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Deoria News: विधि प्रथम वर्ष में नामांकन के लिए आ सकती है टकराव की स्थिति
Sun, 25 May 2025 12:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 25 May 2025 12:22 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। संत विनोबा पीजी कॉलेज में विधि प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए पुनः टकराव की स्थिति बन सकती है। प्राचार्य ने विश्वविद्यालय से प्रवेश परीक्षा कराने के लिए पत्र लिखकर अनुरोध किया है।
इधर, प्राचार्य और कुछ शिक्षकों के बीच परीक्षा ड्यूटी में लापरवाही करने के मुद्दे पर तनातनी चल रही है। इससे कॉलेज के शैक्षणिक माहौल पर असर पड़ रहा है।
पिछले साल यहां विधि प्रथम वर्ष में प्रवेश को लेकर कुछ पूर्व छात्र नेताओं को मोहरा बनाकर अपने चहेतों का नामांकन कराने के लिए प्राचार्य पर कई स्तर से दबाव बनाया गया था।
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हालांकि, प्राचार्य के सख्त रुख अपनाने के बाद मनमाने ढंग से होने वाले प्रवेश पर रोक लगा था। इसे लेकर कुछ दिनों तक कॉलेज का माहौल गर्म रहा था। तभी से प्राचार्य व प्रबंधन में टशन की स्थिति बनी हुई है।
इस वर्ष ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए प्राचार्य की ओर से पहले ही कुलपति को पत्र देकर यहां गोरखपुर विश्वविद्यालय की ओर से प्रवेश परीक्षा कराने की मांग की गई है।
विभाग के शिक्षक भी यहीं चाहते हैं कि पिछले वर्ष के अनुभव को देखते हुए प्रवेश परीक्षा के माध्यम से ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाए।
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देवरिया। संत विनोबा पीजी कॉलेज में विधि प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए पुनः टकराव की स्थिति बन सकती है। प्राचार्य ने विश्वविद्यालय से प्रवेश परीक्षा कराने के लिए पत्र लिखकर अनुरोध किया है।
इधर, प्राचार्य और कुछ शिक्षकों के बीच परीक्षा ड्यूटी में लापरवाही करने के मुद्दे पर तनातनी चल रही है। इससे कॉलेज के शैक्षणिक माहौल पर असर पड़ रहा है।
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पिछले साल यहां विधि प्रथम वर्ष में प्रवेश को लेकर कुछ पूर्व छात्र नेताओं को मोहरा बनाकर अपने चहेतों का नामांकन कराने के लिए प्राचार्य पर कई स्तर से दबाव बनाया गया था।
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हालांकि, प्राचार्य के सख्त रुख अपनाने के बाद मनमाने ढंग से होने वाले प्रवेश पर रोक लगा था। इसे लेकर कुछ दिनों तक कॉलेज का माहौल गर्म रहा था। तभी से प्राचार्य व प्रबंधन में टशन की स्थिति बनी हुई है।
इस वर्ष ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए प्राचार्य की ओर से पहले ही कुलपति को पत्र देकर यहां गोरखपुर विश्वविद्यालय की ओर से प्रवेश परीक्षा कराने की मांग की गई है।
विभाग के शिक्षक भी यहीं चाहते हैं कि पिछले वर्ष के अनुभव को देखते हुए प्रवेश परीक्षा के माध्यम से ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाए।