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बवाल के बाद भी वसूली में मस्त थे गुर्गे
Updated Mon, 25 Sep 2017 12:19 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। युवक की मौत के बाद एक तरफ हंगामा और पथराव चल रहा था, दूसरी तरफ पुलिस के गुर्गे ओवरलोड ट्रकों से वसूली में मस्त थे। बताया जाता है कि थाने और टोल प्लाजा के बीच 24 घंटे ओवरलोड और मवेशी लदे ट्रकों से वसूली होती है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक को कुचलने वाले ट्रक में मवेशी ठूंसकर भरे थे। लोगों का आरोप है कि ये मवेशी तस्करी कर ले जाए जा रहे थे। यदि चालक ट्रक रोक देता तो पुलिस को मजबूरी में पकड़ना पड़ता। ट्रक चालक ने भी टोल के पहले पुलिस के मुस्तैद गुर्गों को सुविधा शुल्क दिया था।
टोल प्लाजा से चंद मिनट की दूरी पर कल्यानपुर थाना है, लेकिन पुलिस को पहुंचने में बीस मिनट से अधिक समय लग गया। टोल प्लाजा पर अजीत की पत्नी सोनी चीख-चीख कर कह रही थी कि उसके पति को टोल प्लाजा कर्मियों ने मरवा दिया। सोनी का कहना है कि पुलिस और टोल प्लाजा कर्मी ट्रक को पकड़ सकते थे, लेकिन किसी ने रोकने की कोशिश नहीं की गई।
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वहां मौजूद लोगों ने यहां तक कहा कि टोल प्लाजा पर बवाल के बाद भी पुलिस के गुर्गे ओवरलोड ट्रकों से वसूली कर रहे थे।
पुलिस भी कर रही खेल
पुलिस ने भी पूरे प्रकरण को सफाई के साथ रफादफा करने का प्रयास किया है। टोल प्लाजा पर हंगामे के बाद पुलिस ने ट्रक का सीसीटीवी फुटेज निकाला है, लेकिन इसमें ट्रक के आगे के हिस्से का ही फुटेज है। पीछे के हिस्से का फुटेज नहीं लिया गया है। यदि ट्रक के पीछे का फुटेज लिया जाता तो ट्रक में मवेशियों के लदे होने का खुलासा हो जाता।
परिवार का इकलौता सहारा था अजीत
अजीत अपने परिवार का इकलौता चिराग था। पिता राम प्रकाश की चार साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद से मां गायत्री, पत्नी सोनी और बच्चे कृष्णा की जिम्मेदारी उसी पर आ गई। दो शादीशुदा बहनें हैं। मुखिया की मौत से परिवार को भरण-पोषण की चिंता सता रही है।
टोल कर्मी भी जिम्मेदार
सोनी का आरोप है कि पति की मौत के लिए टोलकर्मी भी जिम्मेदार हैं। उसका पति अभद्रता करने वाले खलासी को पकड़ने के लिए चीखता रहा और ट्रक को रोकने की कोशिश में जान भी गवां दी। यह सब टोल प्लाजा पर हुआ, लेकिन टोल प्लाजा का कोई भी कर्मचारी उसकी सहायता करने नहीं आया।
मैनेजर आशुतोष शुक्ला ने सफाई दी कि वहां कोई मारपीट नहीं हो रही थी। घटना पहले कहीं हुई थी। युवक ट्रक को रोकने का प्रयास कर रहा था। पीछे जाम लग रहा था। इस वजह से ट्रक को टोल से हटाया गया।
पथराव में तीन साल की बच्ची घायल
कल्यानपुर थाने के सामने खफा भीड़ ने जाम लगने के लिए पुलिस का बैरियर हाईवे पर खड़ा कर दिया था। इसी दौरान कानपुर की ओर जा रहा ट्रक रुक गया। उस ट्रक में कुछ यात्री भी बैठे थे। भीड़ ने ट्रक पर पथराव कर दिया। इससे ट्रक का शीशा टूट गया।
ट्रक के अंदर बैठी तीन साल की अमृता घायल हो गई। अमृता कल्यानपुर थाने के ही बसावनपुर गांव निवासी अरविंद की बेटी है। वह परिजनों के साथ ट्रक में बैठकर कानपुर जा रही थी। मलवां से फोर्स आने पर हालात काबू में आ सके।
हाईवे पर महिलाएं असुरक्षित
पुलिस के तमाम प्रयासों के बाद भी हाईवे पर महिलाएं असुरक्षित हैं। अजीत के खफा होने के पीछे उसकी पत्नी से ट्रक के खलासी की छींटाकशी है। महिला के साथ हुए इस मामले को पुलिस और टोलकर्मियों ने बड़े हलके में लिया।
अब तो शायद ही खलासी के बारे में पुलिस को सही जानकारी मिल सके। खलासी की हरकत से अजीत की जान चली गई। हाईवे पर महिलाओं से इससे भी बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन खुलासे नहीं हो सके हैं। कल्यानपुर थाना क्षेत्र के हाईवे पर दो महिलाओं से दुष्कर्म और हत्या कर शव फेंकने के मामलों का खुलासा नहीं हो सका है।
