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लापता टीचर का शव मिलने के बाद बवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Thu, 05 Feb 2015 11:53 PM IST
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उन्नीस दिन से लापता टीचर का शव गुरुवार की सुबह शहर के काजी पेट्रोल पंप के पास नाले में पड़ा मिला। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए भीड़ ने पुराना हाइवे पर जमकर बवाल किया। जाम लगाने के साथ पथराव कर आधा दर्जन वाहनों में तोड़फोड़ की। एएसपी सहित अन्य पुलिस अफसरों ने पब्लिक को कार्रवाई की घुड़की दी तो भीड़ उनसे भी भिड़ गई।
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भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। बवाल के चलते पुराना हाइवे चार घंटे तक जाम रहा। बाद में कुछ क्षेत्रीय नेताओं और अफसरों के समझाने पर लोगों का गुस्सा शांत हुआ। तब जाकर शव उठाने दिया गया।
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औरैया जिले के दरवटपुर स्थित जनता माध्यमिक विद्यालय में अध्यापक शैलेंद्र सिंह (35) पुत्र सरनाम सिंह राजावत शहर की महेरा चुंगी स्थित विनीत बिहार कालोनी में अपने परिवार के साथ रहते थे।
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17 जनवरी को शाम करीब साढे़ आठ बजे वे साइकिल से शास्त्री चौराहा स्थित बाबा मॉल में अपने विद्यालय के प्रबंधक से मिलने की बात कहकर निकले थे। इसके बाद से उनका पता नहीं चल रहा था। इकदिल पुलिस ने पहले गुमशुदगी फिर परिजनों की तहरीर पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की।
परिजन लगातार शैलेंद्र की खोजबीन में जुटे थे। गुरुवार की सुबह करीब आठ बजे काजी पेट्रोल पंप के पास कुछ लोगों ने नाले में शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और नाले से शव को बाहर निकलवाया। इधर शव मिलने की सूचना शैलेंद्र के परिजनों को मिली तो वे भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने जैसे ही शव नाले से बाहर निकाला परिवारीजनों ने कोहराम मच गया।
टीचर का शव मिलने की सूचना पर परिवारीजन, रिश्तेदार और भारी संख्या में क्षेत्रीय लोगों काजी पेट्रोल पंप के पास जमा हो गए। लोगों ने पूरे मामले में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए करीब 9 बजे पुराना हाइवे जाम कर दिया। कुछ वाहनों ने जबरन निकलने की कोशिश की तो भीड़ ने पथराव कर दिया। पथराव से करीब आधा दर्जन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
एएसपी सर्वानंद यादव, सीओ सिटी के साथ इकदिल, सिविल लाइन, कोतवाली का फोर्स पहुंचा। एएसपी ने बलपूर्वक जाम खुलवाने की कोशिश की तो भीड़ ने उनसे धक्कामुक्की कर दी। एएसपी और भीड़ के बीच मुहांचाही हुई। पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो हालात बेकाबू हो गए। यह देख क्यूआरटी, पीएसी व फायरब्रिगेड को बुला लिया गया। इसके बाद गुस्साए लोगों ने पुलिस और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
परिजनों का आरोप था कि शैलेंद्र को घर से बुलाकर उसका अपहरण किया गया और फिर उसकी हत्या करके शव को यहां फेंक दिया गया। इकदिल थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई, लेकिन पुलिस ने पूरे मामले में लापरवाही बरती। अगर पुलिस गंभीरता से खोजबीन करती तो शैलेंद्र की हत्या नहीं होती।
बाद में सिटी मजिस्ट्रेट ईश्वरचंद्र, सीओ सिटी सिद्धार्थ वर्मा और भाजपा नेताओं की मौजूदगी में परिजनों से वार्ता हुई। अफसरों ने परिजनों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद पौने एक बजे शव उठ सका। इस दौरान हाइवे पर जाम लगा रहा।
एसएसपी डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम डाक्टरों के पैनल से कराया जाएगा। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत का कारण स्पष्ट होगा। उन्होंने कहा कि परिजन जो तहरीर देंगे पुलिस उसके आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करेगी। उन्होंने जाम लगाकर बवाल करने वाले पर भी रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है।