनाई है।
फ्लेट देने के नाम पर ठगे गए तीन लोगों ने न्यायालय की शरण ली थी। इसमें मोहल्ला चमरी निवासी सुखवीर सिंह ने बताया था कि आक्सीजन इंफ्रास्ट्रकचर के मैनेजिंग डायरेक्टर पवन कुमार और सिग्नेटरिज मनीषा गौड़ ने स्पेनीस हाईटिस के नाम से वर्ष 2014 में आवासीय भवनों की एक योजना लांच की थी। इस योजना में उसने एक फ्लैट बुक कराया था। जिसमें सात लाख रुपये का ड्राफ्ट दिया था। फ्लैट बुक कराते समय मार्च 2014 में एलाटमेंट के कागजात व कब्जा देने का आश्वासन दिया गया था। काफी समय बीतने के बाद जब कब्जा नहीं मिला तो रुपये वापस मांगने पर सुखवीर सिंह को चेक दिया गया, लेकिन बैंक में चेक लगाते ही वह बाउंस हो गया। इस मामले में बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद रफी ने सुनवाई करते हुए पवन कुमार और मनीषा गौड़ को दोषी पाया और दोनों को छह-छह माह का साधारण कारावास और 14 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीन-तीन माह का साधारण कारावास भुगतने की सजा सुनाई है।
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इसके अलावा चमरी निवासी संजय त्यागी ने भी उक्त कंपनी में एक फ्लैट बुक कराते हुए दो लाख रुपये नकद और 12 लाख रुपये का आरटीजीएस के माध्यम से दिए थे। फ्लैट नहीं मिलने पर संजय त्यागी ने न्यायालय की शरण ली थी। बुधवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद रफी ने पवन कुमार को दोषी पाते हुए एक वर्ष का कारावास और 24 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड जमा नहीं करने पर तीन माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई गई।
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जबकि चमरी के रहने वाले राजीव त्यागी ने भी उक्त योजना वर्ष 2014 में फ्लैट बुक कराया और सात लाख रुपये का भुगतान कर दिया। फ्लैट नहीं मिलने पर उसे भी चेक दिए गए और चेक बाउंस होने पर पीड़ित ने भी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद रफी की अदालत में वाद दाखिल किया। बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पवन कुमार को दोषी पाते हुए एक वर्ष का साधारण कारावास और 14 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड नहीं देने पर तीन ताह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई है।