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पेयजल योजना में अनियमितताओं पर गिर सकती है गाज
Updated Sat, 12 Aug 2017 11:44 PM IST
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पेयजल योजना में अनियमितताओं पर गिर सकती है गाज
- मेरठ में कार्रवाई के बाद हापुड़ भी कमिश्नर के रडार पर, भ्रष्ट अधिकारियों की ली जा रही रिपोर्ट
- 70 करोड़ की पेयजल योजना में चल रही है जांच, शहर में अभी भी बिछायी जा रही पाइप लाइन भी जांच के दायरे में
नितिन दीक्षित
हापुड़। मेरठ मंडलायुक्त भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त हो गए हैं। तहसील में उगाही कर रहे बाहरी लोगों के खिलाफ कार्रवाई के बाद साइकिल ट्रैक में घोटाले में भी एमडीए के तीन अधिकारियों को जेल भेजवा चुके हैं। अब उनकी नजर हापुड़ मेें चल रहे घपलों की जांच की ओर है। सूत्रों की माने तो सपा शासन काल में 70 करोड़ की ओवर हेड टैंक पेयजल योजना, 21 करोड़ की सोलर लाइटों में बंदरबांट और अब दो करोड़ 66 लाख रुपये से बिछाई जा रही पाइप लाइन की जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले में लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
मंडलायुक्त डा. प्रभात कुमार ने यह कार्रवाई केवल मेरठ तक ही सीमित नहीं है। प्रशासनिक सूत्रों की माने तो कमिश्नर के निशाने पर हापुड़ जिले के कुछ भ्रष्ट अधिकारी भी हैं। दरअसल, हापुड़ में भी पिछली कुछ योजनाओं में धांधली हुई है। जिनकी शिकायत डीएम, मंडलायुक्त से लेकर शासन तक से भी की जा चुकी है। शिकायत के बाद खुद मंडलायुक्त इन मामलों पर जांच बिठा चुके हैं।
इनमें जल निगम की ओवर हेड पेयजल योजना की जांच प्राथमिकता के तौर पर है। सपा शासन काल में शहर और देहात क्षेत्र में 54 पाइप पेयजल परियोजना लगाने का निर्णय लिया गया। जिनमें 44 गांव में व 10 योजनाओं का देहात क्षेत्र में निर्माण शुरू किया गया। इनमें से अधिकतर का निर्माण हो चुका है।
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शहर में अमृत योजना के तहत 22 हजार घरों में पानी के कनेक्शन देने के लिए दो करोड़ 66 लाख रुपये की योजना भी जांच के दायरे में है। इसके अलावा जिले में विभिन्न योजना के तहत 11690 हैंडपंप लगाए गए हैं। जबकि 200 रिबोर किए गए हैं। इसके अलावा 475 हैंडपंपों की मरम्मत का रिकार्ड है। कितने हैंडपंप लगे हैं इसकी भी जांच चल रही है। जिले में 21 करोड़ की लागत से लगी 9800 सोलर लाइटों की भी जांच भी जोरो पर है।
सूत्रों के अनुसार इन सभी योजनाओं पर जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। जिसे लेकर ऐसे अधिकारियों की सांसे अटकी हैं।
डीएम कृष्णा करुनेश का कहना है कि जिला स्तरीय अधिकारियों को ये जांचे सौंपी गई हैं। जिनकी रिपोर्ट जल्द मंडलायुक्त को सौंप दी जाएगी। जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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- मेरठ में कार्रवाई के बाद हापुड़ भी कमिश्नर के रडार पर, भ्रष्ट अधिकारियों की ली जा रही रिपोर्ट
- 70 करोड़ की पेयजल योजना में चल रही है जांच, शहर में अभी भी बिछायी जा रही पाइप लाइन भी जांच के दायरे में
नितिन दीक्षित
हापुड़। मेरठ मंडलायुक्त भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त हो गए हैं। तहसील में उगाही कर रहे बाहरी लोगों के खिलाफ कार्रवाई के बाद साइकिल ट्रैक में घोटाले में भी एमडीए के तीन अधिकारियों को जेल भेजवा चुके हैं। अब उनकी नजर हापुड़ मेें चल रहे घपलों की जांच की ओर है। सूत्रों की माने तो सपा शासन काल में 70 करोड़ की ओवर हेड टैंक पेयजल योजना, 21 करोड़ की सोलर लाइटों में बंदरबांट और अब दो करोड़ 66 लाख रुपये से बिछाई जा रही पाइप लाइन की जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले में लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
मंडलायुक्त डा. प्रभात कुमार ने यह कार्रवाई केवल मेरठ तक ही सीमित नहीं है। प्रशासनिक सूत्रों की माने तो कमिश्नर के निशाने पर हापुड़ जिले के कुछ भ्रष्ट अधिकारी भी हैं। दरअसल, हापुड़ में भी पिछली कुछ योजनाओं में धांधली हुई है। जिनकी शिकायत डीएम, मंडलायुक्त से लेकर शासन तक से भी की जा चुकी है। शिकायत के बाद खुद मंडलायुक्त इन मामलों पर जांच बिठा चुके हैं।
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इनमें जल निगम की ओवर हेड पेयजल योजना की जांच प्राथमिकता के तौर पर है। सपा शासन काल में शहर और देहात क्षेत्र में 54 पाइप पेयजल परियोजना लगाने का निर्णय लिया गया। जिनमें 44 गांव में व 10 योजनाओं का देहात क्षेत्र में निर्माण शुरू किया गया। इनमें से अधिकतर का निर्माण हो चुका है।
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शहर में अमृत योजना के तहत 22 हजार घरों में पानी के कनेक्शन देने के लिए दो करोड़ 66 लाख रुपये की योजना भी जांच के दायरे में है। इसके अलावा जिले में विभिन्न योजना के तहत 11690 हैंडपंप लगाए गए हैं। जबकि 200 रिबोर किए गए हैं। इसके अलावा 475 हैंडपंपों की मरम्मत का रिकार्ड है। कितने हैंडपंप लगे हैं इसकी भी जांच चल रही है। जिले में 21 करोड़ की लागत से लगी 9800 सोलर लाइटों की भी जांच भी जोरो पर है।
सूत्रों के अनुसार इन सभी योजनाओं पर जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। जिसे लेकर ऐसे अधिकारियों की सांसे अटकी हैं।
डीएम कृष्णा करुनेश का कहना है कि जिला स्तरीय अधिकारियों को ये जांचे सौंपी गई हैं। जिनकी रिपोर्ट जल्द मंडलायुक्त को सौंप दी जाएगी। जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।