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दिव्यांग पेंशन और नौकरियों में आरक्षण की मांग
Updated Wed, 12 Sep 2018 11:04 PM IST
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राष्ट्रीय विकलांग एकता मंच के लोगो ने अपनी मांगो को लेकर सिविल लाइंस रोड पर प्रदर्शन कर विरोध जताया।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। दिव्यांग पेंशन और सरकारी नौकरियों में आरक्षण में वृद्धि सहित सात सूत्री मांगों को लेकर राष्ट्रीय दिव्यांग एकता मंच के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को शहर में जुलूस निकाला। विकास भवन से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च करते हुए दिव्यांगजनों ने मांगों के समर्थन में नारे लगाए। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपते हुए समाधान की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल दिव्यांगजनों का कहना था कि राष्ट्रीय दिव्यांग एकता मंच के राज्य सम्मेलन में कई मांगों पर चर्चा हुई थी। संबंधित अधिकारियों ने इसे पूरा करने का आश्वासन भी दिया था, मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। राष्ट्रीय दिव्यांग जन अधिनियम-2016 को यूपी में लागू न किए जाने से दिव्यांगजन सम्मान पूर्वक जीवन यापन नहीं कर पा रहे हैं। दिव्यांग पेंशन देने में भी उदासीनता बरती जा रही है। छत्तीसगढ़ में दो हजार तो दिल्ली में ढाई हजार रुपये पेंशन दी जा रही है, जबकि यूपी में पेंशन राशि महज 500 रुपये है। पुलिस, सेना सहित अन्य विभागों में चार प्रतिशत का आरक्षण अपर्याप्त है। इसे 10 प्रतिशत करने की जरूरत है। ग्राम सभा, नगर पंचायत, जिला पंचायत और विधानसभा चुनावों में भी आरक्षण की मांग की गई। दिव्यांगजनों ने अलग पूर्वांचल राज्य के गठन पर भी जोर दिया। जुलूस प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, जिलाध्यक्ष अजय, गिरीश गिरी, रामाश्रय, धर्मेंद्र चौरसिया, अंकित, सुग्रीव प्रसाद, रुबी, प्रभात कुमार, नंदलाल यादव, अवध किशोर, सिंपी, रमेश प्रजापति आदि मौजूद रहे।
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प्रदर्शन में शामिल दिव्यांगजनों का कहना था कि राष्ट्रीय दिव्यांग एकता मंच के राज्य सम्मेलन में कई मांगों पर चर्चा हुई थी। संबंधित अधिकारियों ने इसे पूरा करने का आश्वासन भी दिया था, मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। राष्ट्रीय दिव्यांग जन अधिनियम-2016 को यूपी में लागू न किए जाने से दिव्यांगजन सम्मान पूर्वक जीवन यापन नहीं कर पा रहे हैं। दिव्यांग पेंशन देने में भी उदासीनता बरती जा रही है। छत्तीसगढ़ में दो हजार तो दिल्ली में ढाई हजार रुपये पेंशन दी जा रही है, जबकि यूपी में पेंशन राशि महज 500 रुपये है। पुलिस, सेना सहित अन्य विभागों में चार प्रतिशत का आरक्षण अपर्याप्त है। इसे 10 प्रतिशत करने की जरूरत है। ग्राम सभा, नगर पंचायत, जिला पंचायत और विधानसभा चुनावों में भी आरक्षण की मांग की गई। दिव्यांगजनों ने अलग पूर्वांचल राज्य के गठन पर भी जोर दिया। जुलूस प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, जिलाध्यक्ष अजय, गिरीश गिरी, रामाश्रय, धर्मेंद्र चौरसिया, अंकित, सुग्रीव प्रसाद, रुबी, प्रभात कुमार, नंदलाल यादव, अवध किशोर, सिंपी, रमेश प्रजापति आदि मौजूद रहे।
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