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‘हर घर में रावण, इतने राम कहां से आएंगे’
Chitrakoot
Updated Fri, 15 Feb 2013 05:31 AM IST
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चित्रकूट। महिला हिंसा को लेकर वनागंना संस्था ने धुस मैदान रामलीला भवन में कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में बालिकाओं के विचारों को सुन कर उन्हें पुरस्कृत भी किया गया। मुख्य अतिथि नगरपालिका अध्यक्ष नीलम करवरिया ने महिला हिंसा के बारे में मंच पर महिलाओं के विचार सुनने के बाद कहा कि रामराज्य नहीं है यह कलयुग का समय है, और हर घर में रावण हैं, इतने राम कहां से आएंगे।
महिला हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए नीलम करवरिया ने कहा कि महिलाओं और बच्चों को जागरूक होना पडे़गा तभी महिला हिंसा को काबू में किया जा सकता है। इस दौरान कार्यक्रम समन्वयक चंद्रकांता ने कहा कि देश में महिलाओं पर हिंसा के मामले बंद होते नहीं दिख रहे हैं। आशा है कि ऐसे जागरूकता भरे कार्यक्रमों से महिलाओं और बच्चों की सोच बदलेगी। महिला अपने अधिकारों को जान सकेगी। घर के चूल्हा-चौका से बाहर निकल सकेंगी। कार्यक्रम के दौरान ही महिला हिंसा से जुड़े कई नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए गए, जिसमें महिलाओं को जागरूक करने के लिए विषय थे। कार्यक्रम में सैकड़ों महिलाएं और स्कूली बच्चे शामिल थे।
इनसेट -------------------
परचम लहराकर निकाली रैली
चित्रकूट। उपज संगठन की संपत देवी ने बताया कि 10 फरवरी से चल रहे ओढ़नी के परचम अभियान का गुरुवार को समापन हुआ। इसके तहत वनांगना, उपज, प्रगति माध्यम, दलित महिला समिति आदि संस्थाओं ने पुरानी बाजार, से पटेल चौराहे तक ओढ़नी, दुपट्टा लहराते हुए रैली निकाली। इसमें सविता, मंजू सहरोज, केता, पूनम, महरुन्निशां, दुर्गा, सुमन, गुड्डो, बिंदू आदि शामिल रहीं।
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महिला हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए नीलम करवरिया ने कहा कि महिलाओं और बच्चों को जागरूक होना पडे़गा तभी महिला हिंसा को काबू में किया जा सकता है। इस दौरान कार्यक्रम समन्वयक चंद्रकांता ने कहा कि देश में महिलाओं पर हिंसा के मामले बंद होते नहीं दिख रहे हैं। आशा है कि ऐसे जागरूकता भरे कार्यक्रमों से महिलाओं और बच्चों की सोच बदलेगी। महिला अपने अधिकारों को जान सकेगी। घर के चूल्हा-चौका से बाहर निकल सकेंगी। कार्यक्रम के दौरान ही महिला हिंसा से जुड़े कई नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए गए, जिसमें महिलाओं को जागरूक करने के लिए विषय थे। कार्यक्रम में सैकड़ों महिलाएं और स्कूली बच्चे शामिल थे।
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परचम लहराकर निकाली रैली
चित्रकूट। उपज संगठन की संपत देवी ने बताया कि 10 फरवरी से चल रहे ओढ़नी के परचम अभियान का गुरुवार को समापन हुआ। इसके तहत वनांगना, उपज, प्रगति माध्यम, दलित महिला समिति आदि संस्थाओं ने पुरानी बाजार, से पटेल चौराहे तक ओढ़नी, दुपट्टा लहराते हुए रैली निकाली। इसमें सविता, मंजू सहरोज, केता, पूनम, महरुन्निशां, दुर्गा, सुमन, गुड्डो, बिंदू आदि शामिल रहीं।
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