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नेपाल बाढ़: 10 दिन बाद त्रिशूली-3ए सुरंग से जिंदा बचाए गए दो मजदूर, मौत के सैलाब के बीच मिली जिंदगी की उम्मीद
Fri, 04 Sep 2026 11:15 AM IST
पवन पांडेय
पीटीआई, काठमांडू
पीटीआई, काठमांडू
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 04 Sep 2026 11:15 AM IST
सार
नेपाल में 26 अगस्त की विनाशकारी बाढ़ के 10 दिन बाद त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग से दो मजदूरों को जिंदा बचाया गया। दोनों मजदूर त्रासदी वाले दिन सुरंग में फंस गए थे। वहीं, नेपाल में बाढ़ से अब तक 1,282 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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नेपाल में बाढ़ से त्रासदी के बाद चमत्कार
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
नेपाल में 10 दिन पहले आई भीषण बाढ़ और तबाही के बीच दो मजदूरों को सुरंग से जिंदा बाहर निकाल लिया गया है। दोनों मजदूर त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना की एक सुरंग में फंसे हुए थे। 10 दिन तक अंधेरे और मुश्किल हालात में जिंदगी की जंग लड़ने के बाद शुक्रवार को उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। बचाए गए मजदूरों की पहचान 45 वर्षीय कबीर महारजन और 30 वर्षीय संजय साह के रूप में हुई है। महारजन परियोजना में मैकेनिकल सुपरवाइजर और साह फोरमैन के तौर पर काम कर रहे थे।
यह भी पढ़ें- क्या नेपाल ने भारत से मांगा था बाढ़ का मुआवजा?: विदेश मंत्री शिशिर ने साफ किया रुख, किस मुद्दे पर मांगा साथ?
त्रासदी के बाद से चल रही थी तलाश
नेपाल सेना के नेतृत्व में सुरक्षा बलों की टीम लगातार सुरंग में दोनों की तलाश कर रही थी। बचाव अभियान में विशेष उपकरणों की मदद ली गई। अभियान के दौरान जब बचावकर्मियों को सुरंग के भीतर से आवाजें सुनाई दीं, तो उनकी उम्मीद जगी। टीम ने अंदर फंसे लोगों से संपर्क स्थापित किया और इसके बाद उन्हें बाहर निकालने के प्रयास तेज कर दिए गए।
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दरअसल, 26 अगस्त को रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद पानी सुरंग में भर गया था और उसका रास्ता बंद हो गया था। शुक्रवार को बचावकर्मियों ने सुरंग के अंदर से एक से अधिक लोगों की आवाजें सुनीं। इसके बाद उन्होंने अंदर मौजूद लोगों से कहा, 'घबराइए मत, हम आपको बचा रहे हैं।' अंदर से जवाब भी मिला था। नेपाल सेना और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें सुरंग में प्रवेश कर राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। सुरंग के अंदर लोगों से संपर्क होना बचाव अभियान के लिए बड़ी और उत्साहजनक सफलता मानी जा रही है।
यह भी पढ़ें- नेपाल त्रासदी:चीन को सुपर डैम प्रोजेक्ट को रीडिजाइन करने की सलाह, ड्रैगन को अपनों ने ही आईना दिखाया
नेपाल बाढ़ में अब तक 1290 लोगों की मौत
यह बचाव ऐसे समय हुआ है, जब नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक 1,290 लोगों की मौत हो चुकी है। सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं। बाढ़ की शुरुआत नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हुए बर्फ और चट्टानों के बड़े मलबे के खिसकने से हुई थी। इसके बाद उत्तरी और मध्य नेपाल के कई शहर और गांव बुरी तरह प्रभावित हुए। ऐसे भयावह हालात के बीच 10 दिन बाद दो मजदूरों का जिंदा मिलना राहत और उम्मीद की एक बड़ी खबर बनकर सामने आया है।
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त्रासदी के बाद से चल रही थी तलाश
नेपाल सेना के नेतृत्व में सुरक्षा बलों की टीम लगातार सुरंग में दोनों की तलाश कर रही थी। बचाव अभियान में विशेष उपकरणों की मदद ली गई। अभियान के दौरान जब बचावकर्मियों को सुरंग के भीतर से आवाजें सुनाई दीं, तो उनकी उम्मीद जगी। टीम ने अंदर फंसे लोगों से संपर्क स्थापित किया और इसके बाद उन्हें बाहर निकालने के प्रयास तेज कर दिए गए।
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दरअसल, 26 अगस्त को रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद पानी सुरंग में भर गया था और उसका रास्ता बंद हो गया था। शुक्रवार को बचावकर्मियों ने सुरंग के अंदर से एक से अधिक लोगों की आवाजें सुनीं। इसके बाद उन्होंने अंदर मौजूद लोगों से कहा, 'घबराइए मत, हम आपको बचा रहे हैं।' अंदर से जवाब भी मिला था। नेपाल सेना और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें सुरंग में प्रवेश कर राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। सुरंग के अंदर लोगों से संपर्क होना बचाव अभियान के लिए बड़ी और उत्साहजनक सफलता मानी जा रही है।
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नेपाल बाढ़ में अब तक 1290 लोगों की मौत
यह बचाव ऐसे समय हुआ है, जब नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक 1,290 लोगों की मौत हो चुकी है। सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं। बाढ़ की शुरुआत नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हुए बर्फ और चट्टानों के बड़े मलबे के खिसकने से हुई थी। इसके बाद उत्तरी और मध्य नेपाल के कई शहर और गांव बुरी तरह प्रभावित हुए। ऐसे भयावह हालात के बीच 10 दिन बाद दो मजदूरों का जिंदा मिलना राहत और उम्मीद की एक बड़ी खबर बनकर सामने आया है।