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Bareilly News: कहीं सरकारी बदइंतजामी तो कहीं आम लोगों की लापरवाही जान पर भारी

Sat, 29 Aug 2026 12:51 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Sat, 29 Aug 2026 12:51 AM IST
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From government mismanagement to the negligence of the general public, lives are being put at grave risk.
बरेली। बरसात में गड्ढों में भरा पानी अक्सर जानलेवा साबित होता है। कहीं सरकारी बदइंतजामी तो कहीं आम लोगों की लापरवाही जान पर भारी पड़ रही है। आलिया और अयान भी इसी लापरवाही का शिकार हो गए। जिले में भी कभी नाले तो कभी गड्ढे में डूबने से लोगों की मौत के मामले सामने आते रहे हैं। इस साल शहर में सबसे चर्चित मामला सेटेलाइट बस अड्डे के 13 फुट गहरे नाले में हरदोई निवासी तौहीद के डूबने का रहा।
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तौहीद 25 मार्च की रात खुले नाले में गिरा था और 30 घंटे बाद उसका शव निकाला जा सका था। इस रेस्क्यू पर नगर निगम के 12 लाख रुपये खर्च हुए थे। इसी वर्ष आठ जुलाई को आंवला के मोहल्ला खेड़ा निवासी नंदराम प्रजापति का सात साल का बेटा दिव्यांश खेलते समय खुले हुए गहरे नाले में गिर गया। दिव्यांश का शव तीसरे दिन 300 मीटर दूर झाड़ियों में मिला था।
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मीरगंज थाना क्षेत्र के गांव जौनेरा निवासी आलम के चार साल के बेटे अलीम की गड्ढे में डूबने से मौत हो गई थी। इसी गांव में दो साल पहले आंगनबाड़ी केंद्र के पास गड्ढे में डूबने से दो बच्चों की जान चली गई थी। 13 जुलाई 2024 को फरीदपुर के गांव पचौमी में मुकेश के आठ साल के बेटे धीरज की तालाब में डूबने से मौत हो गई थी। 21 अक्तूबर 2025 को फरीदपुर के मोहल्ला परा निवासी विक्की की तालाब में डूबने से मौत हो चुकी है।
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बच्चों की मौत से टूटे माता-पिता
बच्चों के मौसा शेरी आरिफ ने बताया कि सात साल पहले लियाकत के पांच दिन के बच्चे की मौत हो गई थी। उसके बाद हुए दोनों बच्चों को वह बहुत लाड़-प्यार से पाल रहे थे। आलिया एक निजी स्कूल में कक्षा तीन की छात्रा थी और अयान कक्षा एक में पढ़ता था। दोनों की मौत से परिवार सहित पूरे गांव में मातम पसरा है। शुक्रवार सुबह दोनों बच्चों के शव गांव लाए गए तो सैकड़ों ग्रामीण जुट गए। रजिया और लियाकत रो-रोकर बेहाल हैं।
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