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Moradabad News: पिता-पुत्र के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज
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मुरादाबाद। साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर कारोबारी पिता-पुत्र और उनके अज्ञात साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। इस मामले में पीतल कारोबारी ने प्रार्थनापत्र पर दिया है।
आरोप है कि आरोपियों ने लगभग डेढ़ करोड़ की धोखाधड़ी की है। कटघर क्षेत्र के पीतल कारोबारी मोहम्मद असलम ने बताया कि अनीस अहमद से उसकी पहले से जान पहचान है। अनीस अहमद के पास कारोबार से संबंधित 11 लाख रुपये थे। इस बीच अनीस और उसके बेटे अनस ने कहा कि दोनों के सिम खराब हो गए हैं। बात करने के लिए अपना सिम दे दो। असलम ने 21 जनवरी 2025 को अपना सिम अनीस को दिया लेकिन उसने 25 जनवरी तक सिम वापस नहीं किया। पूछने पर जवाब दिया कि सिम खो गया है। पीतल कारोबारी ने शक होने पर नया सिम लिया। इसके बाद 18 सितंबर 2025 को उस नंबर से अटैच आईडीएफसी बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाया। स्टेटमेंट से पता चला कि आरोपी अनीस और उसके बेटे अनस ने 21 जनवरी 2025 से 24 जनवरी 2025 के बीच उसके सिम को लेकर साइबर ठगी की।
आरोप है कि पिता-पुत्र दोनों ने साइबर अपराधियों से मिलकर 21 जनवरी 2025 को दो बार में असलम के खाते में 50 लाख रुपये ट्रांसफर कराए और उसे अलग-अलग खातों में भेज दिया। इसके बाद 22 जनवरी को 36 लाख 63 हजार एक रुपये की धनराशि मंगाई और उसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की। इसके बाद 23 जनवरी को 65 लाख 14 हजार 70 रुपये की रकम ट्रांसफर की। 24 जनवरी को 8 लाख 25 हजार रुपये खाते में डलवा कर अलग-अलग खाते में भेज दिए। पीड़ित के अनुसार आरोपियों ने कुल एक करोड़ 60 लाख 2 हजार रुपये उनके खाते में डलवाए और उसमें से एक करोड़ 60 लाख रुपये अलग-अलग खातों में भेज दिए। जिन खातों से उनके खाते में पैसे आए या ट्रांंसफर किए गए, उनसे शिकायतकर्ता की कोई पहचान नहीं है। अनीस और उसके बेटे ने धोखाधड़ी कर उनके सिम का दुरुपयोग अपने साथियों के साथ मिलकर किया। बाद में पता चला कि अनीस को गौतमबुद्ध नगर की पुलिस साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तार कर ली है। इसकी शिकायत थाने पर की गई लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस मामले में सीजेएम कोर्ट ने स्थानीय पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इस बारे में एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर दो नामजद और अज्ञात आरोपियों पर धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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आरोप है कि आरोपियों ने लगभग डेढ़ करोड़ की धोखाधड़ी की है। कटघर क्षेत्र के पीतल कारोबारी मोहम्मद असलम ने बताया कि अनीस अहमद से उसकी पहले से जान पहचान है। अनीस अहमद के पास कारोबार से संबंधित 11 लाख रुपये थे। इस बीच अनीस और उसके बेटे अनस ने कहा कि दोनों के सिम खराब हो गए हैं। बात करने के लिए अपना सिम दे दो। असलम ने 21 जनवरी 2025 को अपना सिम अनीस को दिया लेकिन उसने 25 जनवरी तक सिम वापस नहीं किया। पूछने पर जवाब दिया कि सिम खो गया है। पीतल कारोबारी ने शक होने पर नया सिम लिया। इसके बाद 18 सितंबर 2025 को उस नंबर से अटैच आईडीएफसी बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाया। स्टेटमेंट से पता चला कि आरोपी अनीस और उसके बेटे अनस ने 21 जनवरी 2025 से 24 जनवरी 2025 के बीच उसके सिम को लेकर साइबर ठगी की।
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आरोप है कि पिता-पुत्र दोनों ने साइबर अपराधियों से मिलकर 21 जनवरी 2025 को दो बार में असलम के खाते में 50 लाख रुपये ट्रांसफर कराए और उसे अलग-अलग खातों में भेज दिया। इसके बाद 22 जनवरी को 36 लाख 63 हजार एक रुपये की धनराशि मंगाई और उसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की। इसके बाद 23 जनवरी को 65 लाख 14 हजार 70 रुपये की रकम ट्रांसफर की। 24 जनवरी को 8 लाख 25 हजार रुपये खाते में डलवा कर अलग-अलग खाते में भेज दिए। पीड़ित के अनुसार आरोपियों ने कुल एक करोड़ 60 लाख 2 हजार रुपये उनके खाते में डलवाए और उसमें से एक करोड़ 60 लाख रुपये अलग-अलग खातों में भेज दिए। जिन खातों से उनके खाते में पैसे आए या ट्रांंसफर किए गए, उनसे शिकायतकर्ता की कोई पहचान नहीं है। अनीस और उसके बेटे ने धोखाधड़ी कर उनके सिम का दुरुपयोग अपने साथियों के साथ मिलकर किया। बाद में पता चला कि अनीस को गौतमबुद्ध नगर की पुलिस साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तार कर ली है। इसकी शिकायत थाने पर की गई लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस मामले में सीजेएम कोर्ट ने स्थानीय पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इस बारे में एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर दो नामजद और अज्ञात आरोपियों पर धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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