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आरक्षित क्षेत्र में लाइन डालने पर संकट में बिजली विभाग
Sun, 30 Dec 2018 11:04 PM IST
प्रतीक दुबे
अमर उजाला, इटावा
अमर उजाला, इटावा
Published by: प्रतीक दुबे
Updated Sun, 30 Dec 2018 11:04 PM IST
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जमीन पर पड़ा हुआ तार आदि अन्य सामान। अमर उजाला
- फोटो : amar ujala
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आरक्षित वन क्षेत्र में बिजली विभाग की ओर से पोल लगाकर तार बिछाए जाने पर वन विभाग के डीएफओ सत्यपाल ने एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
बिजली विभाग लखना वन ब्लॉक के आरक्षित क्षेत्र में बिजली की लाइन बिछाने का कार्य कर रहा था। इसकी सूचना वन विभाग को मिली तो क्षेत्रीय वन अधिकारी चकरनगर शिवकुमार सिंह के नेतृत्व में वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और वहां से करीब 900 मीटर तार तथा अन्य सामग्री को जब्त कर कब्जे में ले ली।
क्षेत्रीय वन अधिकारी शिवकुमार सिंह का कहना है कि आरक्षित वन क्षेत्र में बिजली का तार बिछाया जाना और पोल लगाया जाना अवैध है। इसकी पूरी जानकारी डीएफओ को दे दी गई है और डीएफओ सत्यपाल के निर्देश पर लाइन बिछाने से संबंधित बिजली विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों व ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। बिजली विभाग को यह लाइन बिछाते समय पकड़ने वालों में वन दरोगा प्रबल प्रताप सिंह, मिलाप सिंह, ताबिश अहमद, ब्रज किशोर, संदीप कुमार, अवधेश कुमार व कश्मीर सिंह शामिल हैं।
अभी मेरे संज्ञान में मामला नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो वन विभाग को चाहिए था कि पहले बिजली विभाग को अवगत कराते। इसके बाद कार्रवाई करते। फिर भी जानकारी की गई जा रही है। - पीएम प्रभाकर, एक्सईएन, ग्रामीण क्षेत्र
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बिजली विभाग लखना वन ब्लॉक के आरक्षित क्षेत्र में बिजली की लाइन बिछाने का कार्य कर रहा था। इसकी सूचना वन विभाग को मिली तो क्षेत्रीय वन अधिकारी चकरनगर शिवकुमार सिंह के नेतृत्व में वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और वहां से करीब 900 मीटर तार तथा अन्य सामग्री को जब्त कर कब्जे में ले ली।
क्षेत्रीय वन अधिकारी शिवकुमार सिंह का कहना है कि आरक्षित वन क्षेत्र में बिजली का तार बिछाया जाना और पोल लगाया जाना अवैध है। इसकी पूरी जानकारी डीएफओ को दे दी गई है और डीएफओ सत्यपाल के निर्देश पर लाइन बिछाने से संबंधित बिजली विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों व ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। बिजली विभाग को यह लाइन बिछाते समय पकड़ने वालों में वन दरोगा प्रबल प्रताप सिंह, मिलाप सिंह, ताबिश अहमद, ब्रज किशोर, संदीप कुमार, अवधेश कुमार व कश्मीर सिंह शामिल हैं।
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अभी मेरे संज्ञान में मामला नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो वन विभाग को चाहिए था कि पहले बिजली विभाग को अवगत कराते। इसके बाद कार्रवाई करते। फिर भी जानकारी की गई जा रही है। - पीएम प्रभाकर, एक्सईएन, ग्रामीण क्षेत्र
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