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बुजुर्गों के हमदर्द बनने की जिम्मेदारी से कन्नी काट रहे हैं अफसर

Thu, 12 Sep 2019 10:12 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 12 Sep 2019 10:12 PM IST
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Officers are cutting the responsibility of becoming the sympathizers of the elderly
गोंडा। बुजुर्गों के हमदर्द बनने की जिम्मेदारी निभाना अफसरों को रास नहीं आ रहा है। स्थिति यह है कि पेंशनरों के लिए कलेक्ट्रेट में बने रैन बसेरा में भी कोई सुविधा नहीं है। और तो और विकास भवन में बुजुर्गों के पेंशन योजना से जुड़े समाज कल्याण विभाग का दफ्तर तीसरी मंजिल पर हैं, जहां सीढ़ी से चढ़कर जाने में बुजुर्गों की सांस फूलने लगती हैं। इसके अलावा गांवों में जाने पर अफसरों को हाल पूछने का आदेश था जिसे अफसर भूल गए। अस्पतालों में बुजुर्गों के सेहत के लिए हर महीने में दो दिन बैठकों का आयोजन भी बंद है। बुजुर्गों के हितों के लिए उत्तर प्रदेश पेंशनर्स कल्याण संस्था ने अब मुहिम शुरू की है। जिलाधिकारी से शासनादेश की व्यवस्थाओं को लागू कराने की मांग किया है।
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जिले में दो लाख से अधिक ऐसे बुजुर्ग हैं जिन्हें हमदर्द की तलाश है, उन्हें परिवार से मदद तो मिलती है लेकिन उनकी समस्याओं के निदान की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर होनी चाहिए। संस्था के अध्यक्ष लक्ष्मण प्रसाद पांडेय कहते हैं कि कई परिवार के सदस्य बाहर रोजगार के लिए रहते हैं और कई गांव से शहर आ गए हैं। ऐसे परिवार के बुजुर्ग सदस्यों की समस्याओं को दूर करने के लिए अधिकारियों को गंभीर होना चाहिए। शासन ने 21 मार्च 2016 को आदेश जारी करके व्यवस्था दी थी कि बुजुर्गों का सम्मान हर किसी को देना है। गांवों के अधिकारियों को बुजुर्गों का हालचाल लेने का निर्देश दिया गया था।
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इसकी झलक कहीं नहीं दिखी। उल्टे उनके अपमान की शिकायतें जरूर सामने आई हैं। इस तरह बुजुर्गों की समस्याओं को लेकर अफसर गंभीर नहीं दिख रहे हैं। निराश्रित बुजुर्गों को पेंशन का लाभ भी समय पर नहीं मिल रहा है। संस्था के मंत्री केबी सिंह कहते हैं कि पेंशनरों की सुविधा के लिए कलेक्ट्रेट में रैन बसेरा बना है लेकिन वहां सुविधाओं की कमी है। इसके अलावा समाज कल्याण विभाग का दफ्तर विकास भवन में तीसरे मंजिल पर है। ऐसे में उसे भूतल पर किया जाना चाहिए। इसी से लगता है कि लोग बुजुर्गों को लेकर कितने गंभीर हैं। शासनादेश को लागू कराने के लिए जिलाधिकारी से मांग किया है कि आदेश जारी किया जाए।
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अस्पतालों में बुजुर्गों के लिए अलग से व्यवस्था का है निर्देश
जिला अस्पताल के साथ ही सभी सीएचसी और पीएचसी में बुजुर्गों के स्वास्थ्य सुविधा के लिए अलग से व्यवस्था करने का निर्देश है। सप्ताह के बुधवार व शनिवार को बुजुर्गों के लिए दोपहर एक बजे से दो बजे तक ओपीडी संचालित करने की व्यवस्था होनी चाहिए। यह व्यवस्था लागू ही नहीं हो पाई। इसके अलावा उपकेन्द्र स्तर के स्वास्थ्य कार्यकत्ताओं को बुजुर्ग के घर जाकर सेहत की जानकारी करनी है। ऐसे ही कई अन्य सुविधाएं हैं जो बुजुर्गों के लिए हैं जो लागू नहीं हो पाई हैं।

बुजुर्ग का सम्मान सभी को करना है। इसके लिए निर्देश दिए गए हैं। बुजुर्गों की सुविधा के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। उनकी समस्याओं को प्राथमिकता पर दूर किया जाता है। -डॉ. नितिन बसंल, जिलाधिकारी
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