{"_id":"5b7d8bda42c79246344b2647","slug":"91534954458-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले जमाया विश्वास, फिर लाखों की ठगी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पहले जमाया विश्वास, फिर लाखों की ठगी
Updated Wed, 22 Aug 2018 09:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पहले जमाया विश्वास, फिर लाखों की ठगी
- खामपार गांव की घटना, 10 से अधिक महिलाएं हुई ठगी की शिकार
- पुलिस तक नहीं पहुंचा मामला, ठग महिलाओं को तलाश रहे गांव वाले
अमर उजाला ब्यूरो
भाटपाररानी। एक गांव की दस से अधिक महिलाएं ठगी की शिकार हो गईं। लाखों रुपये के सोने के जेवर जालसाज महिलाएं लेकर चंपत हो गई है। ठगी की जानकारी होने के बाद पीड़ित महिलाएं परेशान हैं। जालसाजों की तलाश गांव वाले कर रहे हैं।
खामपार गांव में चार ठग महिलाएं पहुंची। प्रधानमंत्री की योजना बताते हुए उन्होंने गांव की नागमनी, ऊषा, राबड़ी, ललिता, मंजू, शीला, सुनीता, आरती, सुगंती, सावित्री आदि से पुराने पीतल, एल्युमिनियम के बर्तन ले गई। दो दिन बाद ठग महिलाएं नया बर्तन व उपहार लाकर वापस दे गई। दूसरी बार चांदी का पायल, बिछिया आदि ले गईं और इसके एवज में चांदी का नया गहना लाकर वापस किया। विश्वास जमाने के बाद तीसरी बार जालसाज महिलाएं गांव की महिलाओं का सोने का मंगल सूत्र, चेन, अंगूठी, बाली, कड़ा, चूड़ी यानी लाखों रुपये के जेवर यह कहकर ले गई कि इस पर इस बार कूलर, फ्रीज, टीवी उपहार मिलेगा। एक सप्ताह बाद जब जालसाज महिलाएं नहीं लौटी तो गांव की महिलाओं को ठगी का एहसास हुआ। परिवार के पुरुषों को यह बात बताई। गांव वाले जालसाज महिलाओं का पता लगा रहे हैं। खामपार एसओ श्यामधर सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
- खामपार गांव की घटना, 10 से अधिक महिलाएं हुई ठगी की शिकार
- पुलिस तक नहीं पहुंचा मामला, ठग महिलाओं को तलाश रहे गांव वाले
अमर उजाला ब्यूरो
भाटपाररानी। एक गांव की दस से अधिक महिलाएं ठगी की शिकार हो गईं। लाखों रुपये के सोने के जेवर जालसाज महिलाएं लेकर चंपत हो गई है। ठगी की जानकारी होने के बाद पीड़ित महिलाएं परेशान हैं। जालसाजों की तलाश गांव वाले कर रहे हैं।
खामपार गांव में चार ठग महिलाएं पहुंची। प्रधानमंत्री की योजना बताते हुए उन्होंने गांव की नागमनी, ऊषा, राबड़ी, ललिता, मंजू, शीला, सुनीता, आरती, सुगंती, सावित्री आदि से पुराने पीतल, एल्युमिनियम के बर्तन ले गई। दो दिन बाद ठग महिलाएं नया बर्तन व उपहार लाकर वापस दे गई। दूसरी बार चांदी का पायल, बिछिया आदि ले गईं और इसके एवज में चांदी का नया गहना लाकर वापस किया। विश्वास जमाने के बाद तीसरी बार जालसाज महिलाएं गांव की महिलाओं का सोने का मंगल सूत्र, चेन, अंगूठी, बाली, कड़ा, चूड़ी यानी लाखों रुपये के जेवर यह कहकर ले गई कि इस पर इस बार कूलर, फ्रीज, टीवी उपहार मिलेगा। एक सप्ताह बाद जब जालसाज महिलाएं नहीं लौटी तो गांव की महिलाओं को ठगी का एहसास हुआ। परिवार के पुरुषों को यह बात बताई। गांव वाले जालसाज महिलाओं का पता लगा रहे हैं। खामपार एसओ श्यामधर सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन