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Gonda News: पशु चिकित्सक चुनाव ड्यूटी पर, कैसे हो बेजुबानों का इलाज

Tue, 30 Apr 2024 12:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Tue, 30 Apr 2024 12:51 AM IST
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Veterinarian on election duty, how should animals be treated?
गोंडा। भीषण गर्मी में आग लगने की घटनाएं लगातार हो रही हैं। इसमें सबसे अधिक बेजुबान प्रभावित हुए हैं। पशु चिकित्सकों के चुनाव ड्यूटी में व्यस्त होने के कारण पशुओं को इलाज नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में इलाज के अभाव में पशु दम तोड़ रहे हैं या फिर पशुपालक किसी तरह पैसे खर्च कर उपचार कराने को मजबूर है। इसके बावजूद अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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दरअसल, लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सबसे अधिक पशु चिकित्सकों को फ्लाइंग स्क्वायड टीम में मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके चलते जिले के 8.16 लाख पशुओं का समय से इलाज नहीं हो पा रहा है। भीषण गर्मी के चलते जगह-जगह अग्निकांड में बेजुबान पशु प्रभावित हो रहे हैं। पिछले दिनों में अलग-अलग कारणों से 270 से अधिक फूस के घर जल गए। करीब 82 बकरियां, भैंस और बछड़े समेत अन्य बेजुबान झुलसकर मर गए। 43 से अधिक पशु झुलस गए। मगर उनका इलाज नहीं हो पाया। पशुपालकों को पशुओं का पोस्टमार्टम कराने तक के लिए भटकना पड़ रहा है। पशु अस्पतालों में चिकित्सक नहीं मिल पा रहे हैं। आगामी 20 मई को जिले में पांचवें चरण में मतदान है। अधिकारी व पशु चिकित्सक चुनाव ड्यूटी में व्यस्त हैं। गर्मी में आग लगने की घटनाओं को देखते हुए पशु चिकित्सालयों में वैकल्पिक इंतजाम नहीं किए गए हैं।
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जिले के 36 पशु चिकित्सालयों में 18 पशु चिकित्सक तैनात हैं। इन चिकित्सकों पर जिले के आठ लाख से अधिक पशुओं के इलाज की जिम्मेदारी है। इसके लिए विभाग में वाहन समेत अन्य इंतजाम किए गए हैं। पशुओं के टीकाकरण व स्वास्थ्य पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वहीं, पशु चिकित्सकों की कमी पहले से है। ऐसे में प्रत्येक पशु चिकित्सक पर दो-दो पशु चिकित्सालयों की जिम्मेदारी है। हालात ये हैं कि मौजूदा समय में पशुओं को इलाज ही नहीं मिल पा रहा है। जिम्मेदारों का आरोप है कि इस मामले में डीएम के आदेश के बावजूद एडीएम ने कोई सुनवाई नहीं की।
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मुख्य पशुचिकित्साधिकारी ठाकुर जी पांडेय का कहना है कि लोकसभा चुनाव में सभी पशु चिकित्सकों की एफएसटी में ड्यूटी लगाई गई है। तीन शिफ्टों में डॉक्टर चुनाव ड्यूटी कर रहे हैं। फिर भी आमजनों से मिलने वाली शिकायतों का निस्तारण कराया जा रहा है। स्वास्थ्य कारणों से एक डॉक्टर की ड्यूटी कटी है। डाॅक्टरों की कमी से पशुओं का इलाज नहीं हो पा रहा है।

देवीपाटन मंडल के एडी केदारनाथ कुशवाहा ने बताया कि सभी पशु चिकित्सकों की ड्यूटी चुनाव में लगा दी गई है। ऐसे में मोबाइल वैन से मदद ली जाती है। डॉक्टरों से अतिरिक्त समय में काम लिया जा रहा है। गर्मी में अग्निकांडों समेत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन से कहा गया। मगर कोई सुनवाई नहीं हुई है।

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