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दहेज हत्या में जेठ-जेठानी को 12 साल की सजा
Thu, 02 May 2019 12:20 AM IST
प्रतीक दुबे
इटावा, अमर उजाला ब्यूरो
इटावा, अमर उजाला ब्यूरो
Published by: प्रतीक दुबे
Updated Thu, 02 May 2019 12:20 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिलीप सिंह यादव ने चार साल पूर्व हुई दहेज हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए विवाहिता के जेठ व जेठानी को दोषी करार देते हुए उन्हें बारह-बारह साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोनों पर साठ-साठ हजार रुपये के अर्थदंड भी लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला ने बताया कि औरैया जिले के सहायल थाना क्षेत्र के गांव असू निवासी श्रीकृष्ण ने अपनी पुत्री रंजना की शादी मई 2015 में ऊसराहार थाना क्षेत्र के गांव मोहरी निवासी प्रवीण कुमार पुत्र दीप चंद्र के साथ की थी। शादी के बाद रंजना के ससुरालीजन उससे दहेज के रूप में बाइक व भैंस की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर ससुरालीजनों ने चार दिसम्बर 2015 को रंजना के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। इससे वह गंभीर रूप से झुलस गई थी। उसे गंभीर अवस्था में सैफई मिनी पीजीआई में भर्ती कराया गया था। पांच दिसम्बंर 2015 को उसकी मौत हो गई थी।
रंजना उस समय गर्भवती थी। इस संबंध में श्रीकृष्ण ने रंजना के पति प्रवीण कुमार, देवर अवनीश, जेठ रजनेश उर्फ कल्लू, जेठानी प्रीति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने जेठ रजनेश उर्फ कल्लू व जेठानी प्रीति के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। इस मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिलीप कुमार यादव ने की। पक्ष विपक्ष ने अपने तर्क प्रस्तुत किए। लेकिन शासकीय अधिवक्ता द्वारा पेश किए किए सबूतों को बचाव पक्ष के अधिवक्ता काटने में सफल नहीं हुए। गवाह व सबूतों के आधार पर न्यायाधीश ने जेठ रजनेश उर्फ कल्लू व जेठानी प्रीति को दोषी मानते हुए उन्हें बारह बारह साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा दोनों को साठ साठ हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया।
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जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला ने बताया कि औरैया जिले के सहायल थाना क्षेत्र के गांव असू निवासी श्रीकृष्ण ने अपनी पुत्री रंजना की शादी मई 2015 में ऊसराहार थाना क्षेत्र के गांव मोहरी निवासी प्रवीण कुमार पुत्र दीप चंद्र के साथ की थी। शादी के बाद रंजना के ससुरालीजन उससे दहेज के रूप में बाइक व भैंस की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर ससुरालीजनों ने चार दिसम्बर 2015 को रंजना के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। इससे वह गंभीर रूप से झुलस गई थी। उसे गंभीर अवस्था में सैफई मिनी पीजीआई में भर्ती कराया गया था। पांच दिसम्बंर 2015 को उसकी मौत हो गई थी।
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रंजना उस समय गर्भवती थी। इस संबंध में श्रीकृष्ण ने रंजना के पति प्रवीण कुमार, देवर अवनीश, जेठ रजनेश उर्फ कल्लू, जेठानी प्रीति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने जेठ रजनेश उर्फ कल्लू व जेठानी प्रीति के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। इस मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिलीप कुमार यादव ने की। पक्ष विपक्ष ने अपने तर्क प्रस्तुत किए। लेकिन शासकीय अधिवक्ता द्वारा पेश किए किए सबूतों को बचाव पक्ष के अधिवक्ता काटने में सफल नहीं हुए। गवाह व सबूतों के आधार पर न्यायाधीश ने जेठ रजनेश उर्फ कल्लू व जेठानी प्रीति को दोषी मानते हुए उन्हें बारह बारह साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा दोनों को साठ साठ हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया।
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