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Deoria News: बिना नक्शा पास कराए मकान बनवाने पर 2800 को नोटिस
Fri, 09 May 2025 12:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 09 May 2025 12:21 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर में बसने का सपना लेकर आने वाले लोगों को अवैध तरीके से प्लाटिंग करने वाले बेहतर सुविधाओं का सब्जबाग दिखाकर जमीन बेच दे रहे हैं।
जमीन बेचने के बाद रफूचक्कर हो जा रहे हैं। इसके बाद मकान का नक्शा बनवाने से लेकर सड़क, नाली, बिजली, पानी के लिए लोगों को तरसना पड़ रहा है। शासन स्तर पर महायोजना को हरी झंडी मिल गई है। ऐसे में अनियोजित तरीके से बसे लोगों में खलबली मच गई है।
कृषि योग्य भूमि पर मकान का निर्माण कराने वालों पर जुर्माना के अलावा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी हो सकती है। बिना नक्शा पास कराए 2800 लोगों को नियत प्राधिकारी कार्यालय से नोटिस भी जारी हो चुका है। एसडीएम कोर्ट में इसकी सुनवाई भी चल रही है।
शहर से सटे गांवों और कृषि योग्य भूमि पर अवैध तरीके से प्लाटिंग कर जमीन की खरीद-फरोख्त का खेल थमने नाम नहीं ले रहा है।
जमीन लेकर मकान का निर्माण करा लिए लोगों को विकास से जुड़ी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। शहर में इस तरह के कई कॉलोनियां बस चुकी हैं, जहां बिजली, पानी और सड़क का खुद इंतजाम करना पड़ रहा है। वहीं शासन से 2031 की महायोजना को हरी झंडी नहीं मिलने बाद महायोजना 2001 के अनुसार भवनों का नक्शा सिर्फ पास हो रहा है। सीमा विस्तार या महायोजना में शामिल हुए गांव, नगर पालिका क्षेत्र में बनने वाले मकानों का नक्शा नियत प्राधिकारी कार्यालय से नहीं बन पा रहा है। जानकारों की मानें तो 2031 महायोजना को हरी झंडी मिलने के बाद कृषि क्षेत्र या निचले इलाकों में बने मकानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो सकती है। सिविल कोर्ट के एडवोकेट दिवाकर शुक्ला ने कहा कि महायोजना देवरिया 2031 में विकास का जो खाका खींचा जा रहा है, उसमें बहुत लोगों के मकान-दुकान भी जद में आ रहे हैं। उन्हें उचित मुआवजा और स्थान मिलना चाहिए।
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जिले में से बोर्ड लगाकर जमीन बेचने वाले कई प्राॅपर्टी डीलरों को नियत प्राधिकारी कार्यालय से नोटिस दिया जा चुका है, मगर किसी भी प्राॅपर्टी डीलरों तक नोटिस नहीं पहुंच सका है।
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देवरिया। शहर में बसने का सपना लेकर आने वाले लोगों को अवैध तरीके से प्लाटिंग करने वाले बेहतर सुविधाओं का सब्जबाग दिखाकर जमीन बेच दे रहे हैं।
जमीन बेचने के बाद रफूचक्कर हो जा रहे हैं। इसके बाद मकान का नक्शा बनवाने से लेकर सड़क, नाली, बिजली, पानी के लिए लोगों को तरसना पड़ रहा है। शासन स्तर पर महायोजना को हरी झंडी मिल गई है। ऐसे में अनियोजित तरीके से बसे लोगों में खलबली मच गई है।
कृषि योग्य भूमि पर मकान का निर्माण कराने वालों पर जुर्माना के अलावा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी हो सकती है। बिना नक्शा पास कराए 2800 लोगों को नियत प्राधिकारी कार्यालय से नोटिस भी जारी हो चुका है। एसडीएम कोर्ट में इसकी सुनवाई भी चल रही है।
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शहर से सटे गांवों और कृषि योग्य भूमि पर अवैध तरीके से प्लाटिंग कर जमीन की खरीद-फरोख्त का खेल थमने नाम नहीं ले रहा है।
जमीन लेकर मकान का निर्माण करा लिए लोगों को विकास से जुड़ी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। शहर में इस तरह के कई कॉलोनियां बस चुकी हैं, जहां बिजली, पानी और सड़क का खुद इंतजाम करना पड़ रहा है। वहीं शासन से 2031 की महायोजना को हरी झंडी नहीं मिलने बाद महायोजना 2001 के अनुसार भवनों का नक्शा सिर्फ पास हो रहा है। सीमा विस्तार या महायोजना में शामिल हुए गांव, नगर पालिका क्षेत्र में बनने वाले मकानों का नक्शा नियत प्राधिकारी कार्यालय से नहीं बन पा रहा है। जानकारों की मानें तो 2031 महायोजना को हरी झंडी मिलने के बाद कृषि क्षेत्र या निचले इलाकों में बने मकानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो सकती है। सिविल कोर्ट के एडवोकेट दिवाकर शुक्ला ने कहा कि महायोजना देवरिया 2031 में विकास का जो खाका खींचा जा रहा है, उसमें बहुत लोगों के मकान-दुकान भी जद में आ रहे हैं। उन्हें उचित मुआवजा और स्थान मिलना चाहिए।
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जिले में से बोर्ड लगाकर जमीन बेचने वाले कई प्राॅपर्टी डीलरों को नियत प्राधिकारी कार्यालय से नोटिस दिया जा चुका है, मगर किसी भी प्राॅपर्टी डीलरों तक नोटिस नहीं पहुंच सका है।