उच्च बाढ़ स्तर का टूटा रिकॉर्ड: गाजीपुर में पांच तहसीलों के 25 गांव प्रभावित, कर्मनाशा उफनाई; संपर्क मार्ग बंद
गाजीपुर में गंगा का जलस्तर वर्ष 2024 के रिकॉर्ड से महज 10 सेंटीमीटर दूर है। रौद्र रूप धारण कर चुकी गंगा ने वर्ष 2023 के उच्च बाढ़ स्तर का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। जिले की पांच तहसीलों के 25 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत है और प्रशासन सतर्क है।
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गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ाव से जिले में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। बृहस्पतिवार शाम पांच बजे गंगा का जलस्तर 63.570 मीटर पहुंच गया। यह वर्ष 2023 के 61.700 मीटर के उच्च बाढ़ जलस्तर का रिकॉर्ड तोड़ चुका है। अब गंगा वर्ष 2024 के 63.670 मीटर के रिकॉर्ड से महज 10 सेंटीमीटर दूर है। आपदा विभाग के अनुसार सदर, मुहम्मदाबाद, सेवराई, सैदपुर और जमानिया तहसील के कुल 25 गांव बाढ़ प्रभावित हुए हैं। पांच संपर्क मार्गों पर पानी पसरा है और 294.371 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है।
गंगा सुबह आठ बजे 63.480 मीटर, 11 बजे 63.510 मीटर और शाम पांच बजे 63.570 मीटर पर पहुंची। जलस्तर प्रति घंटे एक सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ता रहा। रेवतीपुर क्षेत्र के नगदीलपुर, हसनपुरा और वीरऊपुर की गलियों में पानी का फैलाव लगातार बढ़ रहा है।
कर्मनाशा उफनाई, बिहार का संपर्क मार्ग बंद
चंदौली के पहाड़ी क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश के बाद मूसाखांड़ समेत अन्य बांधों से हजारों क्यूसेक पानी छोड़े जाने से कर्मनाशा का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। दो सितंबर की रात गायघाट, धुस्का, रोहुणा, धिनपुरा, रायपुर, तियरी, जबुरना, केसरुआ और करमहरी बाढ़ की चपेट में आ गए। देवढ़ी-दाउदपुर संपर्क मार्ग पर पानी चढ़ने से बिहार का संपर्क बाधित हो गया। दाउदपुर से इंटर कॉलेज जाने वाले रास्ते पर घुटनों तक पानी है। देवढ़ी के निचले हिस्से में भी पानी प्रवेश कर गया है। करीब 500 बीघा खरीफ फसल जलमग्न हो गई है।
मंदिर की चहारदीवारी झुकी, 200 बीघा सब्जी की फसल डूबी
फुलवारी कला में निर्माणाधीन रामजानकी-शिव मंदिर की चहारदीवारी गंगा की तेज लहरों के दबाव से नदी की ओर झुक गई है। कटान होने पर इसके धराशायी होने का खतरा है। हथौड़ा, पटना, शादीभादी, औड़िहार, जौहरगंज, सैदपुर, फुलवारी खुर्द, फुलवारी कला, देवचंदपुर, चकेरी और रामपुर मांझा आदि गांवों में करीब 200 बीघा सब्जी की फसल पानी में डूब गई है। इससे लगभग 300 किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
मगई भी उफान पर, गांवों की ओर बढ़ रहा पानी
लठठूडीह। गंगा का पानी मगई नदी में पहुंचने से उसमें भी उफान आ गया है। सोनबरसा, महेशपुर, गोड़उर, मसौनी, सरदरपुर और महेंद के निचले इलाकों में पानी फैल रहा है। धान, सब्जी, चरी, ज्वार और बाजरा की फसलें डूब गई हैं।
गौरहट-तेतारपुर मार्ग डूबा, चार किलोमीटर का चक्कर
खानपुर। गंगा के साथ गोमती नदी भी उफान पर है। गोमती की बाढ़ से तेतारपुर, गौरहट, गोरखा और सिधौना प्रभावित हैं। गौरहट-तेतारपुर का मुख्य रास्ता डूबने से ग्रामीणों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए करीब चार किलोमीटर का वैकल्पिक रास्ता तय करना पड़ रहा है। खेतों में पानी घुसने से 300 बीघा फसल डूब गई है। गंगा की बाढ़ से खरौना, कुसहीं, हथौड़ा, पटना, छपरा और मंझरिया समेत कई गांव प्रभावित हैं।
नाव के सहारे आवागमन, रेवतीपुर-रामपुर मार्ग पर पानी
भांवरकोल। धर्मपुरा पुलिया के पास धर्मपुरा और फिरोजपुर गांव के लोगों के आवागमन के लिए नाव लगाई गई है। धर्मपुरा, फिरोजपुर, जगतहपुर, महेशपुर, शेरपुरकला, शेरपुर खुर्द, पखनपुरा, रानीपुर, पचायो, सतर, माधी और लालूपुर के सिवान में पानी फैल रहा है।
रेवतीपुर। बाढ़ से घिरे गांवों में नाव ही आवागमन का सहारा बनी हुई है। रेवतीपुर-रामपुर मार्ग पर कई स्थानों पर पानी भर गया है। किसान पशुओं को सुरक्षित स्थानों और डेरे पर पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रेवतीपुर-रामपुर तथा नगदीलपुर-कामाख्या धाम मार्ग की ऊंचाई बढ़ा दी गई होती तो बाढ़ में ये मार्ग इतनी जल्दी बंद नहीं होते।
शहर के नालों में भी बढ़ रहा पानी
गाजीपुर। लकड़ी टाल स्थित एक खेत में नाले के माध्यम से बाढ़ का पानी फैल रहा है। नाले लगातार भर रहे हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि इसी तरह पानी बढ़ता रहा तो शहर के निचले इलाकों लकड़ी का टाल, स्टीमरघाट, नवाब साहब का फाटक और शास्त्री नगर की सड़कों पर भी पानी फैल सकता है।
स्थिर होने के बाद फिर से गंगा में बढ़ाव जारी है। शाम पांच बजे गंगा का जलस्तर 63.570 मीटर दर्ज किया गया। - अशोक राय, आपदा विशेषज्ञ।