फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   deadlock over seat-sharing between SP and Congress is likely to arise in UP Assembly elections

यूपी में सीट बंटवारे पर फंसेगा पेच: कांग्रेस ने चिन्हित की ये 150 सीटें, सपा को ओवैसी-चंद्रशेखर की भी चिंता

Sun, 27 Sep 2026 09:25 AM IST
Sharukh Khan पूनम मेहता, अमर उजाला, नई दिल्ली
पूनम मेहता, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sharukh Khan Updated Sun, 27 Sep 2026 09:25 AM IST
सार

यूपी विधानसभा चुनाव में लेकर कांग्रेस ने सपा से कड़े मोलभाव की जमीन तैयार की है। कांग्रेस ने सपा से गठबंधन के लिए ब्राह्मण, दलित, मुस्लिम प्रभाव वाली 150 सीटें चुनी हैं। कांग्रेस ने सौ सीटों से कम पर नहीं मानने की रणनीति बनाई है।

विज्ञापन
deadlock over seat-sharing between SP and Congress is likely to arise in UP Assembly elections
sp congress alliance - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे पर लंबा पेच फंसेगा। दरअसल, कांग्रेस ने चुनाव लड़ने के लिए ब्राह्मण, दलित और मुस्लिम प्रभाव वाली 150 सीटें चिन्हित की हैं। 
विज्ञापन


सपा पर दबाव बनाने के लिए पार्टी के अपने मुस्लिम चेहरों इमरान प्रतापगढ़ी और इमरान मसूद को सक्रिय किया है। पार्टी नेतृत्व का इरादा इस बार राज्य में कम से कम सौ सीटों पर लड़ने की है।
विज्ञापन


पार्टी सूत्रों के मुताबिक अगले हफ्ते से सपा से सीट बंटवारे के लिए संभावित बातचीत से पहले पूरी तैयारी की गई है। प्रदेश की 403 सीटों को कांग्रेस ने तीन श्रेणियों में विभाजित किया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

इनमें से 150 ऐसी सीटें चुनी हैं जो सपा के वोट बैंक को मिला दें तो पार्टी के अनुकूल हो जाती है। इनमें से ज्यादातर मुस्लिम, ब्राह्मण व दलित प्रभाव वाली सीटें हैं। सूत्रों ने कहा कि प्रारंभिक बातचीत में सपा से 150 सीटें मांगी जाएगी। हालांकि अंतिम लाइन सौ सीटों की है। इससे नीचे का प्रस्ताव पार्टी मंजूर नहीं करेगी।

सपा को कराएगी जरूरत का अहसास
पार्टी के वरिष्ठ नेता ने गठबंधन के संदर्भ में कहा कि सपा को कांग्रेस की ताकत का अंदाजा है। सपा जब 2019 के चुनाव में बसपा के साथ लड़ी थी तब उसे महज पांच सीटें मिली थी। जब हमारे साथ 2024 में लड़ी तो सपा को 37 सीटें मिली। 

 

कांग्रेस 2009 में 21 सीटें जीती थी। जब 2019 में अकेले लड़ी तब भी उसे एक सीट मिली। सपा को पता है कि सामाजिक न्याय की नई राजनीति के बाद राहुल गांधी और पार्टी का प्रभाव मुसलमानों, वंचित वर्गों में बढ़ा है। ब्राह्मणों में भी पुरानी साख लौटने के संकेत हैं। ऐसे में सपा इस चुनाव में कांग्रेस को प्रतीकात्मक साथी के रूप में नहीं ले सकती।

सपा को ओवैसी की भी चिंता
पार्टी सूत्रों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में अगर सपा-कांग्रेस गठबंधन नहीं हुआ तो मुस्लिम-दलित वोटों में बिखराव की संभावना भी बढ़ेगी। ऐसा इसलिए कि इस चुनाव में ओवैसी चंद्रशेखर आजाद समेत कुछ अन्य दलों के साथ गठबंधन करेंगे। 
 

ऐसी स्थिति में सपा-कांग्रेस गठबंधन में मुस्लिम मतों में बिखराव को रोक सकती है। चूंकि सपा को इसका अंदाजा है, इसलिए कांग्रेस को लड़ने के लिए सपा से अधिक सीटें मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed