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Lucknow News: मिर्च पाउडर झोंका, नशीला पदार्थ सुंघाया, फिर मारीं दो गोलियां
Mon, 31 Aug 2026 02:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 31 Aug 2026 02:21 AM IST
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महाराणा प्रताप चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह पत्नी ममता के साथ। (फाइल फोटो)
लखनऊ। महाराणा प्रताप चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह (45) की अपहरण के बाद हत्या के मामले में पुलिस की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोपियों ने चलती एसयूवी (फॉर्च्यूनर) में पहले उनकी आंख में मिर्च पाउडर डाला और रुमाल में नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश किया। इसके बाद उन्हें दो गोलियां मारी गईं। शव सुनसान स्थान पर फेंककर आरोपी उनकी एसयूवी मेदांता अस्पताल के पास छोड़कर भाग गए।
एडीसीपी दक्षिण रल्लापल्ली वसंथ कुमार के मुताबिक, अब तक चार आरोपियों के नाम सामने आए हैं। चालक रवि कुमार तिवारी और उसके एक साथी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अन्य की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। रवि छह वर्ष से धीरेंद्र के यहां काम कर रहा था। साजिशकर्ताओं ने उसे सुपारी में मिलने वाली रकम का लालच देकर साथ मिला लिया। हालांकि, सुपारी की रकम स्पष्ट नहीं है।
उतरेठिया में मारी गईं गोलियां
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, धीरेंद्र को नशीला पदार्थ सुंघाने के बाद उतरेठिया क्षेत्र में सुनसान स्थान पर गोली मारी गई। पुलिस पूरे रूट के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
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गनर को ड्यूटी पर आने से रोका
धीरेंद्र को उन्नाव पुलिस की ओर से दो गनर मिले थे। इनमें से एक शनिवार को बीमारी के कारण नहीं आया था। आरोप है कि चालक ने दूसरे गनर को भी ड्यूटी पर न आने से मना कर दिया था। पुलिस दोनों गनरों से पूछताछ करेगी।
एक फोन ट्रेन में रख किया गुमराह
धीरेंद्र के पास चार मोबाइल फोन थे। आरोपियों ने एक फोन ट्रेन में रख दिया, जिससे उसकी लोकेशन गोसाईंगंज, हैदरगढ़ बाद में चंदौली में मिली। दो फोन घटना के बाद बंद कर दिए गए, जबकि एक का पता नहीं चला। रवि ने हत्या के बाद धीरेंद्र के फोन से खुद को मेसेज भेजा कि वह कुछ काम से जा रहे हैं और उनकी जगह व वजह किसी को न बताई जाए। धीरेंद्र की पत्नी ममता का रविवार को ऑपरेशन होना था। दोनों की शादी 2020 में हुई थी और उनकी कोई संतान नहीं है।
पूर्व विधायक सेंगर का करीबी बताया जाता था
धीरेंद्र को उन्नाव की बांगरमऊ सीट के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का करीबी बताया जाता था। उनके भाई अतुल के जेल में रहने के दौरान धीरेंद्र के उनसे मिलने और मुकदमों की पैरवी करने की बात सामने आई है। सोशल मीडिया पर धीरेंद्र की भाजपा के कई बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें भी वायरल हुईं।
अफवाह फैली
उधर, उनके हमनाम हिंदू युवा वाहिनी नेता की हत्या की अफवाह सोशल मीडिया पर फैल गई। फोन आने के बाद उन्होंने वीडियो जारी कर खुद के सकुशल होने की जानकारी दी।
जमीन पर कब्जे का खेल उजागर करने में जुटे थे धीरेंद्र
गोसाईंगंज। उन्नाव के बांगरमऊ तहसील क्षेत्र में ग्राम समाज और तालाब की जमीन पर कब्जे व फर्जी रजिस्ट्री की शिकायत धीरेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री से की थी। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। आशंका है कि इसी शिकायत को लेकर उनकी हत्या की गई। शिकायती पत्र के मुताबिक, बांगरमऊ नगर पालिका क्षेत्र की गाटा संख्या 488ज और 488झ की करीब आठ बीघा जमीन राजस्व अभिलेखों में तालाब के नाम दर्ज है। आरोप है कि कब्जा कर इस पर प्लाॅटिंग की जा रही है। बिना धारा 80 की कार्रवाई और जिला पंचायत से नक्शा पास कराए रजिस्ट्री करने का भी आरोप है। तालाब पाटकर जेसीबी से रास्ता बनाने की शिकायत भी की गई थी।
पुलिस क्षेत्राधिकारी के आवास की जमीन पर कब्जे का आरोप
धीरेंद्र ने गाटा संख्या 487 की जमीन पर भी कब्जे का आरोप लगाया था। वर्ष 2018 में यहां पुलिस क्षेत्राधिकारी के आवास का प्रस्ताव हुआ था। उन्होंने लंबे समय से तैनात एक लेखपाल की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उसे हटाने की मांग की थी। धीरेंद्र ने 13 नवंबर 2024 को एसडीएम और 16 नवंबर को डीएम से शिकायत की थी। कार्रवाई न होने पर मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मंडलायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर निष्पक्ष जांच, जमीन की पैमाइश और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी।
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एडीसीपी दक्षिण रल्लापल्ली वसंथ कुमार के मुताबिक, अब तक चार आरोपियों के नाम सामने आए हैं। चालक रवि कुमार तिवारी और उसके एक साथी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अन्य की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। रवि छह वर्ष से धीरेंद्र के यहां काम कर रहा था। साजिशकर्ताओं ने उसे सुपारी में मिलने वाली रकम का लालच देकर साथ मिला लिया। हालांकि, सुपारी की रकम स्पष्ट नहीं है।
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उतरेठिया में मारी गईं गोलियां
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, धीरेंद्र को नशीला पदार्थ सुंघाने के बाद उतरेठिया क्षेत्र में सुनसान स्थान पर गोली मारी गई। पुलिस पूरे रूट के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
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गनर को ड्यूटी पर आने से रोका
धीरेंद्र को उन्नाव पुलिस की ओर से दो गनर मिले थे। इनमें से एक शनिवार को बीमारी के कारण नहीं आया था। आरोप है कि चालक ने दूसरे गनर को भी ड्यूटी पर न आने से मना कर दिया था। पुलिस दोनों गनरों से पूछताछ करेगी।
एक फोन ट्रेन में रख किया गुमराह
धीरेंद्र के पास चार मोबाइल फोन थे। आरोपियों ने एक फोन ट्रेन में रख दिया, जिससे उसकी लोकेशन गोसाईंगंज, हैदरगढ़ बाद में चंदौली में मिली। दो फोन घटना के बाद बंद कर दिए गए, जबकि एक का पता नहीं चला। रवि ने हत्या के बाद धीरेंद्र के फोन से खुद को मेसेज भेजा कि वह कुछ काम से जा रहे हैं और उनकी जगह व वजह किसी को न बताई जाए। धीरेंद्र की पत्नी ममता का रविवार को ऑपरेशन होना था। दोनों की शादी 2020 में हुई थी और उनकी कोई संतान नहीं है।
पूर्व विधायक सेंगर का करीबी बताया जाता था
धीरेंद्र को उन्नाव की बांगरमऊ सीट के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का करीबी बताया जाता था। उनके भाई अतुल के जेल में रहने के दौरान धीरेंद्र के उनसे मिलने और मुकदमों की पैरवी करने की बात सामने आई है। सोशल मीडिया पर धीरेंद्र की भाजपा के कई बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें भी वायरल हुईं।
अफवाह फैली
उधर, उनके हमनाम हिंदू युवा वाहिनी नेता की हत्या की अफवाह सोशल मीडिया पर फैल गई। फोन आने के बाद उन्होंने वीडियो जारी कर खुद के सकुशल होने की जानकारी दी।
जमीन पर कब्जे का खेल उजागर करने में जुटे थे धीरेंद्र
गोसाईंगंज। उन्नाव के बांगरमऊ तहसील क्षेत्र में ग्राम समाज और तालाब की जमीन पर कब्जे व फर्जी रजिस्ट्री की शिकायत धीरेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री से की थी। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। आशंका है कि इसी शिकायत को लेकर उनकी हत्या की गई। शिकायती पत्र के मुताबिक, बांगरमऊ नगर पालिका क्षेत्र की गाटा संख्या 488ज और 488झ की करीब आठ बीघा जमीन राजस्व अभिलेखों में तालाब के नाम दर्ज है। आरोप है कि कब्जा कर इस पर प्लाॅटिंग की जा रही है। बिना धारा 80 की कार्रवाई और जिला पंचायत से नक्शा पास कराए रजिस्ट्री करने का भी आरोप है। तालाब पाटकर जेसीबी से रास्ता बनाने की शिकायत भी की गई थी।
पुलिस क्षेत्राधिकारी के आवास की जमीन पर कब्जे का आरोप
धीरेंद्र ने गाटा संख्या 487 की जमीन पर भी कब्जे का आरोप लगाया था। वर्ष 2018 में यहां पुलिस क्षेत्राधिकारी के आवास का प्रस्ताव हुआ था। उन्होंने लंबे समय से तैनात एक लेखपाल की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उसे हटाने की मांग की थी। धीरेंद्र ने 13 नवंबर 2024 को एसडीएम और 16 नवंबर को डीएम से शिकायत की थी। कार्रवाई न होने पर मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मंडलायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर निष्पक्ष जांच, जमीन की पैमाइश और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी।

महाराणा प्रताप चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह पत्नी ममता के साथ। (फाइल फोटो)

महाराणा प्रताप चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह पत्नी ममता के साथ। (फाइल फोटो)