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प्रगतिशील किसानों ने सफल खेती कर मनवाया लोहा
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गाजीपुर। कुछ कर गुजरने और समाज में अलग पहचान बनाने वाले किसानों के चेहरे सम्मान पाकर खिल उठे। परंपरागत खेती को छोड़ तथा रसायनिक खादों को दरकिनार कर जनपद के प्रगतिशील किसानों ने अपनी मेहनत से खेत से सोना पैदा किया। इसका स्वाद देश ही नहीं विदेशों में रहने वाले भी चख रहे हैं। एक तरफ किसान जहां उन फसलों व सब्जियों की खेती करके लोहा मनवा रहे हैं, वहीं अन्य किसानों को प्रेरित भी कर रहे हैं। किसान दिवस पर कृषि विभाग की ओर से 30 प्रगतिशील किसानों को विभिन्न ब्लाकों में सम्मानित किया गया। जिन्होंने परंपरागत खेती से ऊपर उठकर चुनौती पूर्ण तरीके से अलग फसलों की खेती करने के साथ दूसरे किसानों के लिए प्रेरणादायक बन रहे हैं।
किसान परंपरागत खेती कर काफी पिछड़ गए हैं। वह हमेशा घाटे में जा रहा है। अब हटकर खेती करनी होगी, जिससे लागत कम और मुनाफा ज्यादा हो। एक हेक्टेयर पाली हाउस में आर्गेनिक विधि से सब्जी का उत्पादन शुरू किया। लौकी, नेनुआ, भिंडी और खीरा जिसकी स्थानीय बाजारों में आज काफी मांग है। खेत में ही सब्जियां अच्छे भाव में बिक रही है। लौकी व खीरा का स्वाद लंदन के लोगों ने भी चखा। - पंकज राय, करीमुद्दीनपुर
परंपरागत खेती से ऊपर उठकर किसान अब अत्याधुनिक खेती के तरफ चल दिए हैं। ऐसे में किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार को आगे आना चाहिए। सम्मानित करने के साथ किसानों की समस्याओं की भी प्राथमिकता के तौर निस्तारण करें। किसान मेहनत कर खेती तो करता है, लेकिन प्राकृति के मार से उसकी सारी मेहनत पर पानी फिर जाता है। अब जरूरत है कि किसान अत्याधुनिक खेती के तरफ बढ़े। - सुखराम तिवारी, असावर निवासी सुखराम तिवारी ने बताया की
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केला की खेती से आज क्षेत्र के कई किसान जुट गए हैं। पूर्व में परंपरागत खेती से काफी घाटे का सौदा होता था। अब जबकि किसान केले की खेती कर रहे हैं तो उन्हें मुनाफा तो मिल रहा है। साथ ही अत्याधुनिक खेती के तरफ भी वे बढ़ चुके हैं। - प्रदीप राय, रेवतीपुर
अब किसानों को प्रशिक्षित करने के साथ उन्हें खेती के विषय में नई-नई जानकारी भी दी जा रही है। खेती के तौर-तरीके भी अब बदल चुके हैं। जहां वर्ष भर किसान दलहनी के रबी व खरीफ की बुआई की बात करते थे। अब सोच में जहां परिवर्तन आ चुका है, वहीं अत्याधुनिक खेती के तरफ अग्रसर हो चुके हैं। - दरोगा राय, रेवतीपुर
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किसान परंपरागत खेती कर काफी पिछड़ गए हैं। वह हमेशा घाटे में जा रहा है। अब हटकर खेती करनी होगी, जिससे लागत कम और मुनाफा ज्यादा हो। एक हेक्टेयर पाली हाउस में आर्गेनिक विधि से सब्जी का उत्पादन शुरू किया। लौकी, नेनुआ, भिंडी और खीरा जिसकी स्थानीय बाजारों में आज काफी मांग है। खेत में ही सब्जियां अच्छे भाव में बिक रही है। लौकी व खीरा का स्वाद लंदन के लोगों ने भी चखा। - पंकज राय, करीमुद्दीनपुर
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परंपरागत खेती से ऊपर उठकर किसान अब अत्याधुनिक खेती के तरफ चल दिए हैं। ऐसे में किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार को आगे आना चाहिए। सम्मानित करने के साथ किसानों की समस्याओं की भी प्राथमिकता के तौर निस्तारण करें। किसान मेहनत कर खेती तो करता है, लेकिन प्राकृति के मार से उसकी सारी मेहनत पर पानी फिर जाता है। अब जरूरत है कि किसान अत्याधुनिक खेती के तरफ बढ़े। - सुखराम तिवारी, असावर निवासी सुखराम तिवारी ने बताया की
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केला की खेती से आज क्षेत्र के कई किसान जुट गए हैं। पूर्व में परंपरागत खेती से काफी घाटे का सौदा होता था। अब जबकि किसान केले की खेती कर रहे हैं तो उन्हें मुनाफा तो मिल रहा है। साथ ही अत्याधुनिक खेती के तरफ भी वे बढ़ चुके हैं। - प्रदीप राय, रेवतीपुर
अब किसानों को प्रशिक्षित करने के साथ उन्हें खेती के विषय में नई-नई जानकारी भी दी जा रही है। खेती के तौर-तरीके भी अब बदल चुके हैं। जहां वर्ष भर किसान दलहनी के रबी व खरीफ की बुआई की बात करते थे। अब सोच में जहां परिवर्तन आ चुका है, वहीं अत्याधुनिक खेती के तरफ अग्रसर हो चुके हैं। - दरोगा राय, रेवतीपुर