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आतंकी हमले के बाद गोरखपुर एयरपोर्ट पर बढ़ी चौकसी
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 02 Jan 2016 10:32 PM IST
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पठानकोट में आतंकी हमले के बाद गोरखपुर एयरपोर्ट पर चौकसी बढ़ा दी गई है। शनिवार की सुबह से ही एयरफोर्स एरिया के साथ ही हाईवे पर पुलिस मुस्तैद रही। ऐहतियात के तौर पर क्यूआरटी का दस्ता भी लगा दिया गया। गोरखपुर एयरपोर्ट आतंकियों के निशाने पर होने के नाते सुरक्षा के लिहाज से काफी संवेदनशील है।
सुबह आठ बजे ही एयरपोर्ट सुरक्षा के लिए गठित पुलिस की ‘स्पेशल 25’ टीम एयरपोर्ट पहुंच गई। सुरक्षा का जायजा लेने के बाद पूरे दिन रजही और परिसर के आसपास टीम बनी रही। रोजाना की अपेक्षा एयरफोर्स पुलिस काफी चौकस रही। वॉच टॉवर से परिसर के आस - पास से गुजरने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही थी।
ऐहतियात के तौर कैंट थाने की एयरफोर्स चौकी प्रभारी और सिपाहियों को एसपी (सिटी) ने चौकस रहने का निर्देश दिया। सुबह 11 बजे के करीब चौकी पर पहुंचे सीओ कैंट कमल किशोर ने चौकसी के साथ ही सुरक्षा के तैयारी का जायजा लिया। एसपी (सिटी) हेमंत कुटियाल ने बताया कि एयरपोर्ट के साथ ही एयरफोर्स परिसर की सुरक्षा के लिए पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है।
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शनिवार को पूरे दिन स्पेशल टीम एयरफोर्स के आसपास बनी रही। शाहपुर, कैंट और खोराबार एसओ को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। सुरक्षा को लेकर एयरफोर्स अधिकारियों से बातचीत हुई है। इसके अलावा शहर में बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन के आसपास चेकिंग कराई गई।
आईएसआई, माओवादियों निशाने पर है एयरफोर्स स्टेशन
गोरखपुर एयरफोर्स स्टेशन को आईएसआई के साथ ही माओवादियों से खतरा है। नेपाल से नजदीक होने के साथ ही वहां के बिगड़े हालात में बार्डर से घुसपैठ की संभावना जताई जा रही है। स्टेशन सिक्यूरिटी अफसर बसंत कुमार के पत्र लिखने पर एसएसपी ने आपातकाल के लिए 25 पुलिसकर्मियों की स्पेशल टीम गठित की है।
सात माह से चल रही एयरपोर्ट की सुरक्षा बनाने की कवायद
भारतीय वायु सेना के परिसर में स्थित गोरखपुर, इलाहाबाद एयरपोर्ट की सुरक्षा बढ़ाने की कवायद मई 2015 से चल रही है। ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी की तरफ से आतंकी घटना की आशंका जताने पर संयुक्त सचिव नागर विमानन ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था पर मुहर लगाई थी जिसके बाद एयरपोर्ट परिसर में सीसीटीवी कैमरा, डीएफएमडी, एचएफएमडी के साथ ही सिपाहियों की संख्या बढ़ाने की तैयारी शुरू हुई थी।
26 मई 2015 को लखनऊ में नागर विमानन मंत्रालय के संयुक्त सचिव अशोक कुमार ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। गोरखपुर, इलाहाबाद में वायु सेना परिसर में स्थित सिविल एयरपोर्ट को संवेदनशील बताते हुए संसाधन के साथ ही पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया था। बैठक में चिन्हित कमियों को दूर करने के लिए गोरखपुर, इलाहाबाद जोन के आईजी को पत्र लिख एयरपोर्ट चौकी पर प्रशिक्षित जवानों को लगाने का निर्देश दिया था। प्रशिक्षण लेने वाले 68 पुलिसकर्मियों की सूची भेजकर एयरपोर्ट की सुरक्षा में इनकी ड्यूटी लगाने के साथ ही तीन साल पहले इन्हें न हटाने का निर्देश भी दिया गया था।
आईजी सुरक्षा के निर्देश पर गोरखपुर एयरपोर्ट पर एक सीसीटीवी, दो डीएफएमडी (डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर), तीन एचएचएमडी ( हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर ) और तीन पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाई गई। पूर्व में यहां पर आठ सीसीटीवी, तीन डीएफएमडी, 11 एचएचएमडी और 22 पुलिसकर्मी तैनात थे। इलाहाबाद एयरपोर्ट पर तीन सीसीटीवी, चार डीएफएमडी, छह एचएचएमडी, 16 पुलिसकर्मी बढ़ाने को कहा गया था। पूर्व में यहां पर तीन सीसीटीवी, दो डीएफएमडी, छह एचएचएमडी लगाए जाने के साथ ही 19 पुलिसकर्मियों पहले से थे।
