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कुवैत में गढ़वा खास के युवक की मौत
Updated Mon, 02 Apr 2018 11:35 PM IST
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साोहराब फाइल फाोटाो
- फोटो : अमर उजाला
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लार। कुुवैत में सड़क हादसे में गढ़वा खास गांव के युवक की मौत हो गई। रविवार देर रात को इसकी जानकारी घरवालों को मिली। युवक की मौत से गमजदा घरवालों की आंखें शव के इंतजार में पथरा रही हैं। वहीं गांव में मातम छाया है।
थानाक्षेत्र के गढ़वा खास गांव निवासी शमसुल आलम उर्फ सोहराब के घर की माली हालत ठीक नहीं थी। पिता की मौत के बाद आर्थिक तंगी से पूरा परिवार जूझ रहा था। 25 फरवरी-2018 को कुवैत में किसी कंपनी में क्रेन ऑपरेटर का काम करने के लिए घर से गया था। रविवार की शाम काम निपटाने के बाद बस से आवास के लिए साथियों के साथ निकला। रास्ते में दो बसों के बीच टक्कर में उसकी मौत हो गई। इसके अलावा बस में सवार अन्य साथियों की भी मौत हो गई। शाम को कंपनी के एक वर्कर ने घरवालों के मोबाइल पर फोन कर दुर्घटना में सोहराब की मौत की सूचना दी। इसकी खबर मिलते ही घरवालों में चीख-पुकार मच गई और गांववालों की भीड़ दरवाजे पर जुट गई। कुवैत में आसपास के गांवों के काम करने वाले युवक भी दुर्घटना स्थल पर पहुंच गए और वहां की एक-एक पल की खबर गांववालों को देने लगे। ग्राम प्रधान रूबीना खातून ने बताया कि दुर्घटना में कुवैत में युवक की मौत हुई है। शव के इंतजार में परिवार के लोग हैं।
घर का दुलारा था सोहराब
शमसुल आलम उर्फ सोहराब दो भाइयों और एक बहन में छोटा था। परिवार की जिम्मेदारी भी उसी के कंधे पर थी। बड़ा भाई सहनवाज भिलाई में क्रेन चलाता है। बहन तब्बसुम की शादी हो चुकी है। सोहराब की शादी कुवैत से वापस आने के बाद होनी थी। घर में छोटा होने के कारण सब का दुलारा था। घरवालों ने रिश्ते की बात भी कर ली थी। लेकिन ईश्वर को शायद कुछ और ही मंजूर था। बेटे की मौत की खबर सुनने के बाद मां सरवरी बदहवाश हो गई हैं।
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थानाक्षेत्र के गढ़वा खास गांव निवासी शमसुल आलम उर्फ सोहराब के घर की माली हालत ठीक नहीं थी। पिता की मौत के बाद आर्थिक तंगी से पूरा परिवार जूझ रहा था। 25 फरवरी-2018 को कुवैत में किसी कंपनी में क्रेन ऑपरेटर का काम करने के लिए घर से गया था। रविवार की शाम काम निपटाने के बाद बस से आवास के लिए साथियों के साथ निकला। रास्ते में दो बसों के बीच टक्कर में उसकी मौत हो गई। इसके अलावा बस में सवार अन्य साथियों की भी मौत हो गई। शाम को कंपनी के एक वर्कर ने घरवालों के मोबाइल पर फोन कर दुर्घटना में सोहराब की मौत की सूचना दी। इसकी खबर मिलते ही घरवालों में चीख-पुकार मच गई और गांववालों की भीड़ दरवाजे पर जुट गई। कुवैत में आसपास के गांवों के काम करने वाले युवक भी दुर्घटना स्थल पर पहुंच गए और वहां की एक-एक पल की खबर गांववालों को देने लगे। ग्राम प्रधान रूबीना खातून ने बताया कि दुर्घटना में कुवैत में युवक की मौत हुई है। शव के इंतजार में परिवार के लोग हैं।
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घर का दुलारा था सोहराब
शमसुल आलम उर्फ सोहराब दो भाइयों और एक बहन में छोटा था। परिवार की जिम्मेदारी भी उसी के कंधे पर थी। बड़ा भाई सहनवाज भिलाई में क्रेन चलाता है। बहन तब्बसुम की शादी हो चुकी है। सोहराब की शादी कुवैत से वापस आने के बाद होनी थी। घर में छोटा होने के कारण सब का दुलारा था। घरवालों ने रिश्ते की बात भी कर ली थी। लेकिन ईश्वर को शायद कुछ और ही मंजूर था। बेटे की मौत की खबर सुनने के बाद मां सरवरी बदहवाश हो गई हैं।
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