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राजस्थान हाईकोर्ट के नए सीजे ने आते ही बदली व्यवस्था: 37 जजों को मिली नई जिम्मेदारी, जानें क्यों हुआ बदलाव
Sun, 27 Sep 2026 09:39 AM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Sun, 27 Sep 2026 09:39 AM IST
सार
राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजय के. अग्रवाल ने 37 न्यायाधीशों को जिलों के लिए नई गार्जियन जज जिम्मेदारियां सौंपी हैं। सेवानिवृत्ति, पदोन्नति और तबादलों के बाद यह नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की गई है। गार्जियन जज अपने अधिकार क्षेत्र में न्यायिक व्यवस्था से जुड़े मामलों में मुख्य न्यायाधीश को सलाह देंगे और जिलों का दौरा भी करेंगे।
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राजस्थान हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजय के. अग्रवाल ने सभी 37 न्यायाधीशों को जिलों के लिए गार्जियन जज की नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। यह बदलाव न्यायाधीशों के सेवानिवृत्त होने, पदोन्नति और तबादलों के बाद किया गया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
नई व्यवस्था में कुछ न्यायाधीशों को एक जिले और कुछ को दो जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। जस्टिस विनीत कुमार माथुर को जोधपुर मेट्रोपॉलिटन और उदयपुर, जस्टिस इंदरजीत सिंह को जयपुर मेट्रोपॉलिटन-1, जस्टिस अरुण मोंगा को भीलवाड़ा और प्रतापगढ़ तथा जस्टिस महेंद्र कुमार गोयल को जयपुर मेट्रोपॉलिटन-2 का गार्जियन जज बनाया गया है।
इसी तरह जस्टिस फर्जंद अली को बीकानेर और डूंगरपुर, जस्टिस रेखा बोराणा को चित्तौड़गढ़ और जैसलमेर, जस्टिस कुलदीप माथुर को पाली और फलोदी, जबकि जस्टिस नूपुर भाटी को हनुमानगढ़ और सलूंबर की जिम्मेदारी मिली है।
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क्या होगी गार्जियन जज की भूमिका?
गार्जियन जज अपने अधिकार क्षेत्र में न्यायिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली और न्यायिक व्यवस्था की दक्षता व ईमानदारी से जुड़े मामलों में मुख्य न्यायाधीश को सलाह देंगे। उन्हें जिलों के दौरे से पहले अपना कार्यक्रम मुख्य न्यायाधीश के संज्ञान में लाना होगा। दौरे का कार्यक्रम इस तरह तय करना होगा कि अदालतों के कामकाज पर न्यूनतम असर पड़े।
ये भी पढ़ें- राजस्थान में एसीबी की कार्रवाई: दो करोड़ की रिश्वत मामले में फंसे एडिशनल एसपी मुकेश सोनी, दलाल ले रहा था कैश
दोनों पीठों और जिला न्यायाधीशों को भेजी गईं आदेश की प्रतियां
आदेश की प्रतियां हाईकोर्ट की दोनों पीठों के प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को भेजी गई हैं। जिला न्यायाधीशों को इसे सभी संबंधित अदालतों और जिला जज स्तर के न्यायाधिकरणों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
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नई व्यवस्था में कुछ न्यायाधीशों को एक जिले और कुछ को दो जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। जस्टिस विनीत कुमार माथुर को जोधपुर मेट्रोपॉलिटन और उदयपुर, जस्टिस इंदरजीत सिंह को जयपुर मेट्रोपॉलिटन-1, जस्टिस अरुण मोंगा को भीलवाड़ा और प्रतापगढ़ तथा जस्टिस महेंद्र कुमार गोयल को जयपुर मेट्रोपॉलिटन-2 का गार्जियन जज बनाया गया है।
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इसी तरह जस्टिस फर्जंद अली को बीकानेर और डूंगरपुर, जस्टिस रेखा बोराणा को चित्तौड़गढ़ और जैसलमेर, जस्टिस कुलदीप माथुर को पाली और फलोदी, जबकि जस्टिस नूपुर भाटी को हनुमानगढ़ और सलूंबर की जिम्मेदारी मिली है।
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क्या होगी गार्जियन जज की भूमिका?
गार्जियन जज अपने अधिकार क्षेत्र में न्यायिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली और न्यायिक व्यवस्था की दक्षता व ईमानदारी से जुड़े मामलों में मुख्य न्यायाधीश को सलाह देंगे। उन्हें जिलों के दौरे से पहले अपना कार्यक्रम मुख्य न्यायाधीश के संज्ञान में लाना होगा। दौरे का कार्यक्रम इस तरह तय करना होगा कि अदालतों के कामकाज पर न्यूनतम असर पड़े।
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दोनों पीठों और जिला न्यायाधीशों को भेजी गईं आदेश की प्रतियां
आदेश की प्रतियां हाईकोर्ट की दोनों पीठों के प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को भेजी गई हैं। जिला न्यायाधीशों को इसे सभी संबंधित अदालतों और जिला जज स्तर के न्यायाधिकरणों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।