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Chandauli : मौसम की गिरावट से फसलों को होगा फायदा, कई जगहों पर बिगड़ा ए क्यू आई, श्वांस रोगियों को दिक्कत
Sun, 05 Jan 2025 07:46 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली
अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Sun, 05 Jan 2025 07:46 PM IST
सार
पिछले 24 घंटे में एक डिग्री अधिकतम और दो डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान में गिरावट आई लेकिन कृषि वैज्ञानिक इसे ठीक मान रहे हैं और कई फसलों के लिए फायदेमंद बता रहे हैं। इसके साथ ही घने कोहरे से दृश्यता शून्य हो जा रही है और श्वांस के रोगियों को परेशानी होने लगी।
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गिरते पारे के साथ राहत की तलाश, अलाव के पास बैठे लोग
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
ठंड बढ़ी है और मौसम में नमी के साथ तापमान की गिरावट हर किसी को परेशान करने लगी है लेकिन कृषि वैज्ञानिक मौसम के इस हाल को फसलों के लिए ठीक मान रहे हैं। उनका ये कहना हे कि इससे कुछ फसलों को फायदा होगा वहीं दूसरी ओर श्वांस के रोगियों के लिए घना कोहरा और गिरता हुआ हवा का स्तर परेशानी का सबब बन रहा है।
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सरसो, आलू, धनिया को नुकसान, गेहूं की फसल को फायदा
जिले के कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी और कृषि वैज्ञानिक डॉ.नरेंद्र रघुवंशी ने कोहरा लगातार कई दिनों तक छाया रहने और हवा में ज्यादा नमीं से सरसों, सिगरी, आलू, धनिया आदि फसलों को नुकसान हो सकता है। क्योंकि इन फसलों में चेपा कीट व रतवा रोग, मटर में सफेद चूर्ण रोग, आलू में झुलसा रोग बढ़ने की संभावना हो जाती है। कोहरा होने के कारण मधुमक्खियां फसलों पर नहीं पहुंच पाती हैं, जिसके कारण सरसों, मटर, सिगरी आदि फसलों में परागण ठीक से नहीं हो पाता है।
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इससे फलियों में दाने कम बनते हैं। भूमि से पौधे पोषक तत्व व पानी लेकर अपनी पत्तियों या हरे भाग द्वारा निश्चित अवधि तक धूप मिलने पर हवा से कार्बन-डाइआक्साइड लेकर अपना मुख्य भोजन कार्बोहाइड्रेट, वसा, प्रोटीन, विटामिन आदि का निर्माण करते हैं। वहीं गेहूं की फसल को फायदा होगा। यह क्रिया प्रकाश संश्लेषण क्रिया कहलाती हैं। ज्यादा दिनों तक कोहरा पड़ने से फसलों व पौधों की प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया बाधित होने लगती है, जिससे फसलों में हल्का पीलापन, कमजोर, कीट व रोग बढ़ने से उत्पादन पर भी असर पड़ने की संभावना बढ़ जाती है।
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घना कोहरा छाया रहने से गेहूं की फसल को फायदा और अन्य फसलों में विपरीत प्रभाव पड़ता है। यदि गेहूं की फसल में पीलापन आ जाए तो मौसम साफ होने पर तीन प्रतिशत यूरिया को पानी में घोलकर छिड़काव करना चाहिए। वहीं किसानों का कहना है कि कोहरा-कुहासा पड़ने पर गेहूं की फसल में अधिक व्यास यानी अधिक झाड़ी आता है। और जिस पौधे में जितना झाड़ी होता है, उतनी ही अधिक पैदावार होती है। दिन में निकल रही धूप फसल की प्रगति को बाधित कर रही है। गेहूं की फसल को प्रारंभिक चरण में न्यूनतम तापमान की आवश्यकता होती है।
कोहरे ने बिगाड़ा हवा का स्तर
जिले में लगातार पड़ रहे कोहरे ने आबोहवा बिगाड़ दी है। आलम यह है कि कोहरे और वाहनों से निकलने वाले धुएं ने जिले की एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) को चार दिनों में 216 से बढ़ाकर 260 कर दिया है। वहीं करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही बफीर्ली पछुआ हवा लोगों को ठंड से राहत नहीं लेने दे रही है। रविवार को सुबह से लेकर शाम तक कोहरा छाया रहा। वहीं ठंड और गलन से लोग परेशान रहे। 24 घंटे में एक डिग्री अधिकतम और दो डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
रविवार को सुबह से शाम तक जिले के कई हिस्सों में घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता सिमटकर बमुश्किल 10 मीटर रही। वहीं कोहरा छंटा तो बादलों ने आसमान को ढंक लिया। इससे पूरे दिन सूर्य के दर्शन नहीं हुए। इससे पहले शनिवार को घने कोहरे और पछुआ हवा संग कंपाने वाली सर्दी से लोग बेहाल रहे। मौसम विभाग की ओर से शनिवार को भीषण सर्दी का अलर्ट जारी किया गया था जो सही साबित हुआ।
शनिवार को अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस था जो रविवार को घटकर अधिकतम तापमान 16 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं गलन से भी राहत नहीं मिली। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में गलन और ठिठुरन बढ़ेगी। सोमवार तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। गलन से बचने के लिए जगह-जगह लोग अलाव का सहारा लेते देखे गए।
जिला प्रशासन की ओर से अभी तक सभी चिह्नित स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे लोग अपने खर्च पर ही इसकी व्यवस्था कर रहे हैं। राज्य कृषि व मौसम विभाग के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में नया पश्चिम विक्षोभ सक्रिय होने से सोमवार को बारिश का अनुमान है। गरज के साथ बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है। हालांकि इससे तापमान में बड़ी गिरावट नहीं आएगी। न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के आसपास रह सकता है।