फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   फर्जी आदेश से बनाया एसबीआई का सहायक प्रबंधक

फर्जी आदेश से बनाया एसबीआई का सहायक प्रबंधक

Sun, 05 Nov 2017 10:19 PM IST
Updated Sun, 05 Nov 2017 10:19 PM IST
विज्ञापन
फर्जी आदेश से बनाया एसबीआई का सहायक प्रबंधक
चार लाख लेकर थमाया एसबीआई के सहायक प्रबंधक का नियुक्ति पत्र
विज्ञापन


गोंडा। राजनीतिक पार्टी बनाकर बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह तार कोतवाली देहात क्षेत्र के मलारी गांव से भी जुड़ा है। ठगी करने वाले गिरोह ने यहां के रहने वाले अपने एक सदस्य के माध्यम से मोतीगंज थाना क्षेत्र के एकमा गांव के रहने वाले एक बेरोजगार युवक से चार लाख रुपये ठग लिए।

लखनऊ के गोमती नगर पुलिस की गिरफ्त में आए दो शातिरों के पकड़े जाने के बाद इसका खुलासा हुआ है। रविवार को ठगी के शिकार हुए युवक ने पुलिस महानिदेशक को शिकायती पत्र भेजकर इस गिरोह पर चार लाख रुपये ऐंठने का आरोप लगाया है।
विज्ञापन


युवक का आरोप है कि इस कंपनी के लोगों ने उसे फर्जी नियुक्ति आदेश से बनारस में एसबीआई का सहायक शाखा प्रबंधक बना दिया। जब वह आदेश लेकर जॉयनिंग के लिए पहुंचा तो उसे इसके फर्जी होने की जानकारी हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


सूबे की राजधानी लखनऊ में शनिवार को गोमती नगर पुलिस के हत्थे चढ़े शातिर कृष्णानंद सिंह के मुताबिक उसके छोटे भाई संपूर्णानंद ने इंडियन युवा क्रांति दल के नाम से राजनीतिक पार्टी बना रखी थी।

वह इस पार्टी के नाम पर लोगों को सदस्य बनाता था और उन्हें अपने ऊंचे रुसूख का हवाला देकर सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देता था ओर उनसे मोटी रकम वसूलता था। प्रदेश के कई जिलों के अलावा जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र के मलारी गांव में भी उसके तार जुड़े होने के संकेत मिले हैं।

इस गांव का रहने वाला एक युवक इस गिरोह के संपर्क में था और वह आसपास के गांवों के बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपना शिकार बनाता था। मोतीगंज थाना क्षेत्र के एकमा गांव के रहने वाले कौशल कुमार शुक्ल ने बताया कि मलारी गांव के रहने वाले रामअशीष वर्मा तीन साल पहले वर्ष 2014 में सरकारी नौकरी का झांसा देकर लखनऊ ले गया और संपूर्णानंद व कृष्णानंद से मिलवाया।

तीनों ने मिलकर कौशल से चार लाख रुपये ले लिए। इसके बाद कौशल को विकास नगर में मामा क्रॉसिंग के समीप ट्रेनिग कराई गई और ट्रेनिंग के बाद उसे भारतीय स्टेट बैंक में सहायक शाखा प्रबंधक का नियुक्ति पत्र देकर बनारस भेज दिया गया।

जब वह नियुक्ति पत्र लेकर बनारस की एसबीआई शाखा में पहुंचा तो उसे इस जॉयनिंग लेटर के फर्जी होने की जानकारी हुई। वहां से लौटने के बाद उसने इन तीनों की कई स्तरों पर शिकायत की लेकिन जालसाजों के रुसूख के आगे उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई।


अमर उजाला के सोमवार के अंक में प्रकाशित खबर के बाद उसे ठगों के पकड़े जाने की जानकारी हुई। कौशल कुमार ने मलारी गांव के रहने वाले रामअशीष वर्मा के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस महानिदेशक को शिकायती पत्र भेजा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed