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डकैतों ने तीन लोगों को पीटकर किया मरणासन्न
amar ujala
Updated Fri, 15 Sep 2017 10:03 PM IST
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बजरडिहवा गांव में गुरुवार की आधी रात एक घर में घुसे नकाबपोश डकैतों ने जमकर तांडव मचाया। घर की महिलाओं को तमंचे की नोक पर लेने के बाद पहले तो डकैतों ने पूरा घर खंगाला और जब उन्हें किसी के आने की भनक लगी तो घर के बाहर से गुजर रहे दो बाइक पर सवार तीन लोगों को पीटते-पीटते मरणासन्न कर दिया।
जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिसमें से रेलवे में तैनात एक युवक को रेल अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया है। घायल तीन लोगों में से दो की हालत नाजुक बताई जा रही है। मामला कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव पिलखांवा के मजरा बजरडिहवा का है।
बताया जाता है कि गांव में रहने वाले लालजी यादव के घर में गुरुवार को बरही का कार्यक्रम था। जिसमें शामिल होने के लिए उसी गांव के रामचरन और उनके भाई बंशीलाल गए थे। संयुक्त परिवार होने के नाते दोनों भाईयों के बरही कार्यक्रम में चले जाने से उनके घर पर सिर्फ महिलाएं ही अकेली बची थी ।
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रात करीब साढ़े 12 बजे दर्जनभर से ज्यादा नकाबपोश डकैत उनके घर आ धमके। डकैतों ने पहले तो घर में मौजूद रामचरन की मां संगीता देवी (48), रामचरन की बहन शिवकुमारी (22), रामचरन की पत्नी ऊषा (22) व बंशीलाल की पत्नी मंजू (30) को तमंचे की नोक पर बंधक बनाया। इसके बाद पूरे घर का कोना-कोना खंगाला।
नकाबपोश डकैत घर के भीतर घुसे ही थे कि बाइक की आवाज सुनकर उन्हें लगा कि घर के लोग आ गए और वह बाहर निकल आए। जिसके बाद उन्होंने दो बाइकों पर सवार होकर आ रहे बजरडिहवा गांव के धर्मेंद्र यादव (22) व पिलखांवा गांव के जगराम (35) व प्रेमनाथ (36) की पिटाई शुरू कर दी।
जिससे तीनों घायल हो गए। तीनों लोगों के घायल होने के बाद लुटेरों को जो कुछ भी घर में मिला उसे उठा ले गए। परिवार वालों ने घटना की सूचना डायल 100 व कोतवाली पुलिस को दी। लेकिन वह काफी देर बाद मौके पर पहुंची। जिस पर परिवार वाले घायलों को एबुंलेेंस ले लेकर जिला अस्पताल आए।
जहां से रेलवे में कार्यरत धर्मेंद्र यादव को रेलवेे अस्पताल ले जाया गया है। जबकि बाकी दोनों घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। जिनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। वहीं कोतवाली पुलिस इस पूरी घटना को डकैती मानने से इंकार कर रही है।
रामचरन का घर बजरडिहवा गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर एकांत में बना है। जिसके चारों ओर गन्ना लगा है। ऊपर से लालजी यादव के यहां आयोजित बरही कार्यक्रम में नाच का भी प्रोग्राम चल रहा था। इस कारण रात में घर की महिलाओं को बंधक बनाने और घर के बाहर से निकल रहे दो बाइक सवार तीन लोगों को मारने-पीटने के दौरान उनकी चीख-पुकार गांव तक नहीं पहुंची और बदमाश पूरे घर में लूटपाट करते रहे।
बजरडिहवा गांव में गुरुवार रात नकाबपोश बदमाश रामचरन के घर से जहां 48 ग्राम सोने के आभूषणों सहित डेढ किलो चांदी उठा ले गए तो वहीं 23 हजार की नकदी भी बदमाशों के ले जाने की बात कही जा रही है।
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जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिसमें से रेलवे में तैनात एक युवक को रेल अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया है। घायल तीन लोगों में से दो की हालत नाजुक बताई जा रही है। मामला कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव पिलखांवा के मजरा बजरडिहवा का है।
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बताया जाता है कि गांव में रहने वाले लालजी यादव के घर में गुरुवार को बरही का कार्यक्रम था। जिसमें शामिल होने के लिए उसी गांव के रामचरन और उनके भाई बंशीलाल गए थे। संयुक्त परिवार होने के नाते दोनों भाईयों के बरही कार्यक्रम में चले जाने से उनके घर पर सिर्फ महिलाएं ही अकेली बची थी ।
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रात करीब साढ़े 12 बजे दर्जनभर से ज्यादा नकाबपोश डकैत उनके घर आ धमके। डकैतों ने पहले तो घर में मौजूद रामचरन की मां संगीता देवी (48), रामचरन की बहन शिवकुमारी (22), रामचरन की पत्नी ऊषा (22) व बंशीलाल की पत्नी मंजू (30) को तमंचे की नोक पर बंधक बनाया। इसके बाद पूरे घर का कोना-कोना खंगाला।
नकाबपोश डकैत घर के भीतर घुसे ही थे कि बाइक की आवाज सुनकर उन्हें लगा कि घर के लोग आ गए और वह बाहर निकल आए। जिसके बाद उन्होंने दो बाइकों पर सवार होकर आ रहे बजरडिहवा गांव के धर्मेंद्र यादव (22) व पिलखांवा गांव के जगराम (35) व प्रेमनाथ (36) की पिटाई शुरू कर दी।
जिससे तीनों घायल हो गए। तीनों लोगों के घायल होने के बाद लुटेरों को जो कुछ भी घर में मिला उसे उठा ले गए। परिवार वालों ने घटना की सूचना डायल 100 व कोतवाली पुलिस को दी। लेकिन वह काफी देर बाद मौके पर पहुंची। जिस पर परिवार वाले घायलों को एबुंलेेंस ले लेकर जिला अस्पताल आए।
जहां से रेलवे में कार्यरत धर्मेंद्र यादव को रेलवेे अस्पताल ले जाया गया है। जबकि बाकी दोनों घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। जिनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। वहीं कोतवाली पुलिस इस पूरी घटना को डकैती मानने से इंकार कर रही है।
रामचरन का घर बजरडिहवा गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर एकांत में बना है। जिसके चारों ओर गन्ना लगा है। ऊपर से लालजी यादव के यहां आयोजित बरही कार्यक्रम में नाच का भी प्रोग्राम चल रहा था। इस कारण रात में घर की महिलाओं को बंधक बनाने और घर के बाहर से निकल रहे दो बाइक सवार तीन लोगों को मारने-पीटने के दौरान उनकी चीख-पुकार गांव तक नहीं पहुंची और बदमाश पूरे घर में लूटपाट करते रहे।
बजरडिहवा गांव में गुरुवार रात नकाबपोश बदमाश रामचरन के घर से जहां 48 ग्राम सोने के आभूषणों सहित डेढ किलो चांदी उठा ले गए तो वहीं 23 हजार की नकदी भी बदमाशों के ले जाने की बात कही जा रही है।