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सुबह आठ बजे ही एयरपोर्ट सुरक्षा के लिए गठित पुलिस की ‘स्पेशल 25’ टीम एयरपोर्ट पहुंच गई। सुरक्षा का जायजा लेने के बाद पूरे दिन रजही और परिसर के आसपास टीम बनी रही। रोजाना की अपेक्षा एयरफोर्स पुलिस काफी चौकस रही। वॉच टॉवर से परिसर के आस - पास से गुजरने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही थी।
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ऐहतियात के तौर कैंट थाने की एयरफोर्स चौकी प्रभारी और सिपाहियों को एसपी (सिटी) ने चौकस रहने का निर्देश दिया। सुबह 11 बजे के करीब चौकी पर पहुंचे सीओ कैंट कमल किशोर ने चौकसी के साथ ही सुरक्षा के तैयारी का जायजा लिया। एसपी (सिटी) हेमंत कुटियाल ने बताया कि एयरपोर्ट के साथ ही एयरफोर्स परिसर की सुरक्षा के लिए पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है।
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शनिवार को पूरे दिन स्पेशल टीम एयरफोर्स के आसपास बनी रही। शाहपुर, कैंट और खोराबार एसओ को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। सुरक्षा को लेकर एयरफोर्स अधिकारियों से बातचीत हुई है। इसके अलावा शहर में बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन के आसपास चेकिंग कराई गई।
आईएसआई, माओवादियों निशाने पर है एयरफोर्स स्टेशन
गोरखपुर एयरफोर्स स्टेशन को आईएसआई के साथ ही माओवादियों से खतरा है। नेपाल से नजदीक होने के साथ ही वहां के बिगड़े हालात में बार्डर से घुसपैठ की संभावना जताई जा रही है। स्टेशन सिक्यूरिटी अफसर बसंत कुमार के पत्र लिखने पर एसएसपी ने आपातकाल के लिए 25 पुलिसकर्मियों की स्पेशल टीम गठित की है।
सात माह से चल रही एयरपोर्ट की सुरक्षा बनाने की कवायद
भारतीय वायु सेना के परिसर में स्थित गोरखपुर, इलाहाबाद एयरपोर्ट की सुरक्षा बढ़ाने की कवायद मई 2015 से चल रही है। ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी की तरफ से आतंकी घटना की आशंका जताने पर संयुक्त सचिव नागर विमानन ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था पर मुहर लगाई थी जिसके बाद एयरपोर्ट परिसर में सीसीटीवी कैमरा, डीएफएमडी, एचएफएमडी के साथ ही सिपाहियों की संख्या बढ़ाने की तैयारी शुरू हुई थी।
26 मई 2015 को लखनऊ में नागर विमानन मंत्रालय के संयुक्त सचिव अशोक कुमार ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। गोरखपुर, इलाहाबाद में वायु सेना परिसर में स्थित सिविल एयरपोर्ट को संवेदनशील बताते हुए संसाधन के साथ ही पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया था। बैठक में चिन्हित कमियों को दूर करने के लिए गोरखपुर, इलाहाबाद जोन के आईजी को पत्र लिख एयरपोर्ट चौकी पर प्रशिक्षित जवानों को लगाने का निर्देश दिया था। प्रशिक्षण लेने वाले 68 पुलिसकर्मियों की सूची भेजकर एयरपोर्ट की सुरक्षा में इनकी ड्यूटी लगाने के साथ ही तीन साल पहले इन्हें न हटाने का निर्देश भी दिया गया था।
आईजी सुरक्षा के निर्देश पर गोरखपुर एयरपोर्ट पर एक सीसीटीवी, दो डीएफएमडी (डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर), तीन एचएचएमडी ( हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर ) और तीन पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाई गई। पूर्व में यहां पर आठ सीसीटीवी, तीन डीएफएमडी, 11 एचएचएमडी और 22 पुलिसकर्मी तैनात थे। इलाहाबाद एयरपोर्ट पर तीन सीसीटीवी, चार डीएफएमडी, छह एचएचएमडी, 16 पुलिसकर्मी बढ़ाने को कहा गया था। पूर्व में यहां पर तीन सीसीटीवी, दो डीएफएमडी, छह एचएचएमडी लगाए जाने के साथ ही 19 पुलिसकर्मियों पहले से थे।