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Farrukhabad News: कान्हा के शृंगार के लिए बाजार गुलजार

Fri, 04 Sep 2026 12:24 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 04 Sep 2026 12:24 AM IST
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Markets abuzz with preparations for Kanha's adornment.
फर्रुखाबाद। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर बाजार सज गए हैं। लड्डू गोपाल के शृंगार के लिए मोती और गोटे वाली पोशाक, मुकुट, हार और अन्य आभूषणों की मांग बढ़ गई है। 56 भोग की तैयारी के लिए मेवा-मिश्री की खरीदारी भी तेज है। दो माह में मेवा, मिश्री और चीनी के दाम बढ़ने से भोग का बजट भी बढ़ गया है।
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फतेहगढ़ समेत प्रमुख बाजारों में कान्हा की पोशाक और शृंगार सामग्री की दुकानें सजी हैं। दुकानदारों के मुताबिक जन्माष्टमी पर खरीदारी बढ़ी है। कानपुर रोड स्थित दुकानदार रोशन कुमार ने बताया कि लोग पोशाक के साथ मुकुट, हार और बांसुरी का सेट भी खरीद रहे हैं। लिंजीगंज के मेवा विक्रेता संतोष गुप्ता ने बताया कि कीमतें बढ़ने के बावजूद जन्माष्टमी को लेकर मेवा की मांग बनी हुई है।
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दो माह में ऐसे बढ़े दाम
बादाम 1000 से 1100, काजू 900 से 1000, मखाना 1000 से 1060, गरी गोला 350 से 400, पिस्ता 1200 से 1300, अखरोट 1000 से 1200, किशमिश 400 से 450, खजूर 400 से 450, छुहारा 350 से 400, खरबूजे के बीज 600 से 1000, धागे वाली मिश्री 80 से 100, देसी घी 580 से 650 और चीनी 42 से बढ़कर 65 रुपये किलो हो गई है।
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50 रुपये का नार वाला खीरा
जन्माष्टमी पर नार वाले खीरे के पूजन की मान्यता है। इसके चलते बाजार में नार वाला खीरा 50 रुपये में बिक रहा है। पूजा के लिए लोग इसकी खरीदारी कर रहे हैं।

मध्यरात्रि में होगा कान्हा का जन्मोत्सव
आचार्य अभय नारायण शुक्ल ने बताया कि इस वर्ष जन्माष्टमी चार सितंबर शुक्रवार को मनाई जाएगी। श्रीकृष्ण जन्म के समय मध्यरात्रि में पूजा का विशेष महत्व है। निशीथ पूजा का समय लगभग रात 11:55 बजे से 12:40 बजे है। पूजन के लिए स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल पर बाल गोपाल को चौकी पर विराजमान कर पंचामृत से स्नान कराएं। पीले वस्त्र, मुकुट, माला और आभूषण पहनाकर रोली, अक्षत, पुष्प, तुलसी दल, माखन-मिश्री और फल अर्पित करें। धूप-दीप जलाकर श्रीकृष्ण का ध्यान और मंत्र-जप करें। मध्यरात्रि में जन्मोत्सव के बाद आरती कर प्रसाद वितरित करें। आचार्य ने बताया कि भोग में माखन-मिश्री के साथ अपनी सामर्थ्य के अनुसार 56 प्रकार के व्यंजन अर्पित किए जा सकते हैं।
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