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चौथी बार जीत का परचम नहीं लहरा सके मनोज
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गाजीपुर। भाजपा प्रत्याशी एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा चौथी बार जीत का परचम नहीं लहरा सके। गाजीपुर संसदीय सीट के लिए हुए सत्रहवीं लोकसभा के चुनाव में उन्हें बसपा-सपा गठबंधन के उम्मीदवार अफजाल अंसारी ने बड़े अंतर से पराजित कर दिया। पंद्रह वर्ष बाद फिर श्री अंसारी ने उन्हें हराया है।
भाजपा प्रत्याशी मनोज सिन्हा इस चुनाव से पहले तीन बार गाजीपुर का संसद में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। मिली जानकारी के अनुसार पहली बार वर्ष 1996 में हुए लोस चुनाव में वह निर्वाचित घोषित किए गए थे। उस दौरान दो लाख 75 हजार 706 मत पाकर वह एक लाख से अधिक मतों से विजयी हुए थे। इसके बाद वर्ष 1999 के चुनाव में दो लाख 40 हजार 592 वोट पाकर उन्होंने 11 हजार से ज्यादा मतों से जीत दर्ज की थी। वर्ष 2014 के चुनाव में लगभग साढ़े 32 हजार मतों से उन्होंने कामयाबी का परचम लहराया था। उनको तीन लाख छह हजार 929 मत मिले थे। इस चुनाव में बाजी मारने के बाद मोदी सरकार में उन्हें रेल राज्यमंत्री के साथ ही संचार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। सत्रहवीं लोकसभा के लिए कराए गए चुनाव की मतगणना गुरुवार को कराई गई। इस चुनाव में पराजय मिलने के बाद चौथी बार उन्हें कामयाबी नहीं मिल सकी।
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भाजपा प्रत्याशी मनोज सिन्हा इस चुनाव से पहले तीन बार गाजीपुर का संसद में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। मिली जानकारी के अनुसार पहली बार वर्ष 1996 में हुए लोस चुनाव में वह निर्वाचित घोषित किए गए थे। उस दौरान दो लाख 75 हजार 706 मत पाकर वह एक लाख से अधिक मतों से विजयी हुए थे। इसके बाद वर्ष 1999 के चुनाव में दो लाख 40 हजार 592 वोट पाकर उन्होंने 11 हजार से ज्यादा मतों से जीत दर्ज की थी। वर्ष 2014 के चुनाव में लगभग साढ़े 32 हजार मतों से उन्होंने कामयाबी का परचम लहराया था। उनको तीन लाख छह हजार 929 मत मिले थे। इस चुनाव में बाजी मारने के बाद मोदी सरकार में उन्हें रेल राज्यमंत्री के साथ ही संचार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। सत्रहवीं लोकसभा के लिए कराए गए चुनाव की मतगणना गुरुवार को कराई गई। इस चुनाव में पराजय मिलने के बाद चौथी बार उन्हें कामयाबी नहीं मिल सकी।
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