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फतेहपुर। युवक की मौत के बाद एक तरफ हंगामा और पथराव चल रहा था, दूसरी तरफ पुलिस के गुर्गे ओवरलोड ट्रकों से वसूली में मस्त थे। बताया जाता है कि थाने और टोल प्लाजा के बीच 24 घंटे ओवरलोड और मवेशी लदे ट्रकों से वसूली होती है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक को कुचलने वाले ट्रक में मवेशी ठूंसकर भरे थे। लोगों का आरोप है कि ये मवेशी तस्करी कर ले जाए जा रहे थे। यदि चालक ट्रक रोक देता तो पुलिस को मजबूरी में पकड़ना पड़ता। ट्रक चालक ने भी टोल के पहले पुलिस के मुस्तैद गुर्गों को सुविधा शुल्क दिया था।
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टोल प्लाजा से चंद मिनट की दूरी पर कल्यानपुर थाना है, लेकिन पुलिस को पहुंचने में बीस मिनट से अधिक समय लग गया। टोल प्लाजा पर अजीत की पत्नी सोनी चीख-चीख कर कह रही थी कि उसके पति को टोल प्लाजा कर्मियों ने मरवा दिया। सोनी का कहना है कि पुलिस और टोल प्लाजा कर्मी ट्रक को पकड़ सकते थे, लेकिन किसी ने रोकने की कोशिश नहीं की गई।
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वहां मौजूद लोगों ने यहां तक कहा कि टोल प्लाजा पर बवाल के बाद भी पुलिस के गुर्गे ओवरलोड ट्रकों से वसूली कर रहे थे।
पुलिस भी कर रही खेल
पुलिस ने भी पूरे प्रकरण को सफाई के साथ रफादफा करने का प्रयास किया है। टोल प्लाजा पर हंगामे के बाद पुलिस ने ट्रक का सीसीटीवी फुटेज निकाला है, लेकिन इसमें ट्रक के आगे के हिस्से का ही फुटेज है। पीछे के हिस्से का फुटेज नहीं लिया गया है। यदि ट्रक के पीछे का फुटेज लिया जाता तो ट्रक में मवेशियों के लदे होने का खुलासा हो जाता।
परिवार का इकलौता सहारा था अजीत
अजीत अपने परिवार का इकलौता चिराग था। पिता राम प्रकाश की चार साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद से मां गायत्री, पत्नी सोनी और बच्चे कृष्णा की जिम्मेदारी उसी पर आ गई। दो शादीशुदा बहनें हैं। मुखिया की मौत से परिवार को भरण-पोषण की चिंता सता रही है।
टोल कर्मी भी जिम्मेदार
सोनी का आरोप है कि पति की मौत के लिए टोलकर्मी भी जिम्मेदार हैं। उसका पति अभद्रता करने वाले खलासी को पकड़ने के लिए चीखता रहा और ट्रक को रोकने की कोशिश में जान भी गवां दी। यह सब टोल प्लाजा पर हुआ, लेकिन टोल प्लाजा का कोई भी कर्मचारी उसकी सहायता करने नहीं आया।
मैनेजर आशुतोष शुक्ला ने सफाई दी कि वहां कोई मारपीट नहीं हो रही थी। घटना पहले कहीं हुई थी। युवक ट्रक को रोकने का प्रयास कर रहा था। पीछे जाम लग रहा था। इस वजह से ट्रक को टोल से हटाया गया।
पथराव में तीन साल की बच्ची घायल
कल्यानपुर थाने के सामने खफा भीड़ ने जाम लगने के लिए पुलिस का बैरियर हाईवे पर खड़ा कर दिया था। इसी दौरान कानपुर की ओर जा रहा ट्रक रुक गया। उस ट्रक में कुछ यात्री भी बैठे थे। भीड़ ने ट्रक पर पथराव कर दिया। इससे ट्रक का शीशा टूट गया।
ट्रक के अंदर बैठी तीन साल की अमृता घायल हो गई। अमृता कल्यानपुर थाने के ही बसावनपुर गांव निवासी अरविंद की बेटी है। वह परिजनों के साथ ट्रक में बैठकर कानपुर जा रही थी। मलवां से फोर्स आने पर हालात काबू में आ सके।
हाईवे पर महिलाएं असुरक्षित
पुलिस के तमाम प्रयासों के बाद भी हाईवे पर महिलाएं असुरक्षित हैं। अजीत के खफा होने के पीछे उसकी पत्नी से ट्रक के खलासी की छींटाकशी है। महिला के साथ हुए इस मामले को पुलिस और टोलकर्मियों ने बड़े हलके में लिया।
अब तो शायद ही खलासी के बारे में पुलिस को सही जानकारी मिल सके। खलासी की हरकत से अजीत की जान चली गई। हाईवे पर महिलाओं से इससे भी बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन खुलासे नहीं हो सके हैं। कल्यानपुर थाना क्षेत्र के हाईवे पर दो महिलाओं से दुष्कर्म और हत्या कर शव फेंकने के मामलों का खुलासा नहीं हो सका है।