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खेत में पशु जाने से मना करने पर किसान की लाठी-डंडे से पीट कर हत्या
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मोतीलाल राजभर की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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पैकौली (देवरिया)। भलुअनी थानाक्षेत्र के पैकौली गांव के नगउर टोले पर शनिवार की सुबह खेत में पशु जाने से मना करने पर एक किसान की लाठी-डंडे से पीटकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद हमलावर भाग गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना के बारे में जानकारी ली और आरोपियों की तलाश कर रही है।
पैकौली गांव के नगउर टोला निवासी मोतीलाल राजभर (58) अपने खेत में गन्ना बोए हैं। खेत में उन्होंने पानी चलाया था। सदर कोतवाली के बैदा गांव के एक शख्स की बेटी भैंस चराने गई थी। भैंस मोतीलाल के खेत में घुस गई। मोतीलाल ने लड़की और भैंस को डंडा मार दिया। लड़की ने घर पहुंचकर परिवारवालों को जानकारी दी। गुस्से में परिवार के लोग लाठी-डंडा लेकर पहुंचे और मोतीलाल पर हमला बोल दिया। मनबढ़ों की पिटाई से मोतीलाल गंभीर रूप से घायल हो गए। गांव के लोग पहुंचे तो हमलावर भाग गए। गांववालों ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां गंभीर स्थिति देखकर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। रास्ते में मोतीलाल ने दम तोड़ दिया। इसके बाद उन्हें वापस देवरिया लाया गया। जिला अस्पताल प्रशासन की सूचना पर सदर कोतवाली पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। भलुअनी एसओ अश्वनी तिवारी ने बताया कि हलका इंचार्ज घटनास्थल पर गए थे। आरोपियों के गांव में भी पुलिस पहुंची थी। मोतीलाल के बेटे से बात हुई है। अभी तहरीर नहीं मिली है। केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
बेटी के शादी की हसरत रह गई अधूरी
पैकौली। किसान मोतीलाल राजभर चौथी बेटी पूनम का विवाह नहीं कर पाए। शादी की तिथि तय कर उन्होंने सारी तैयारियां पूरी कर ली थी, लेकिन नियति को मंजूर नहीं था। गांव के लोग गम और गुस्से में हैं। पैकौली गांव के नगउर टोला निवासी किसान मोतीलाल चार बेटियां गुड़िया, आशा, सुनीता, पूनम और तीन बेटे शिवशंकर, नवनाथ और पवन हैं। बेटी पूनम और बेटे पवन की शादी बाकी रह गई थी। मोतीलाल ने बेटी पूनम की शादी तय कर दी थी। 19 जून को बरात आने वाली थी। परिवार के लोग शादी की तैयारी में जुटे थे। सारा सामान खरीदकर रख लिया गया था। मोतीलाल ने सोचा था कि अब वह बेटियों की शादी से निवृत्त हो जाएगा। एक बेटा बचा है तो धूमधाम से शादी कर देंगे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। सदर कोतवाली के बैदा गांव शीतलपुरी टोले के कुछ लोगों के मवेशी हमेशा उनके खेत में नुकसान पहुंचाते रहते थे। इसको लेकर छह महीने से मनमुटाव चल रहा था। शनिवार की सुबह लाठी-डंडे से पीटकर मोतीलाल की हत्या कर दी गई। खुशियों वाले घर में मातम छा गया। मोतीलाल की पत्नी विमशी देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। बड़ी बेटी आशा रह-रहकर बेहोश हो जा रही थी।
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पैकौली गांव के नगउर टोला निवासी मोतीलाल राजभर (58) अपने खेत में गन्ना बोए हैं। खेत में उन्होंने पानी चलाया था। सदर कोतवाली के बैदा गांव के एक शख्स की बेटी भैंस चराने गई थी। भैंस मोतीलाल के खेत में घुस गई। मोतीलाल ने लड़की और भैंस को डंडा मार दिया। लड़की ने घर पहुंचकर परिवारवालों को जानकारी दी। गुस्से में परिवार के लोग लाठी-डंडा लेकर पहुंचे और मोतीलाल पर हमला बोल दिया। मनबढ़ों की पिटाई से मोतीलाल गंभीर रूप से घायल हो गए। गांव के लोग पहुंचे तो हमलावर भाग गए। गांववालों ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां गंभीर स्थिति देखकर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। रास्ते में मोतीलाल ने दम तोड़ दिया। इसके बाद उन्हें वापस देवरिया लाया गया। जिला अस्पताल प्रशासन की सूचना पर सदर कोतवाली पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। भलुअनी एसओ अश्वनी तिवारी ने बताया कि हलका इंचार्ज घटनास्थल पर गए थे। आरोपियों के गांव में भी पुलिस पहुंची थी। मोतीलाल के बेटे से बात हुई है। अभी तहरीर नहीं मिली है। केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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बेटी के शादी की हसरत रह गई अधूरी
पैकौली। किसान मोतीलाल राजभर चौथी बेटी पूनम का विवाह नहीं कर पाए। शादी की तिथि तय कर उन्होंने सारी तैयारियां पूरी कर ली थी, लेकिन नियति को मंजूर नहीं था। गांव के लोग गम और गुस्से में हैं। पैकौली गांव के नगउर टोला निवासी किसान मोतीलाल चार बेटियां गुड़िया, आशा, सुनीता, पूनम और तीन बेटे शिवशंकर, नवनाथ और पवन हैं। बेटी पूनम और बेटे पवन की शादी बाकी रह गई थी। मोतीलाल ने बेटी पूनम की शादी तय कर दी थी। 19 जून को बरात आने वाली थी। परिवार के लोग शादी की तैयारी में जुटे थे। सारा सामान खरीदकर रख लिया गया था। मोतीलाल ने सोचा था कि अब वह बेटियों की शादी से निवृत्त हो जाएगा। एक बेटा बचा है तो धूमधाम से शादी कर देंगे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। सदर कोतवाली के बैदा गांव शीतलपुरी टोले के कुछ लोगों के मवेशी हमेशा उनके खेत में नुकसान पहुंचाते रहते थे। इसको लेकर छह महीने से मनमुटाव चल रहा था। शनिवार की सुबह लाठी-डंडे से पीटकर मोतीलाल की हत्या कर दी गई। खुशियों वाले घर में मातम छा गया। मोतीलाल की पत्नी विमशी देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। बड़ी बेटी आशा रह-रहकर बेहोश हो जा रही थी।
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