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शोभा की बहादुरी से बच गईं कई जिंदगियां
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट
Updated Sat, 08 Oct 2016 12:31 AM IST
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जिला अस्पताल में घटना की जानकारी देती शोभादेवी।
- फोटो : amarujala
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कन्या भोज के लिए जा रही बालिकाओं से भरी ट्रैक्टर ट्राली के नाले में गिरते ही चीख-पुकार मच गई। इन बालिकाओं में शोभा देवी भी शामिल थी। जिसने गजब की बहादुरी दिखाते हुए न सिर्फ नाले के पानी से दो बच्चियों को निकाला, बल्कि खुद बाहर निकलकर मददगारों को बुला लिया। जिनकी मदद से कई बच्चियों को बाहर निकाला गया। ग्रामीणों की माने तो अगर 10-15 मिनट की देरी हो जाती तो हादसा और बढ़ा हो सकता था।
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पहाड़ी के भरकोर्रा गांव निवासी चुन्नू की बड़ी बहू गुड्डन की पुत्री कई माह से बीमार थी। नवरात्र में उसकी मां ने कन्या भोज की मनौती मानी थी। नवरात्र की षष्टमी को गांव से लगभग 40 किमी दूर स्थित कौबरा के देवी मंदिर में भोज का आयोजन तय किया गया था। बडे़ उत्साह व श्रद्धा के साथ चुन्नू के पूरे परिवार ने गांव की कन्याओं को मंदिर तक ले जाने के लिए किराए पर ट्रैक्टर भी किया। गांव के धर्मराज मिश्रा का ट्रैक्टर लेकर चालक झल्ला जा रहा था। नाले के पास बडे़-बड़े पत्थर होने और रास्ता संकरा होने पर ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया।
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इस दौरान चालक भी नाले मेें गिरा लेकिन वह किसी तरह निकलकर भाग गया। लेकिन ट्राली में सवार शोभा ने हिम्मत नहीं हारी। खुद को बचाकर उसने दो मासूम को भी पानी से निकाला। फिर सबको बचाने में ग्रामीणों की मदद की। जानकारी होने पर 108 एंबुलेंस और रैपुरा थाना पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और सभी को अस्पताल ले आई।
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गांव में पसरा सन्नाटा
चित्रकूट। पूरे गांव मेें पांच दिनों से नवरात्र की धूम के कारण रोशनी से सजावट की गई है। शुक्रवार को इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया है। मृतकों के घर सांत्वना देने वालों की कतार लगी है। कई घरों में तो चूल्हा भी नहीं जला।
हंसते खेलते ट्रैक्टर पर हुई थीं सवार
चित्रकूट। मृतकों मेें वंदना कक्षा छह में पढ़ती थी। उसके पिता किसान हैं। रोते हुए पिता ने बताया कि शुक्रवार को कन्या भोज में जाने के लिए वंदना स्कूल से जल्दी घर आ गई थी। इसके अलावा दूसरी मृतक कुसुमा ने तो अभी जीवन शुरू ही किया था कि वह हमेशा के लिए गहरी नींद में सो गई। सधुआ की पहली पुत्री कुसुमा भी हंसते-हंसते ट्रैक्टर में सवार हुई थी। कुसुमा चुन्नू की नातिन है। चुन्नू की बड़ी बहू की मनौती में छोटी बहू की पुत्री कुसुमा भी मंदिर जा रही थी। पूरा परिवार इस हादसे से सकते में है।