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Gonda News: भक्तों की सदैव रक्षा करते हैं भगवान
Sat, 19 Sep 2026 12:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 19 Sep 2026 12:34 AM IST
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गोंडा के श्रीराम जानकी धर्मशाला में कथा सुनते श्रद्धालु। स्रोत: आयोजक
गोंडा। रानी बाजार स्थित रामजानकी मारवाड़ी धर्मशाला में आयोजित कथा में बृहस्पतिवार को प्रवाचक आचार्य बालकृष्ण भार्गव ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने पूतना उद्धार का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान ने बाल रूप में ही दुष्ट प्रवृत्तियों का अंत कर यह संदेश दिया कि परमात्मा सदैव अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। उनकी प्रत्येक लीला में मानव जीवन के लिए आध्यात्मिक संदेश निहित है।
प्रवाचक ने भगवान की चंचलता, गोपियों के साथ नटखट लीलाओं और माखन चोरी के प्रसंग को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। पूरा पंडाल भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा। उन्होंने कहा कि बाल लीलाएं प्रेम, वात्सल्य और भक्ति का संदेश देती हैं। निष्कपट प्रेम और समर्पण ही भक्ति का मूल स्वरूप है। इस अवसर पर पंकज मोदी, दीपक मोदी, अनिल मित्तल, पवन अग्रवाल, सजल अग्रवाल, बसु अग्रवाल, सार्थक मोदी, राजेंद्र अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
कथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर
डुमरियाडीह। मड़हा सम्मय स्थान पर आयोजित रामकथा में बृहस्पतिवार रात राम जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। प्रवाचक बजरंग दास ने कहा कि भगवान श्रीराम का जन्म अधर्म के विनाश और धर्म की स्थापना के लिए हुआ था। जब-जब धर्म पर संकट आया है, भगवान ने अवतार लेकर रक्षा की। कथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। इस मौके पर सत्यप्रकाश दास, सुधीर दास, नीरज दास, राजकुमार मिश्र लोभई, अमित पाठक, पंकज दुबे, अजय पांडेय, नीरज मिश्र आदि उपस्थित रहे। (संवाद)
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कृष्ण व सुदामा की मित्रता सच्ची भक्ति का आदर्श
पसका। भौरीगंज स्थित श्रीरामजानकी मंदिर में आयोजित कथा में प्रवाचक पं. राजन जी ने कहा कि सुदामा चरित्र मनुष्य को बिना स्वार्थ के प्रेम, संतोष और सरलता की प्रेरणा देता है। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता सच्ची भक्ति का आदर्श है। विपरीत परिस्थितियों में भी सुदामा ने स्वाभिमान और भक्ति का मार्ग नहीं छोड़ा। इस अवसर पर महंत गोकरन दास, पं. ओम शुक्ल, गोलू, प्रदीप, अभिषेक आदि मौजूद रहे। (संवाद)
इंसेट
प्रतिदिन करें योग और ध्यान
पसका। सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक जागरण में ही व्यक्ति की समस्याओं का स्थायी समाधान निहित है। दुरौनी चौराहे पर शुक्रवार को आयोजित ब्रह्माकुमारी पाठशाला में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केंद्र परसपुर की प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अनामिका बहन ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि राजयोग, ध्यान और आत्मचिंतन से तनाव पर नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से प्रतिदिन कुछ समय योग और ध्यान के लिए निकालने का आह्वान किया। इस मौके पर हरिश्चंद्र सिंह, दिनेश पांडेय, बंशीलाल मौर्य, मंजू, रेनू, सुनीता, रीतिका, श्यामा माता आदि मौजूद रहीं। (संवाद)
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प्रवाचक ने भगवान की चंचलता, गोपियों के साथ नटखट लीलाओं और माखन चोरी के प्रसंग को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। पूरा पंडाल भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा। उन्होंने कहा कि बाल लीलाएं प्रेम, वात्सल्य और भक्ति का संदेश देती हैं। निष्कपट प्रेम और समर्पण ही भक्ति का मूल स्वरूप है। इस अवसर पर पंकज मोदी, दीपक मोदी, अनिल मित्तल, पवन अग्रवाल, सजल अग्रवाल, बसु अग्रवाल, सार्थक मोदी, राजेंद्र अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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कथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर
डुमरियाडीह। मड़हा सम्मय स्थान पर आयोजित रामकथा में बृहस्पतिवार रात राम जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। प्रवाचक बजरंग दास ने कहा कि भगवान श्रीराम का जन्म अधर्म के विनाश और धर्म की स्थापना के लिए हुआ था। जब-जब धर्म पर संकट आया है, भगवान ने अवतार लेकर रक्षा की। कथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। इस मौके पर सत्यप्रकाश दास, सुधीर दास, नीरज दास, राजकुमार मिश्र लोभई, अमित पाठक, पंकज दुबे, अजय पांडेय, नीरज मिश्र आदि उपस्थित रहे। (संवाद)
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कृष्ण व सुदामा की मित्रता सच्ची भक्ति का आदर्श
पसका। भौरीगंज स्थित श्रीरामजानकी मंदिर में आयोजित कथा में प्रवाचक पं. राजन जी ने कहा कि सुदामा चरित्र मनुष्य को बिना स्वार्थ के प्रेम, संतोष और सरलता की प्रेरणा देता है। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता सच्ची भक्ति का आदर्श है। विपरीत परिस्थितियों में भी सुदामा ने स्वाभिमान और भक्ति का मार्ग नहीं छोड़ा। इस अवसर पर महंत गोकरन दास, पं. ओम शुक्ल, गोलू, प्रदीप, अभिषेक आदि मौजूद रहे। (संवाद)
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प्रतिदिन करें योग और ध्यान
पसका। सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक जागरण में ही व्यक्ति की समस्याओं का स्थायी समाधान निहित है। दुरौनी चौराहे पर शुक्रवार को आयोजित ब्रह्माकुमारी पाठशाला में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केंद्र परसपुर की प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अनामिका बहन ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि राजयोग, ध्यान और आत्मचिंतन से तनाव पर नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से प्रतिदिन कुछ समय योग और ध्यान के लिए निकालने का आह्वान किया। इस मौके पर हरिश्चंद्र सिंह, दिनेश पांडेय, बंशीलाल मौर्य, मंजू, रेनू, सुनीता, रीतिका, श्यामा माता आदि मौजूद रहीं। (संवाद)