{"_id":"5c87e4c7bdec221468051093","slug":"201552409799-farrukhabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"12 हजार आयुष्मान कार्ड निकले खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
12 हजार आयुष्मान कार्ड निकले खराब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद। जनपद में आए पीवीसी आयुष्मान कार्डों के वितरण पर आचार संहिता का ब्रेक लग गया है। इसके चलते आधे से भी कम कार्डों का वितरण हो सका है। साथ ही शहरी क्षेत्रों के 12 हजार कार्ड गलत होने से वापस भेजे जा रहे हैं। इसी के चलते अब आयुष्मान के लाभार्थियों को कार्ड के लिए लंबा इंतजार करना होगा।
विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत के काम में भी आचार संहिता ने ब्रेक लगा दिया है। हाल ही में जनपद में आयुष्मान योजना के 93 हजार छह सौ पीवीसी गोल्डन कार्ड लाभार्थियों को वितरण के लिए आए थे। इन पर पीएम मोदी की फोटो भी प्रकाशित है। इसी के चलते अब इन कार्डों के वितरण पर रोक लगा दी गई है। अब तक जनपद में करीब 20 हजार पीवीसी गोल्डन कार्ड का ही वितरण हो पाया है। जबकि शहरी क्षेत्रों के 12 हजार कार्ड खराब निकले हैं। दरअसल इन कार्डों पर संबंधित लाभार्थी का नाम व शहर का नाम तो है, लेकिन मोहल्ले का नाम नहीं है। ऐसे में शहरों में लाभार्थी का एड्रेस ढूंढना नामुमकिन है।
डीपीसी अमित मिश्रा ने बताया कि आचार संहिता के कारण गोल्डन कार्डों का वितरण रुकवा दिया गया है। शहरी क्षेत्र के 12 हजार कार्डों को वापस भेजा जाएगा। ये कार्ड दोबारा आएंगे।
विज्ञापन
पहले से ही कम आए थे कार्ड
जनपद में प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना के लाभार्थी परिवारों की संख्या एक लाख 27 हजार है। इसके सापेक्ष 93 हजार 600 पीवीसी गोल्डन कार्ड ही वितरण के लिए आए थे। इनकी संख्या पहले से ही कम थी। इसके बाद भी 12 हजार कार्डों खराब निकल गए।
विज्ञापन
विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत के काम में भी आचार संहिता ने ब्रेक लगा दिया है। हाल ही में जनपद में आयुष्मान योजना के 93 हजार छह सौ पीवीसी गोल्डन कार्ड लाभार्थियों को वितरण के लिए आए थे। इन पर पीएम मोदी की फोटो भी प्रकाशित है। इसी के चलते अब इन कार्डों के वितरण पर रोक लगा दी गई है। अब तक जनपद में करीब 20 हजार पीवीसी गोल्डन कार्ड का ही वितरण हो पाया है। जबकि शहरी क्षेत्रों के 12 हजार कार्ड खराब निकले हैं। दरअसल इन कार्डों पर संबंधित लाभार्थी का नाम व शहर का नाम तो है, लेकिन मोहल्ले का नाम नहीं है। ऐसे में शहरों में लाभार्थी का एड्रेस ढूंढना नामुमकिन है।
विज्ञापन
डीपीसी अमित मिश्रा ने बताया कि आचार संहिता के कारण गोल्डन कार्डों का वितरण रुकवा दिया गया है। शहरी क्षेत्र के 12 हजार कार्डों को वापस भेजा जाएगा। ये कार्ड दोबारा आएंगे।
विज्ञापन
पहले से ही कम आए थे कार्ड
जनपद में प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना के लाभार्थी परिवारों की संख्या एक लाख 27 हजार है। इसके सापेक्ष 93 हजार 600 पीवीसी गोल्डन कार्ड ही वितरण के लिए आए थे। इनकी संख्या पहले से ही कम थी। इसके बाद भी 12 हजार कार्डों खराब निकल गए।